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ब्याज सहित 55 करोड़ की आढ़त का मामला तीन माह में निपटाने के आदेश
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करीब 30 करोड़ रुपये के ब्याज सहित कुल 55 करोड़ रुपये की आढ़त आदि की देनदारी को लेकर हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को सीधे तौर पर न्यायालय ने कोई राहत नहीं दी है, लेकिन ये आदेश जरूर दिया है कि हरियाणा सरकार इस मामले को तीन महीने में निस्तारित करे। यदि इस मामले को समयावधि में निस्तारित करने में विफल रहती है तो संबंधित अधिकारी को 20 हजार रुपये अपनी जेब से न्यायालय में जमा कराने होंगे। हालांकि एसोसिएशन इसे बड़ी राहत मान रही है। स्टेट चेयरमैन ने कहा है कि इससे अब राज्य के करीब 35 हजार आढ़तियों को काटी गई आढ़त व देरी से भुगतान पर ब्याज मिलने का रास्ता साफ हो सकेगा।
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2019-20 के दौरान प्रदेशभर के आढ़तियों के करीब पांच सौ करोड़ रुपये रोके गए थे। जिनका भुगतान करीब छह महीने के बाद किया गया था। इस अवधि का ब्याज करीब 30 करोड़ रुपये बनता है। इसके साथ-साथ हरियाणा सरकार ने फसल खरीद के दौरान आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत आढ़त (दामी) देने का एलान किया था, जो करीब 49.80 रुपये प्रति क्विंटल बनती है, लेकिन केंद्र सरकार ने आढ़तियों को इसका भुगतान 46 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किया था। करीब 3.80 रुपये प्रति क्विंटल कम भुगतान किया गया था, जो करीब 25 करोड़ रुपये बनता है। हरियाणा सरकार से लगातार मांग की गई, लेकिन बात नहीं बनी तो एसोसिएशन हाईकोर्ट गई थी। रजनीश चौधरी ने बताया कि 29 जुलाई 2022 को न्यायालय ने हरियाणा सरकार को तीन माह के अंदर नियमानुसार इस मामले को निस्तारित करने का आदेश दिया है।
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी मानते हैं कि कम से कम अब हरियाणा सरकार इस मसले पर तय समय में गंभीरता से विचार करेगी। एसोसिएशन के साथ बातचीत करके मसले का हल निकालने का प्रयास करेगी। जिससे आढ़तियों को रोकी गई रकम व ब्याज मिलने की पूरी संभावना है।
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करनाल। करीब 30 करोड़ रुपये के ब्याज सहित कुल 55 करोड़ रुपये की आढ़त आदि की देनदारी को लेकर हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन को सीधे तौर पर न्यायालय ने कोई राहत नहीं दी है, लेकिन ये आदेश जरूर दिया है कि हरियाणा सरकार इस मामले को तीन महीने में निस्तारित करे। यदि इस मामले को समयावधि में निस्तारित करने में विफल रहती है तो संबंधित अधिकारी को 20 हजार रुपये अपनी जेब से न्यायालय में जमा कराने होंगे। हालांकि एसोसिएशन इसे बड़ी राहत मान रही है। स्टेट चेयरमैन ने कहा है कि इससे अब राज्य के करीब 35 हजार आढ़तियों को काटी गई आढ़त व देरी से भुगतान पर ब्याज मिलने का रास्ता साफ हो सकेगा।
हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2019-20 के दौरान प्रदेशभर के आढ़तियों के करीब पांच सौ करोड़ रुपये रोके गए थे। जिनका भुगतान करीब छह महीने के बाद किया गया था। इस अवधि का ब्याज करीब 30 करोड़ रुपये बनता है। इसके साथ-साथ हरियाणा सरकार ने फसल खरीद के दौरान आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत आढ़त (दामी) देने का एलान किया था, जो करीब 49.80 रुपये प्रति क्विंटल बनती है, लेकिन केंद्र सरकार ने आढ़तियों को इसका भुगतान 46 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किया था। करीब 3.80 रुपये प्रति क्विंटल कम भुगतान किया गया था, जो करीब 25 करोड़ रुपये बनता है। हरियाणा सरकार से लगातार मांग की गई, लेकिन बात नहीं बनी तो एसोसिएशन हाईकोर्ट गई थी। रजनीश चौधरी ने बताया कि 29 जुलाई 2022 को न्यायालय ने हरियाणा सरकार को तीन माह के अंदर नियमानुसार इस मामले को निस्तारित करने का आदेश दिया है।
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हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारी मानते हैं कि कम से कम अब हरियाणा सरकार इस मसले पर तय समय में गंभीरता से विचार करेगी। एसोसिएशन के साथ बातचीत करके मसले का हल निकालने का प्रयास करेगी। जिससे आढ़तियों को रोकी गई रकम व ब्याज मिलने की पूरी संभावना है।
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