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Karnal News: पीजी की राह मुश्किल, विद्यार्थियों की अपेक्षा 20 फीसदी सीटें
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- 11 कॉलेजों में हैं स्नातकोत्तर की 2259 सीटें जबकि स्नातक की पढ़ाई पूरी करेंगे करीब 12 हजार विद्यार्थी
- एक तिहाई सीटें कन्या महाविद्यालयों की होने से लड़कों की बढ़ेगी दिक्कत, दूसरे जिलों रुख या दूरवर्ती शिक्षा ही बचेगा विकल्प
गगन तलवार
करनाल। कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद जैसे सभी विद्यार्थियों को जिले के कॉलेजों में स्नातक में दाखिला नहीं हो पाता। वैसे ही कर्ण नगरी में ही स्नातकोत्तर की शिक्षा का सपना भी 80 फीसदी विद्यार्थियों का पूरा नहीं हो पाता। क्योंकि स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ही पीजी की सीटें जिले के कॉलेजों में हैं। ऐसे में शेष विद्यार्थियों को आगे पढ़ने के लिए विकल्प तलाशने होंगे।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के 19 कॉलेजों से विभिन्न स्नातक कोर्स की पढ़ाई करके इस बार भी करीब 12 हजार विद्यार्थी पास होंगे। जबकि 11 कॉलेजों में ही पीजी कोर्स हैं, इनकी भी सरकारी, एडेड और सेल्फ फाइनेंस मिलाकर 2259 सीट हैं। ऐसे में शेष करीब 10 हजार विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। यदि उन्हें आगे पढ़ना है तो उनके पास केवल दूरवर्ती शिक्षा, विश्वविद्यालय या दूसरे जिले में जाकर ही पढ़ाई का विकल्प बचेगा।
सीटों पर साढ़े पांच गुना से ज्यादा विद्यार्थी होने की स्थिति में दाखिले के लिए इस बार कड़ा मुकाबला रहने वाला है। बड़ी बात यह है कि कुल सीटों में चार कॉलेज कन्याओं के हैं यानी यहां की 774 सीटें केवल बेटियों के लिए ही आरक्षित हैं। ऐसे में अन्य सभी को-एजुकेशन कॉलेजों में लड़कों को दाखिले के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि यहां पर भी छात्राओं की आधी सीटों पर दावेदारी रहती है और मेरिट में आने पर उन्हें दाखिला भी मिलता है।
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राजकीय महाविद्यालयों में महज एक तिहाई सीट
पीजी की 2259 सीटों में एक तिहाई सीट ही राजकीय महाविद्यालयों में हैं, जबकि अन्य सीटें एडेड या सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में हैं। चार राजकीय कॉलेजों में महज 785 सीटें हैं, जबकि चार एडेड कॉलेजों में 1214 और तीन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 260 सीटें हैं। राजकीय कॉलेज असंध में महज एक ही पीजी कोर्स है, जबकि मटकमाजरी में तीन, महिला कॉलेज में छह और राजकीय पीजी कॉलेज पंडित चिरंजीलाल शर्मा में आठ कॉलेज हैं।
किस पीजी कॉलेज में कितनी सीटें
कॉलेज
सीटें
राजकीय पीजी कॉलेज
390
राजकीय कॉलेज मटकमाजरी
120
राजकीय कॉलेज असंध
30
राजकीय कन्या कॉलेज रेलवे रोड
245
केवीए डीएवी महिला
302
डीएवी पीजी कॉलेज
370
दयाल सिंह कॉलेज
299
गुरु नानक खालसा कॉलेज
243
आर्य कन्या गुरुकुल मोर माजरा
120
जीवनचानन महिला असंध
80
ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज
60
इस तरह से चलेगी दाखिला प्रक्रिया
- 09 से 11 जुलाई तक : कॉलेज पोर्टल पर कोर्स, विषय, फीस और सीटों का विवरण देंगे।
- 12 से 25 जुलाई तक : पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन फार्म भरेंगे।
- 12 से 25 जुलाई तक : आवेदन फार्म में संशोधन कर सकेंगे। (ओटीपी आधारित)
- 15 से 27 जुलाई तक : कॉलेजों की ओर से ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
- 30 जुलाई से 23 अगस्त तक : दो चरणों में काउंसिलिंग होगी।
निदेशालय ने पीजी कोर्स में दाखिलों के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। विद्यार्थी 12 जुलाई से पोर्टल पर दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले नौ जुलाई से कॉलेजों को पीजी कोर्स, सीट और फीस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
