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Karnal News: बिना ब्याज ऋण बंद करने का आदेश वापस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Apr 2023 02:31 AM IST
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Order to stop loan without interest withdrawn
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सहकारी समितियों के सदस्य किसानों को उस समय बड़ा झटका लगा था जब 13 अप्रैल को जिला सहकारी बैंक ने किसानों को केसीसी पर डेढ़ लाख रुपये तक की खाद बीज दवाई या नकदी पर सात प्रतिशत ब्याज की माफी को खत्म कर दिया था। कई किसान संगठनों ने आंदोलन छेड़ने का तैयारी शुरू कर दी थी। सहकारी समितियों को किसानों से सात प्रतिशत तक का ब्याज वसूलना पड़ता। राहत की बात ये है कि 19 अप्रैल को ही सरकार ने 13 अप्रैल को जारी आदेश को वापस ले लिया है और अब किसानों को पूर्व की भांति ही बिना ब्याज ऋण मिलता रहेगा।
अभी तक सहकारी समितियों के किसान सदस्यों को डेढ़ लाख रुपये तक का ऋण बिना किसी ब्याज के मिलता है। हालांकि इन पर सात फीसदी का ब्याज लगता है, जिसमें तीन प्रतिशत केंद्र सरकार व चार प्रतिशत ब्याज का भुगतान राज्य सरकार करती है। किसानों को ब्याज का कोई पैसा नहीं देना होता है। जिसमें किसान खाद, बीज, खरपतवारनाशक दवाइयां या फिर नकद राशि ले सकता है। समय पर उसे जमा करना होता है। लेकिन 13 अप्रैल को हरियाणा राज्य सहकारी एपेक्स बैंक लिमिटेड की ओर से आदेश जारी कर लिया गया था अब ब्याज राहत प्रदान नहीं की जा सकेगी।
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स्वागत योग्य कदम
सहकारी समितियों द्वारा केसीसी पर जो बिना ब्याज के ऋण दिया जाता था, उसे अब अधिकृत बैंक ने बंद करने का फैसला लिया था। जिसके कारण सहकारी समितियों में भी खलबली थी, क्योंकि किसानों से ब्याज की वसूली तो समितियों को ही करनी थी, लेकिन अब बैंक व सरकार ने ब्याज राहत बंद करने का आदेश वापस ले लिया है, जो स्वागत योग्य है।
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- कुलदीप सिंह, राज्य प्रधान, पैक्स कर्मचारी संघ हरियाणा

अन्यथा करेंगे आंदोलन
- सहकारी समितियों में किसानों को ब्याज रहित लोन बंद करने से भारी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि अधिकतर किसान सहकारी समितियों से बिना ब्याज के ऋण लेकर ही अपना काम चलाते हैं। अभी सुना तो है कि इसे वापस ले लिया गया लेकिन यदि वापस नहीं लिया गया तो शीघ्र बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

- बहादुर मेहला, प्रवक्ता, भाकियू (सर छोटूराम) करनाल

सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को जो सात प्रतिशत ब्याज की राहत को बंद करने का आदेश 13 अप्रैल को जारी किया गया था, उसे सरकार ने तत्काल प्रभाव से किसान हित में वापस ले लिया है। अब जो व्यवस्था पहले से चली आ रही है, उसी तरह जारी रहेगी।
- शीतल पानू, महाप्रबंधक जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, करनाल
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