{"_id":"693887ed7441cf14150d8e98","slug":"only-rs-525-lakh-recovered-out-of-rs-20-crore-only-5-out-of-25-arrested-karnal-news-c-18-knl1018-798314-2025-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: 20 करोड़ में से सिर्फ 5.25 लाख बरामद, 25 में 5 की ही गिरफ्तारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: 20 करोड़ में से सिर्फ 5.25 लाख बरामद, 25 में 5 की ही गिरफ्तारी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में हुए 20 करोड़ रुपये के धान घोटाले में 25 आरोपियों में से अब तक केवल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। केवल 5.25 लाख रुपये की ही बरामदगी हो पाई है। घोटाले में छह प्राथमिकी दर्ज हुए एक माह से ज्यादा का समय बीत गया है। पिछले दिनों दो अधिकारियों (सचिव आशा रानी और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल) और दो मिल मालिकों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड़ और मार्केटिंग बोर्ड की जांच में 17 अधिकारी-कर्मचारी शामिल पाए गए हैं। धान घोटाले में कुल छह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें शामिल 17 अधिकारियों में से 11 को निलंबित किया जा चुका है। इनमें घरौंडा के खाद्य आपूर्ति निरीक्षक यशवीर सिंह, जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ, अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश और तरावड़ी मंडी के सहायक निरीक्षक रामफल शामिल हैं। असंध की दो राइस मिल में हुए घोटाले में हैफेड के जिला मैनेजर अमित कुमार, असंध प्रबंधक सुरेंद्र, निरीक्षक अशोक को निलंबित किया जा चुका है।
करनाल मंडी में हुए गेटपास फर्जीवाड़े में मार्केट कमेटी सचिव करनाल आशा रानी, ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल और मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली को निलंबित किया जा चुका है। गेटपास फर्जीवाड़े में आरोपी मार्केट कमेटी कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अमित कुमार और अजय कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली, कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश व अंकित को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। मामले में आरोपी पंकज तुली की जेल में तबियत खराब होने के बाद पीजीआई में ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हो चुकी है। तरावड़ी पुलिस थाना में वहां के मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा पर प्राथमिकी दर्ज हुए थी। लेकिन उन्हें निलंबित नहीं किया गया है। जबकि विभाग की ओर से उनको भी चार्जशीट कर दिया गया है।
विज्ञापन
-- -- --
दो को मिल चुकी अग्रिम जमानत
करनाल के धान घोटाले में चार प्राथमिकियों में आठ राइस मिल मालिकों के नाम शामिल हैं। इनमें से असंध में हुए 9.25 करोड़ के धान घोटाले में आरोपी मिलर शीशपाल और सुनील गोयल को असंध पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इसी मामले में शामिल आरोपी तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इंद्री थाना में दर्ज प्राथमिकी में एएस राइस मिल के दो संचालकों अशोक कुमार निवासी चौरा, डबकौली और संजय कुमार निवासी वार्ड-13, निरंकारी कॉलोनी, इंद्री को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इनके अलावा बुटाना थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल यूनाइटेड फूड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह, साझेदार संतोष रानी, सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में बतान फूड्स राइस मिल सलारु के संचालक सतीश कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
-- -- -- -
30 से अधिक खाते किए जा चुके फ्रीज
पुलिस ने जांच में कई किसानों को भी चिह्नित किया, जिनके खाते में कागजों में बेचे गए फर्जी धान का भुगतान हुआ है। अभी तब 30 से अधिक किसानों और मिलर के खाते सीज किए जा चुके हैं। ताकि फर्जी धान का जो भुगतान किसानों के खाते में गया है, उसको निकाला न जा सके। अभी भी पुलिस की जांच जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में बड़ा खुलासा और अन्य लोग शामिल होने की संभावना है।
विज्ञापन
करनाल। जिले में हुए 20 करोड़ रुपये के धान घोटाले में 25 आरोपियों में से अब तक केवल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। केवल 5.25 लाख रुपये की ही बरामदगी हो पाई है। घोटाले में छह प्राथमिकी दर्ज हुए एक माह से ज्यादा का समय बीत गया है। पिछले दिनों दो अधिकारियों (सचिव आशा रानी और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल) और दो मिल मालिकों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड़ और मार्केटिंग बोर्ड की जांच में 17 अधिकारी-कर्मचारी शामिल पाए गए हैं। धान घोटाले में कुल छह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें शामिल 17 अधिकारियों में से 11 को निलंबित किया जा चुका है। इनमें घरौंडा के खाद्य आपूर्ति निरीक्षक यशवीर सिंह, जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, अनाज मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ, अनाज मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश और तरावड़ी मंडी के सहायक निरीक्षक रामफल शामिल हैं। असंध की दो राइस मिल में हुए घोटाले में हैफेड के जिला मैनेजर अमित कुमार, असंध प्रबंधक सुरेंद्र, निरीक्षक अशोक को निलंबित किया जा चुका है।
विज्ञापन
करनाल मंडी में हुए गेटपास फर्जीवाड़े में मार्केट कमेटी सचिव करनाल आशा रानी, ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल और मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली को निलंबित किया जा चुका है। गेटपास फर्जीवाड़े में आरोपी मार्केट कमेटी कर्मचारी राजेंद्र कुमार, अमित कुमार और अजय कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। मामले में मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली, कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश व अंकित को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। मामले में आरोपी पंकज तुली की जेल में तबियत खराब होने के बाद पीजीआई में ब्रेन हेमरेज के कारण मौत हो चुकी है। तरावड़ी पुलिस थाना में वहां के मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा पर प्राथमिकी दर्ज हुए थी। लेकिन उन्हें निलंबित नहीं किया गया है। जबकि विभाग की ओर से उनको भी चार्जशीट कर दिया गया है।
विज्ञापन
दो को मिल चुकी अग्रिम जमानत
करनाल के धान घोटाले में चार प्राथमिकियों में आठ राइस मिल मालिकों के नाम शामिल हैं। इनमें से असंध में हुए 9.25 करोड़ के धान घोटाले में आरोपी मिलर शीशपाल और सुनील गोयल को असंध पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इसी मामले में शामिल आरोपी तरसेम पुलिस गिरफ्त से बाहर है। इंद्री थाना में दर्ज प्राथमिकी में एएस राइस मिल के दो संचालकों अशोक कुमार निवासी चौरा, डबकौली और संजय कुमार निवासी वार्ड-13, निरंकारी कॉलोनी, इंद्री को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। इनके अलावा बुटाना थाना में दर्ज प्राथमिकी में शामिल यूनाइटेड फूड राइस मिल के मालिक नसीब सिंह, साझेदार संतोष रानी, सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में बतान फूड्स राइस मिल सलारु के संचालक सतीश कुमार पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।
30 से अधिक खाते किए जा चुके फ्रीज
पुलिस ने जांच में कई किसानों को भी चिह्नित किया, जिनके खाते में कागजों में बेचे गए फर्जी धान का भुगतान हुआ है। अभी तब 30 से अधिक किसानों और मिलर के खाते सीज किए जा चुके हैं। ताकि फर्जी धान का जो भुगतान किसानों के खाते में गया है, उसको निकाला न जा सके। अभी भी पुलिस की जांच जारी है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में बड़ा खुलासा और अन्य लोग शामिल होने की संभावना है।