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Karnal News: फेरों से पहले वर-वधू का जन्म प्रमाणपत्र जांचेंगे पंडित जी

Wed, 08 Apr 2026 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Wed, 08 Apr 2026 12:52 AM IST
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Panditji will check the birth certificates of the bride and groom before the wedding rituals.
मानसी माैर्य
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करनाल। शादी करवाने से पहले पंडित वर-वधू का दसवीं का प्रमाणपत्र और जन्म प्रमाणपत्र की जांच करेंगे। अगर कोई पंडित या शादी करवाने वाला बाल विवाह करवाता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं।
विभाग 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर कड़ी निगरानी रखेगा। इस दिन बिना मुहूर्त देखे विवाह करने की परंपरा के चलते बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर कई जगहों पर बाल विवाह भी करवा दिए जाते हैं। महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि अक्षय तृतीया के लिए पूरी टीम पहले से ही तैयार हो चुकी है। 19 अप्रैल तक लगातार सभी गांवों व शहरों में अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होना जरूरी है।
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उन्होंने बताया कि अगर इस आयु से एक दिन भी कम आयु में शादी होती है तो यह कानून अपराध माना जाता है। एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाती है। विभाग की ओर से सभी कॉलेजों, स्कूलों, गांव के सभी सरपंचों, पंडितों, बैक्वेंट हॉल संचालकों, बैंड वाले, और हलवाइयों को विशेष तौर पर जागरूक किया जाएगा, जिसमें उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणाम और सजा की कड़ी कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा ताकि बाल विवाह होने पर रोक लगे। संवाद
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विवाह करवाने वाले पर भी होगी कार्रवाई
अधिकारी सविता राणा ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन शादी करने से पहले लड़के व लड़की की उम्र की पुष्टि जरूर करें। जन्म प्रमाणपत्र और दसवीं कक्षा का प्रमाणपत्र ही मान्य होगा। आधार कार्ड वैध नहीं माना जाएगा। कम उम्र में शादी करवाने वाले गुरु या पंडित पर भी कार्रवाई होगी।

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-बाल विवाह कराने पर सजा का प्रावधान
कानूनी प्रावधान बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की 18 और लड़का 21 वर्ष का होना तय किया गया है। बाल विवाह पर दो साल की सजा, एक लाख जुर्माना है। माता-पिता या अभिभावक भी जिम्मेदार पाए जाने पर कार्रवाई के दायरे में आते हैं। 1098,112,100 और 181 हेल्पलाइन नंबर पर कोई भी बाल विवाह की सूचना गुप्त रूप से दे सकता है।
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बाॅक्स
पिछले 10 साल में बाल विवाह के मामले
वर्ष दर्ज मामले
2015 1
2016 0
2017 9
2018 1
2019 9
2020 1
2021 4
2022 5
2023 4
2024 2
2025 5
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