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आठ नवंबर तक धान खरीद बंद, फिर भी गेटपास को डटे किसान
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हरियाणा सरकार ने 4 से 8 नवंबर तक धान की खरीद पर रोक लगाई हुई है, जिससे अनाज मंडियों में हरियाणा के किसान तो नहीं पहुंच रहे हैं लेकिन प्रतिबंध के बावजूद बड़ी संख्या में सीमांत राज्यों से धान लेकर आए किसान दिवाली की रात से अभी तक मंडियों के बाहर खड़े हैं। इधर, अब हरियाणा के साथ-साथ सीमांत राज्य उत्तर प्रदेश में भी कम ही पीआर धान बचा है। जिससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि शायद इस साल हरियाणा सरकार सीमांत राज्यों का धान खरीदने के पक्ष में नहीं है। तीन नवंबर तक जिले की अनाज मंडियों में कुल 1.04 करोड़ क्विंटल धान खरीदा गया है।
हरियाणा की अनाज मंडियों में राज्य के किसानों के धान की आवक तो कई दिन पहले ही कम हो गई थी। हरियाणा सरकार ने दिवाली के दिन यानी चार नवंबर से आठ नवंबर तक के लिए धान की खरीद बंद कर दी है, जिससे जो स्थानीय किसान धान लेकर आए थे, वह वापस लौट गए हैं। करनाल अनाज मंडी के गेट संख्या तीन पर उत्तर प्रदेश से आए दर्जनों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों में धान लेकर मंडी से बाहर खड़े हैं। मंडी सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि सरकार ने हरियाणा के किसानों के लिए 4 से 8 नवंबर तक खरीद बंद कर रखी है। सीमांत राज्यों का तो पोर्टल ही नहीं खोला गया है, इसलिए सीमांत राज्यों का धान तो खरीदा ही नहीं जा रहा है। जो अन्य राज्यों के किसान धान लेकर यहां खड़े हैं, उनसे वापस जाने को कहा गया है लेकिन इसके बावजूद किसान अभी भी यहां खड़े हैं। इधर, आढ़ती एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि इस बार शायद हरियाणा सरकार पंजीकरण के बावजूद सीमांत राज्यों के किसानों का धान खरीदना नहीं चाहती है। उनका कहना है कि सरकार सीमांत राज्यों के किसानों का धान नहीं खरीदती है तो स्थानीय आढ़तियों व राइस मिलर्स के करोड़ों रुपये डूब सकते हैं।
किस मंडी में कितना खरीदा धान
-जिले की असंध मंडी में 1477160 क्विंटल, बल्ला में 93000, ब्याना में 112710, घरौंडा में 1567590, घीड़ में 133960, इंद्री में 1156520, जुंडला में 912160, करनाल में 2067270, कुंजपुरा में 413600, निगदू में 363400, नीलोखेड़ी में 140470, निसिंग में 1100250 तथा तरावड़ी में 911900 क्विंटल धान की खरीद की गई।
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पिछले साल से 31 लाख क्विंटल कम खरीदा धान
जिले की अनाज मंडियों में खरीद सत्र में अभी तक कुल 10469990 क्विंटल धान खरीदा गया है। जिसमें 6370110 क्विंटल धान खाद्य आपूर्ति विभाग ने 2365720 हैफेड व 1734160 क्विंटल धान हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा खरीदा गया। एफसीआई ने इस बार धान नहीं खरीदा है। जबकि पिछले साल 13571290 क्विंटल धान पूरी सीजन में खरीदा गया था। अभी तक की खरीद पिछले साल की अपेक्षा 3101300 क्विंटल धान कम है। इधर, सरकार ने यूपी आदि सीमांत राज्यों के किसानों के लिए पंजीकरण करने को पोर्टल खोला था तो यूपी के किसानों ने पंजीकरण भी कराया था लेकिन पंजीकरण के बावजूद भी सरकार ने सीमांत राज्यों के किसानों का धान अभी तक नहीं खरीदा है।
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हरियाणा की अनाज मंडियों में राज्य के किसानों के धान की आवक तो कई दिन पहले ही कम हो गई थी। हरियाणा सरकार ने दिवाली के दिन यानी चार नवंबर से आठ नवंबर तक के लिए धान की खरीद बंद कर दी है, जिससे जो स्थानीय किसान धान लेकर आए थे, वह वापस लौट गए हैं। करनाल अनाज मंडी के गेट संख्या तीन पर उत्तर प्रदेश से आए दर्जनों किसान ट्रैक्टर ट्रालियों में धान लेकर मंडी से बाहर खड़े हैं। मंडी सचिव चंद्रप्रकाश ने बताया कि सरकार ने हरियाणा के किसानों के लिए 4 से 8 नवंबर तक खरीद बंद कर रखी है। सीमांत राज्यों का तो पोर्टल ही नहीं खोला गया है, इसलिए सीमांत राज्यों का धान तो खरीदा ही नहीं जा रहा है। जो अन्य राज्यों के किसान धान लेकर यहां खड़े हैं, उनसे वापस जाने को कहा गया है लेकिन इसके बावजूद किसान अभी भी यहां खड़े हैं। इधर, आढ़ती एसोसिएशन ने आशंका जताई है कि इस बार शायद हरियाणा सरकार पंजीकरण के बावजूद सीमांत राज्यों के किसानों का धान खरीदना नहीं चाहती है। उनका कहना है कि सरकार सीमांत राज्यों के किसानों का धान नहीं खरीदती है तो स्थानीय आढ़तियों व राइस मिलर्स के करोड़ों रुपये डूब सकते हैं।
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किस मंडी में कितना खरीदा धान
-जिले की असंध मंडी में 1477160 क्विंटल, बल्ला में 93000, ब्याना में 112710, घरौंडा में 1567590, घीड़ में 133960, इंद्री में 1156520, जुंडला में 912160, करनाल में 2067270, कुंजपुरा में 413600, निगदू में 363400, नीलोखेड़ी में 140470, निसिंग में 1100250 तथा तरावड़ी में 911900 क्विंटल धान की खरीद की गई।
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पिछले साल से 31 लाख क्विंटल कम खरीदा धान
जिले की अनाज मंडियों में खरीद सत्र में अभी तक कुल 10469990 क्विंटल धान खरीदा गया है। जिसमें 6370110 क्विंटल धान खाद्य आपूर्ति विभाग ने 2365720 हैफेड व 1734160 क्विंटल धान हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा खरीदा गया। एफसीआई ने इस बार धान नहीं खरीदा है। जबकि पिछले साल 13571290 क्विंटल धान पूरी सीजन में खरीदा गया था। अभी तक की खरीद पिछले साल की अपेक्षा 3101300 क्विंटल धान कम है। इधर, सरकार ने यूपी आदि सीमांत राज्यों के किसानों के लिए पंजीकरण करने को पोर्टल खोला था तो यूपी के किसानों ने पंजीकरण भी कराया था लेकिन पंजीकरण के बावजूद भी सरकार ने सीमांत राज्यों के किसानों का धान अभी तक नहीं खरीदा है।