- डॉ. रेखा त्यागी, प्रिंसिपल, राजकीय पीजी कॉलेज
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- एक तिहाई सीटें कन्या महाविद्यालयों की होने से लड़कों की बढ़ेगी दिक्कत, दूसरे जिलों रुख या दूरवर्ती शिक्षा ही बचेगा विकल्प
गगन तलवार
करनाल। कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद जैसे सभी विद्यार्थियों को जिले के कॉलेजों में स्नातक में दाखिला नहीं हो पाता। वैसे ही कर्ण नगरी में ही स्नातकोत्तर की शिक्षा का सपना भी 80 फीसदी विद्यार्थियों का पूरा नहीं हो पाता। क्योंकि स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत ही पीजी की सीटें जिले के कॉलेजों में हैं। ऐसे में शेष विद्यार्थियों को आगे पढ़ने के लिए विकल्प तलाशने होंगे।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले के 19 कॉलेजों से विभिन्न स्नातक कोर्स की पढ़ाई करके इस बार भी करीब 12 हजार विद्यार्थी पास होंगे। जबकि 11 कॉलेजों में ही पीजी कोर्स हैं, इनकी भी सरकारी, एडेड और सेल्फ फाइनेंस मिलाकर 2259 सीट हैं। ऐसे में शेष करीब 10 हजार विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। यदि उन्हें आगे पढ़ना है तो उनके पास केवल दूरवर्ती शिक्षा, विश्वविद्यालय या दूसरे जिले में जाकर ही पढ़ाई का विकल्प बचेगा।
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सीटों पर साढ़े पांच गुना से ज्यादा विद्यार्थी होने की स्थिति में दाखिले के लिए इस बार कड़ा मुकाबला रहने वाला है। बड़ी बात यह है कि कुल सीटों में चार कॉलेज कन्याओं के हैं यानी यहां की 774 सीटें केवल बेटियों के लिए ही आरक्षित हैं। ऐसे में अन्य सभी को-एजुकेशन कॉलेजों में लड़कों को दाखिले के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि यहां पर भी छात्राओं की आधी सीटों पर दावेदारी रहती है और मेरिट में आने पर उन्हें दाखिला भी मिलता है।
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राजकीय महाविद्यालयों में महज एक तिहाई सीट
पीजी की 2259 सीटों में एक तिहाई सीट ही राजकीय महाविद्यालयों में हैं, जबकि अन्य सीटें एडेड या सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में हैं। चार राजकीय कॉलेजों में महज 785 सीटें हैं, जबकि चार एडेड कॉलेजों में 1214 और तीन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में 260 सीटें हैं। राजकीय कॉलेज असंध में महज एक ही पीजी कोर्स है, जबकि मटकमाजरी में तीन, महिला कॉलेज में छह और राजकीय पीजी कॉलेज पंडित चिरंजीलाल शर्मा में आठ कॉलेज हैं।
किस पीजी कॉलेज में कितनी सीटें
कॉलेज
सीटें
राजकीय पीजी कॉलेज
390
राजकीय कॉलेज मटकमाजरी
120
राजकीय कॉलेज असंध
30
राजकीय कन्या कॉलेज रेलवे रोड
245
केवीए डीएवी महिला
302
डीएवी पीजी कॉलेज
370
दयाल सिंह कॉलेज
299
गुरु नानक खालसा कॉलेज
243
आर्य कन्या गुरुकुल मोर माजरा
120
जीवनचानन महिला असंध
80
ग्रीनवुड डिग्री कॉलेज
60
इस तरह से चलेगी दाखिला प्रक्रिया
- 09 से 11 जुलाई तक : कॉलेज पोर्टल पर कोर्स, विषय, फीस और सीटों का विवरण देंगे।
- 12 से 25 जुलाई तक : पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन फार्म भरेंगे।
- 12 से 25 जुलाई तक : आवेदन फार्म में संशोधन कर सकेंगे। (ओटीपी आधारित)
- 15 से 27 जुलाई तक : कॉलेजों की ओर से ऑनलाइन दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
- 30 जुलाई से 23 अगस्त तक : दो चरणों में काउंसिलिंग होगी।
निदेशालय ने पीजी कोर्स में दाखिलों के लिए अधिसूचना भी जारी कर दी है। विद्यार्थी 12 जुलाई से पोर्टल पर दाखिले के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले नौ जुलाई से कॉलेजों को पीजी कोर्स, सीट और फीस की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
- डॉ. रेखा त्यागी, प्रिंसिपल, राजकीय पीजी कॉलेज