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Karnal News: लंबित 12 मामलों में से चार ही निपटे
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग पर खामियों और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़क हादसे बढ़ गए हैं, जिनमें लोगों की जान भी जा रही है। इन्हें रोकने में प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। ऐसे में हर माह सड़क सुरक्षा समिति की बैठक महज आदेश पारित होने के साथ ही खानापूर्ति मात्र साबित हो रही है।
हालात यह हैं कि बैठक के एजेंडे में शामिल 12 पुराने मामलों में से इस बार भी महज चार पर ही समाधान हो पाया है, जबकि आठ को फिर कार्यवाही के लिए लंबित रखा गया है। इनमें से कुछ एजेंडे तो जुलाई 2024 माह से लंबित हैं।
यह स्थिति भी तब है, जब हर माह होने वाले बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से कार्य नहीं किया गया। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सड़क हादसों की संख्या बढ़ गई है। चौकाने वाली स्थिति यह है कि जनवरी माह में 30 घातक हादसे यहां हुए।
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वीरवार को लघु सचिवालय में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सबसे पहले अधिकारियों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया। जनवरी माह की बैठक में जो अधिकारी सड़क पर लगी पट्टी का अर्थ नहीं बता पाए थे, उन्हें भी इस बार बैठक की शुरुआत में सबसे पहले नियमों की जानकारी दी गई।
इसके बाद एडीसी की अध्यक्षता में आगामी कार्रवाई शुरू हुई। महज सामान्य एवं छोटी खामियों पर निर्देश पारित करके बैठक संपन्न कर ली गई। जनवरी माह में 71 सड़क दुर्घटनाएं हुईं जिनमें से 35 घातक दुर्घटनाओं में 36 लोगों की मौत हुई और 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
बड़ी बात यह है कि 71 सड़क दुर्घटनाओं में से 30 हादसे केवल राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-44 से संबंधित हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां के सुधार को लेकर कोई विशेष योजना नहीं बनाई गई।
तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने पर बढ़ेगी सख्ती ः चालान रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और तेज गति से चलने वाले वाहनों के अधिक से अधिक चालान किए जाए।
इसके अलावा आईसीसीसी में पुलिस के दो कर्मचारियों की ड्यूटी घोषणा के लिए लगाई जाए और उनको पहले प्रशिक्षित किया जाए। हाईवे एसएचओ को निर्देश दिए कि हाईवे पर गाड़ी न खड़ी होने दें। आरटीए विभाग ने जनवरी में ओवरलोड के 582 चालान करके 1.30 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। जबकि पुलिस ने 15724 वाहनों के चालान करके 21.30 लाख रुपये जुर्माना वसूला।
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करनाल। राष्ट्रीय राजमार्ग पर खामियों और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण सड़क हादसे बढ़ गए हैं, जिनमें लोगों की जान भी जा रही है। इन्हें रोकने में प्रशासन ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है। ऐसे में हर माह सड़क सुरक्षा समिति की बैठक महज आदेश पारित होने के साथ ही खानापूर्ति मात्र साबित हो रही है।
हालात यह हैं कि बैठक के एजेंडे में शामिल 12 पुराने मामलों में से इस बार भी महज चार पर ही समाधान हो पाया है, जबकि आठ को फिर कार्यवाही के लिए लंबित रखा गया है। इनमें से कुछ एजेंडे तो जुलाई 2024 माह से लंबित हैं।
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यह स्थिति भी तब है, जब हर माह होने वाले बैठक में उपायुक्त उत्तम सिंह अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करते हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से कार्य नहीं किया गया। इधर, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर सड़क हादसों की संख्या बढ़ गई है। चौकाने वाली स्थिति यह है कि जनवरी माह में 30 घातक हादसे यहां हुए।
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वीरवार को लघु सचिवालय में हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सबसे पहले अधिकारियों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया। जनवरी माह की बैठक में जो अधिकारी सड़क पर लगी पट्टी का अर्थ नहीं बता पाए थे, उन्हें भी इस बार बैठक की शुरुआत में सबसे पहले नियमों की जानकारी दी गई।
इसके बाद एडीसी की अध्यक्षता में आगामी कार्रवाई शुरू हुई। महज सामान्य एवं छोटी खामियों पर निर्देश पारित करके बैठक संपन्न कर ली गई। जनवरी माह में 71 सड़क दुर्घटनाएं हुईं जिनमें से 35 घातक दुर्घटनाओं में 36 लोगों की मौत हुई और 15 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
बड़ी बात यह है कि 71 सड़क दुर्घटनाओं में से 30 हादसे केवल राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-44 से संबंधित हैं। सूत्रों के अनुसार, यहां के सुधार को लेकर कोई विशेष योजना नहीं बनाई गई।
तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने पर बढ़ेगी सख्ती ः चालान रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और तेज गति से चलने वाले वाहनों के अधिक से अधिक चालान किए जाए।
इसके अलावा आईसीसीसी में पुलिस के दो कर्मचारियों की ड्यूटी घोषणा के लिए लगाई जाए और उनको पहले प्रशिक्षित किया जाए। हाईवे एसएचओ को निर्देश दिए कि हाईवे पर गाड़ी न खड़ी होने दें। आरटीए विभाग ने जनवरी में ओवरलोड के 582 चालान करके 1.30 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया। जबकि पुलिस ने 15724 वाहनों के चालान करके 21.30 लाख रुपये जुर्माना वसूला।