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अमेरिका, यूरोप भेजने के नाम पर चाचा-भतीजे से ठगे दस लाख रुपये
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अमेरिका और यूरोप का वीजा दिलाने के नाम पर चाचा-भतीजे से 10 लाख रुपये की ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव सुल्तानपुर निवासी राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी आर्यन चोपड़ा विदेश भेजने का काम करता है। उसका आरोपी से कुछ महीने पहले संपर्क हुआ था। उसने पहले अपना नाम साहिल खन्ना बताया और कहा कि वह अमरीकन एंबेसी दिल्ली में कार्य करता है और आरपीओ ग्रुप इंडिया नामक कंपनी को भी चलाता है। ये कंपनी लोगों को विदेश भेजने का काम करती है।
उसकी बातों में आकर उसने खुद को अमेरिका और अपने भतीजे यश चौहान को यूरोप भेजने के लिए उससे बातचीत की। आरोपी ने दोनों को अमेरिका और यूरोप भेजने के लिए दस लाख रुपये मांगे। उसने छह लाख रुपये आरोपी के बताए गए बैंक खाते में डलवा दिए। यह रकम 15 दिसंबर 2021 से 24 दिसंबर 2021 के बीच डलवाई गई। इसके अलावा चार लाख रुपये उसे उसने दिल्ली में नकद दिए। इसके बाद कई दिनों तक उसकी आरोपी से बात होती रही। आरोपी कहता रहा कि जल्द दोनों का वीजा लग जाएगा लेकिन पांच जनवरी के बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया। उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। आरोपी उससे दस लाख रुपये ठगकर ले गया।
विदेश का दोस्त बनकर 11 लाख रुपये ठगे
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। गांव डाचर निवासी एक व्यक्ति से विदेशी दोस्त बनकर साइबर ठग ने 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव डाचर निवासी सुखदीप सिंह ने बताया कि देव विर्क नाम का उसका एक दोस्त अमेरिका रहता है। उसकी आईडी से मैसेंजर पर एक फरवरी को कॉल आई। उसने बताया कि वह देव विर्क बोल रहा है। उसका एक दोस्त भारत आया हुआ है। उसे रुपयों की सख्त जरूरत है क्योंकि उसके दोस्त की पत्नी अस्पताल में दाखिल है। इसलिए उसके खाते में रुपये डाल दो। उसने पहले 8 लाख रुपये, इसके बाद दो लाख, एक लाख रुपये गुगल पे से उसके खाते में डाल दिए। इसके बाद जब उसने देव विर्क से पूछा कि रुपये खाते में आए कि नहीं तो वह हैरान रह गया और बोला कि उसने रुपये नहीं मांगे। मैंने पूरी घटना उसे बताई तो ठगी का पता चला।
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करनाल। अमेरिका और यूरोप का वीजा दिलाने के नाम पर चाचा-भतीजे से 10 लाख रुपये की ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव सुल्तानपुर निवासी राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी आर्यन चोपड़ा विदेश भेजने का काम करता है। उसका आरोपी से कुछ महीने पहले संपर्क हुआ था। उसने पहले अपना नाम साहिल खन्ना बताया और कहा कि वह अमरीकन एंबेसी दिल्ली में कार्य करता है और आरपीओ ग्रुप इंडिया नामक कंपनी को भी चलाता है। ये कंपनी लोगों को विदेश भेजने का काम करती है।
उसकी बातों में आकर उसने खुद को अमेरिका और अपने भतीजे यश चौहान को यूरोप भेजने के लिए उससे बातचीत की। आरोपी ने दोनों को अमेरिका और यूरोप भेजने के लिए दस लाख रुपये मांगे। उसने छह लाख रुपये आरोपी के बताए गए बैंक खाते में डलवा दिए। यह रकम 15 दिसंबर 2021 से 24 दिसंबर 2021 के बीच डलवाई गई। इसके अलावा चार लाख रुपये उसे उसने दिल्ली में नकद दिए। इसके बाद कई दिनों तक उसकी आरोपी से बात होती रही। आरोपी कहता रहा कि जल्द दोनों का वीजा लग जाएगा लेकिन पांच जनवरी के बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया। उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हुआ। आरोपी उससे दस लाख रुपये ठगकर ले गया।
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विदेश का दोस्त बनकर 11 लाख रुपये ठगे
संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग। गांव डाचर निवासी एक व्यक्ति से विदेशी दोस्त बनकर साइबर ठग ने 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव डाचर निवासी सुखदीप सिंह ने बताया कि देव विर्क नाम का उसका एक दोस्त अमेरिका रहता है। उसकी आईडी से मैसेंजर पर एक फरवरी को कॉल आई। उसने बताया कि वह देव विर्क बोल रहा है। उसका एक दोस्त भारत आया हुआ है। उसे रुपयों की सख्त जरूरत है क्योंकि उसके दोस्त की पत्नी अस्पताल में दाखिल है। इसलिए उसके खाते में रुपये डाल दो। उसने पहले 8 लाख रुपये, इसके बाद दो लाख, एक लाख रुपये गुगल पे से उसके खाते में डाल दिए। इसके बाद जब उसने देव विर्क से पूछा कि रुपये खाते में आए कि नहीं तो वह हैरान रह गया और बोला कि उसने रुपये नहीं मांगे। मैंने पूरी घटना उसे बताई तो ठगी का पता चला।