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134ए बहाल कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे अभिभावक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 03:00 AM IST
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Parents took to the streets demanding restoration of 134A
लघु सचिचालय में 134ए के विरोध में पहुंचे विभिन्न संगठनों के सदस्य प्रदर्शन करते हुए। संवाद
करनाल। सरकार की ओर से निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा के लिए लागू नियम 134ए को बंद कर दिया है। इसे बहाल करने की मांग को लेकर शनिवार को विभिन्न संस्थाओं के बैनर तले अभिभावक सड़कों पर उतरे। उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी भी की और सरकार का पुतला भी फूंका।
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लघु सचिवालय में जब अभिभावकों ने प्रवेश किया तो पुलिस ने उन्हें गेट पर रोकने का प्रयास किया। बाद में लघु सचिवालय के पार्क में अभिभावकों को जाने दिया, यहां उन्होंने सरकार के नाम सीटीएम मयंक भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा।
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सेवा संस्था, एजूकेशनल वेलफेयर एसोसिएशन के अतिरिक्त कई संगठन के बैनर तले लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि नियम 134ए को बहाल किया जाए। यदि सरकार जल्द इस पर निर्णय नहीं लेती तो अभिभावक मिलकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों में नेता कृष्ण कुटेल, गुरजंट, विवेक और अशोक सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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हमें अनाज नहीं, बच्चों की शिक्षा चाहिए
नारेबाजी करते हुए अभिभावकों ने कहा कि सरकार हमें अनाज न दे लेकिन शिक्षा की व्यवस्था करे। बच्चों को पढ़ाना मुश्किल है। हमारे बच्चे टेस्ट पास करके स्कूलों में दाखिला लेते थे। टेस्ट पास करना उनके काबिल होने का प्रमाण है लेकिन सरकार ने अब ये व्यवस्था खत्म कर दी है। सरकार निजी स्कूलों पर मेहरबान है, उनके हक में निर्णय लिए जा रहे हैं।

फीस बढ़ाने और किताबें लगवाने में कर रहे मनमर्जी
अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शहर के कई नामी स्कूलों ने 20 प्रतिशत तक फीस बढ़ोतरी की है। अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हम इतनी फीस कैसे भरेंगे। नियम 134ए के तहत दाखिल बच्चों से भी फीस मांगी जा रही है। किताबें भी मनमर्जी से निजी प्रकाशकों की लगवाई जा रही हैं। कहां से किताबें खरीदनी है, इस बारे में भी स्कूलों की मनमर्जी चल रही है।
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