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नायब तहसीलदार पेपर लीक का आरोपी प्रिंसिपल चार माह बाद हुआ सस्पेंड
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नायब तहसीलदार पेपर लीक के आरोपी राजीव भुटानी को शिक्षा विभाग ने मामले के चार माह बाद सस्पेंड किया है। वीरवार को स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव महावीर सिंह ने आरोपी प्रिंसिपल के सस्पेंशन के आदेश जारी किए हैं। उन्हें 26 मई 2019 को दर्ज हुए केस की तिथि से ही सस्पेंड किया गया है। बता दें कि आरोपी राजीव भुटानी बस्तली के राजकीय स्कूल में बतौर प्रिंसिपल ड्यूटी कर रहे थे। दो सितंबर को न केवल उन्होंने स्कूल ज्वाइन किया। बल्कि रोजाना रजिस्टर में हाजिरी भी लगा रहे थे। यह भी तब जब रेवाड़ी की अदालत ने उन्हें प्राथमिक दृष्टि से दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुनाई थी और वें जमानत पर जेल से बाहर हैं। और आपराधिक मामला दर्ज होने के बाद भी बिना किसी आदेशों के अपनी मर्जी के सरकारी नौकरी कर रहे थे।
नियम के खिलाफ आरोपी ने कैसे किया ज्वाइन, हो जांच
हरियाणा सरकार के नियमों के मुताबिक जो भी सरकारी कर्मचारी 24 घंटे जेल में रह लेता है, उसे आपराधिक मुकदमा चलते रहने के दौरान निलंबित कर दिया जाता है। एडवोकेट राजेश का कहना है कि फिर आरोपी राजीव भुटानी ने कैसे सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी। इसकी भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि बिना अधिकारियों के संरक्षण के कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसे ड्यूटी नहीं ज्वाइन कर सकता। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यालय भेजी है। इससे तो स्थिति स्पष्ट है कि अधिकारियों को आरोपी द्वारा प्रिंसिपल की ड्यूटी करने का मामला पता था, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं की। इस मामले में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा जांच कराई जानी चाहिए और मिले हुए अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले में आरोपी हैं राजीव
मई माह में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से नायब तहसीलदार पद की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में आरोपी निसिंग खंड के बीईओ एवं प्रिंसिपल राजीव भूटानी द्वारा प्रश्न पत्र को लीक करने का प्रयास किया गया था। प्रशासन की मुस्तैदी से पेपर लीक होने से बचा लिया गया। इस हाई प्रोफाइल मामले में करनाल के निसिंग खंड के बीईओ राजीव भूटानी की गिरफ्तारी की गई। जहां रेवाड़ी की अदालत में उन्हें प्राथमिक दृष्टि से दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुना दी थी।
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अपनी मर्जी से किया ज्वाइन : बलविंद्र सिंह
बस्तली स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल बलविंद्र सिंह का कहना है कि राजीव बुटानी ही उनके स्कूल के प्रिंसिपल थे। उनके जाने के बाद अब डीडी पावर उन्हें सौंपी गई। दो सितंबर को राजीव भुटानी ने अपनी मर्जी से ज्वाइन किया है। विभाग की ओर से उनकी ज्वाइनिंग को लेकर कोई मैसेज नहीं आया था। हमनें विभाग को लिखित में भी इसके बारे में सूचित किया गया था।
मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में डाला गया था। इसके बाद आरोपी राजीव भूटानी को सस्पेंड करने के आदेश जारी हुए हैं। -रविन्द्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल।
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नियम के खिलाफ आरोपी ने कैसे किया ज्वाइन, हो जांच
हरियाणा सरकार के नियमों के मुताबिक जो भी सरकारी कर्मचारी 24 घंटे जेल में रह लेता है, उसे आपराधिक मुकदमा चलते रहने के दौरान निलंबित कर दिया जाता है। एडवोकेट राजेश का कहना है कि फिर आरोपी राजीव भुटानी ने कैसे सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी। इसकी भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि बिना अधिकारियों के संरक्षण के कोई भी सरकारी कर्मचारी ऐसे ड्यूटी नहीं ज्वाइन कर सकता। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यालय भेजी है। इससे तो स्थिति स्पष्ट है कि अधिकारियों को आरोपी द्वारा प्रिंसिपल की ड्यूटी करने का मामला पता था, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं की। इस मामले में उच्च स्तरीय अधिकारियों द्वारा जांच कराई जानी चाहिए और मिले हुए अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
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इस मामले में आरोपी हैं राजीव
मई माह में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से नायब तहसीलदार पद की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में आरोपी निसिंग खंड के बीईओ एवं प्रिंसिपल राजीव भूटानी द्वारा प्रश्न पत्र को लीक करने का प्रयास किया गया था। प्रशासन की मुस्तैदी से पेपर लीक होने से बचा लिया गया। इस हाई प्रोफाइल मामले में करनाल के निसिंग खंड के बीईओ राजीव भूटानी की गिरफ्तारी की गई। जहां रेवाड़ी की अदालत में उन्हें प्राथमिक दृष्टि से दोषी करार देते हुए जेल की सजा सुना दी थी।
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अपनी मर्जी से किया ज्वाइन : बलविंद्र सिंह
बस्तली स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल बलविंद्र सिंह का कहना है कि राजीव बुटानी ही उनके स्कूल के प्रिंसिपल थे। उनके जाने के बाद अब डीडी पावर उन्हें सौंपी गई। दो सितंबर को राजीव भुटानी ने अपनी मर्जी से ज्वाइन किया है। विभाग की ओर से उनकी ज्वाइनिंग को लेकर कोई मैसेज नहीं आया था। हमनें विभाग को लिखित में भी इसके बारे में सूचित किया गया था।
मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में डाला गया था। इसके बाद आरोपी राजीव भूटानी को सस्पेंड करने के आदेश जारी हुए हैं। -रविन्द्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल।