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Karnal News: 2.57 करोड़ का धान गबन, पूर्व मंडी सचिव, डीएफएससी निरीक्षक और टांसपोर्टर समेत 7 पर प्राथमिकी
Tue, 30 Dec 2025 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:48 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इस सीजन में हुए धान घोटाले की जांच अभी पूरी नहीं हुई थी कि घरौंडा अनाज मंडी में तीन साल पहले के सीजन में हुई खरीद के दौरान 2.57 करोड़ रुपये का धान का गबन सामने आ गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में 11628 क्विंटल धान का फर्जी तौर पर खरीद और फरोख्त सामने आई है। जिसे उस समय के मंडी सचिव नरेश मान, डीएफएससी निरीक्षक संदीप कुमार, ट्रांसपोर्टर सुखदेव एवं कंपनी न्यू वजीर चंद कॉलोनी और राइस मिलरों समेत सात लोगों ने मिलकर अंजाम दिया।
फर्जीवाड़े के दौरान मंडी से धान राइस मिल तक पहुंचने में जिन वाहनों के नंबर पर फर्जी तरीके से गेट पास काटे गए, वे नंबर भी बाइक और कार के निकले हैं। इसके बाद धान फर्जी तौर से मिलों में चला गया। जहां से मिलिंग के बाद सरकार को दूसरे राज्यों से घटिया दर्जे का चावल लाकर लौटाया गया। इस फर्जीवाड़े में 2 करोड़ 56 लाख 98 हजार 708 रुपये का गबन सामने आने के बाद ब्यूरो ने सात आरोपियों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। अब विजिलेंस के महानिदेशक और हरियाणा सरकार से अनुमति मिलने के बाद मामले की जांच ब्यूरो की निरीक्षक प्रवीण कुमारी को सौंपी गई है।
सचिव नरेश मान की थी खरीद व्यवस्था की जिम्मेदारी
ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि घरौंडा अनाज मंडी में वर्ष 2022-2023 में मार्केट कमेटी के तत्कालीन सचिव नरेश मान की खरीफ की फसल की खरीद व्यवस्था की जिम्मेदारी थी। खरीद एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस ने 1788087.68 क्विंटल धान की खरीद की है। इसमें से 11628.38 क्विंटल धान की खरीद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक संदीप कुमार की ओर से की गई थी। उन्होंने खरीद के बाद यह धान घरौंडा की चार राइस मिल गिरीराज ओवरसीज कैमला रोड, रिधि सिद्धी ओवरसीज कुटेल, नंदलाल ओवरसीज और लक्ष्मी राइस मिल में भेजा। जांच में पाया कि इस धान की ढुलाई जिन वाहनों से की गई थी, उनके मालिकों ने सीधे तौर पर नकार दिया कि उनके वाहन धान ढुलाई में प्रयोग ही नहीं किए गए। इसके बाद गेटपास की जांच हुई तो पाया कि फर्जी आउट गेटपास जारी करके धान मिलों में जाना दिखाया गया है। इस तरह फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है।
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बाइक ले गई 5608.875 क्विंटल और ऑल्टो में आया 595.125 क्विंटल धान
जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि फर्जी धान खरीद के बाद जब धान की मंडी से मिल तक ढुलाई करनी थी तो इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक संदीप ने स्पलेंडर, पल्सर बाइक और ऑल्टो कार का प्रयोग किया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से मिले आंकड़ों के अनुसार-
- स्पलेंडर मोटरसाइकिल पर पहले चक्कर में 5608.875 क्विंटल धान लोड़ करके गिरीराज ऑवरसीज में भेजा गया। सरकारी रेट के हिसाब से इस धान की कीमत 1 करोड़ 23 लाख 95 हजार 613.8 रुपये है।
- ऑल्टो कार में रिद्धि सिद्धी व नंद लाल राइस मिल में 595.125 क्विंटल धान गया है। इसकी कीमत भी 1315226.25 रुपये है।
- दूसरी बाइक पर भी नंदलाल ऑवरसीज में 360.75 क्विंटल धान भेजा गया है, इसकी कीमत भी 797257.5 रुपये है।
- पल्सर मोटरसाइकिल से 5063.625 क्विंटल धान लक्ष्मी और गिरीराज राइस मिल में पहुंचाया गया है। इसकी कीमत 1 करोड़ 11 लाख 9 हजार 611.3 रुपये है।
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निरीक्षक की आईडी से जारी किए गए थे गेट पास
जांच में सामने आया कि सीएमआर के लिए गए धान के लिए जो राइस मिलर के नाम आउटवर्ड गेटपास जारी किए, वो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक संदीप की आईडी से जारी किए गए थे। तत्कालीन सचिव नरेश मान और निरीक्षक संदीप ने अपने-अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ट्रांसपोर्टर मैसर्ज सुखदेव एंड कंपनी व राइस मिलर से मिलीभगत करके फर्जी वाहनों के नाम पर फर्जी आउटगेट पास जारी किए थे।
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किस मिल में कितना धान भेजा दिखाया
मिल
: धान (क्विंटल में)
गिरीराज ओवरसीज राइस मिल
: 5608.875
रिद्धी सिद्धी व नंदलाल राइस मिल
: 595.125
नंदलाल ओवरसीज
: 360.75
लक्ष्मी व गिरिराज ओवरसीज राइस मिल
: 5063.625
कुल
: 11628.38
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करनाल। इस सीजन में हुए धान घोटाले की जांच अभी पूरी नहीं हुई थी कि घरौंडा अनाज मंडी में तीन साल पहले के सीजन में हुई खरीद के दौरान 2.57 करोड़ रुपये का धान का गबन सामने आ गया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच में 11628 क्विंटल धान का फर्जी तौर पर खरीद और फरोख्त सामने आई है। जिसे उस समय के मंडी सचिव नरेश मान, डीएफएससी निरीक्षक संदीप कुमार, ट्रांसपोर्टर सुखदेव एवं कंपनी न्यू वजीर चंद कॉलोनी और राइस मिलरों समेत सात लोगों ने मिलकर अंजाम दिया।
फर्जीवाड़े के दौरान मंडी से धान राइस मिल तक पहुंचने में जिन वाहनों के नंबर पर फर्जी तरीके से गेट पास काटे गए, वे नंबर भी बाइक और कार के निकले हैं। इसके बाद धान फर्जी तौर से मिलों में चला गया। जहां से मिलिंग के बाद सरकार को दूसरे राज्यों से घटिया दर्जे का चावल लाकर लौटाया गया। इस फर्जीवाड़े में 2 करोड़ 56 लाख 98 हजार 708 रुपये का गबन सामने आने के बाद ब्यूरो ने सात आरोपियों के खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। अब विजिलेंस के महानिदेशक और हरियाणा सरकार से अनुमति मिलने के बाद मामले की जांच ब्यूरो की निरीक्षक प्रवीण कुमारी को सौंपी गई है।
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सचिव नरेश मान की थी खरीद व्यवस्था की जिम्मेदारी
ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि घरौंडा अनाज मंडी में वर्ष 2022-2023 में मार्केट कमेटी के तत्कालीन सचिव नरेश मान की खरीफ की फसल की खरीद व्यवस्था की जिम्मेदारी थी। खरीद एजेंसी खाद्य एवं आपूर्ति, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउस ने 1788087.68 क्विंटल धान की खरीद की है। इसमें से 11628.38 क्विंटल धान की खरीद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक संदीप कुमार की ओर से की गई थी। उन्होंने खरीद के बाद यह धान घरौंडा की चार राइस मिल गिरीराज ओवरसीज कैमला रोड, रिधि सिद्धी ओवरसीज कुटेल, नंदलाल ओवरसीज और लक्ष्मी राइस मिल में भेजा। जांच में पाया कि इस धान की ढुलाई जिन वाहनों से की गई थी, उनके मालिकों ने सीधे तौर पर नकार दिया कि उनके वाहन धान ढुलाई में प्रयोग ही नहीं किए गए। इसके बाद गेटपास की जांच हुई तो पाया कि फर्जी आउट गेटपास जारी करके धान मिलों में जाना दिखाया गया है। इस तरह फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद कार्रवाई की गई है।
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बाइक ले गई 5608.875 क्विंटल और ऑल्टो में आया 595.125 क्विंटल धान
जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि फर्जी धान खरीद के बाद जब धान की मंडी से मिल तक ढुलाई करनी थी तो इसके लिए खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक संदीप ने स्पलेंडर, पल्सर बाइक और ऑल्टो कार का प्रयोग किया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से मिले आंकड़ों के अनुसार-
- स्पलेंडर मोटरसाइकिल पर पहले चक्कर में 5608.875 क्विंटल धान लोड़ करके गिरीराज ऑवरसीज में भेजा गया। सरकारी रेट के हिसाब से इस धान की कीमत 1 करोड़ 23 लाख 95 हजार 613.8 रुपये है।
- ऑल्टो कार में रिद्धि सिद्धी व नंद लाल राइस मिल में 595.125 क्विंटल धान गया है। इसकी कीमत भी 1315226.25 रुपये है।
- दूसरी बाइक पर भी नंदलाल ऑवरसीज में 360.75 क्विंटल धान भेजा गया है, इसकी कीमत भी 797257.5 रुपये है।
- पल्सर मोटरसाइकिल से 5063.625 क्विंटल धान लक्ष्मी और गिरीराज राइस मिल में पहुंचाया गया है। इसकी कीमत 1 करोड़ 11 लाख 9 हजार 611.3 रुपये है।
निरीक्षक की आईडी से जारी किए गए थे गेट पास
जांच में सामने आया कि सीएमआर के लिए गए धान के लिए जो राइस मिलर के नाम आउटवर्ड गेटपास जारी किए, वो खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक संदीप की आईडी से जारी किए गए थे। तत्कालीन सचिव नरेश मान और निरीक्षक संदीप ने अपने-अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ट्रांसपोर्टर मैसर्ज सुखदेव एंड कंपनी व राइस मिलर से मिलीभगत करके फर्जी वाहनों के नाम पर फर्जी आउटगेट पास जारी किए थे।
किस मिल में कितना धान भेजा दिखाया
मिल
: धान (क्विंटल में)
गिरीराज ओवरसीज राइस मिल
: 5608.875
रिद्धी सिद्धी व नंदलाल राइस मिल
: 595.125
नंदलाल ओवरसीज
: 360.75
लक्ष्मी व गिरिराज ओवरसीज राइस मिल
: 5063.625
कुल
: 11628.38