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आज घरों और पंडालों में विराजेंगे गजानन, स्वागत को तैयार भक्त
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oday Gajanan will sit in homes and pandals, devotees ready to welcome
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गणेश चतुर्थी पर बुधवार को गजानन घरों और पंडालों में विराजेंगे। जिनका स्वागत करने के लिए भक्त तैयार हैं। 10 दिन तक गणपति जी की लगातार पूजा-अर्चना के बाद उनकी प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि घर में गणेश जी की मूर्ति लाते समय, उनकी मुद्रा पर ध्यान देना न भूलें। आदर्श रूप से, ललितासन में गणेश जी की मूर्ति को सबसे अच्छा माना जाता है। इसे बैठे हुए गणेश जी के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा गणपति बप्पा के चित्र या लेटने की मुद्रा में गणेश जी की तस्वीर भी बहुत भाग्यशाली मानी जाती हैं। क्योंकि यह आराम और धन का प्रतिनिधित्व करती है।
अपने घर के लिए गणपति जी की मूर्ति चुनते समय, गणेश जी की सूंड पर ध्यान देना आवश्यक है। वास्तु के अनुसार गणेशजी की मूर्ति की सूंड बाईं ओर झुकी होनी चाहिए, क्योंकि यह सफलता और समृद्धि की दिशा मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि दाईं ओर झुकी हुई सूंड वाली गणेशजी को प्रसन्न करना थोड़ा कठिन होता है।
पंडित विनोद शास्त्री का कहना है कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के लिए सफेद रंग की गणेश मूर्ति उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो शांति और समृद्धि चाहते हैं। पश्चिम, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करना अच्छा माना जाता है।
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शुभ मुहूर्त
भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि की शुरुआत 30 अगस्त 2022 को दोपहर 03 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 31 अगस्त 2022 को दोपहर 03 बजकर 23 मिनट पर खत्म हो जाएगी। पदम पुराण के अनुसार भगवान श्री गणेश का जन्म स्वाति नक्षत्र में मध्य काल में हुआ था, इसी वजह से 31 अगस्त को भगवान श्री गणेश की पूजा करना शुभ और लाभकारी होगा।
महाराष्ट्र से मंगाई मूर्ति
श्री गणेश महोत्सव मंडल के प्रधान दत्ता भोसले ने बताया कि गणेश उत्सव पर पंडाल पिछले 27 वर्षों से लगाया जा रहा है। 31 अगस्त से छह सितंबर तक हम गणेश उत्सव मनाएंगे। बुधवार शाम छह बजे श्री 108 राम दास महाराज द्वारा पंडाल में मूर्ति की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस गणेश भगवान की मूर्ति की स्थापना होने वाली है, वह साढ़े तीन फीट की है। वह महाराष्ट्र से मंगवाई गई है।
कई परिवारों ने मिलकर बनाया पंडाल
रामनगर निवासी हिना ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उनके द्वारा गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इस साल पहली बार गणेश जी के लिए पंडाल सजाया गया है, इससे पहले वह घर पर ही गणेश की मूर्ति की स्थापना कर आराधना करती थी। इस बार कई परिवारों ने मिलकर इस पंडाल की तैयारी की है।
उतारी जाएगी आरती
हनुमान गली के अमरजीत मित्तल ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह गणेश उत्सव मना रहे हैं। गणपति आगमन के लिए पंडाल सजकर तैयार है। बुधवार को शोभायात्रा निकाली जाएगी और दोपहर को आरती के साथ गणेश जी को विराजमान किया जाएगा। आठ सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा।
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करनाल। गणेश चतुर्थी पर बुधवार को गजानन घरों और पंडालों में विराजेंगे। जिनका स्वागत करने के लिए भक्त तैयार हैं। 10 दिन तक गणपति जी की लगातार पूजा-अर्चना के बाद उनकी प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि घर में गणेश जी की मूर्ति लाते समय, उनकी मुद्रा पर ध्यान देना न भूलें। आदर्श रूप से, ललितासन में गणेश जी की मूर्ति को सबसे अच्छा माना जाता है। इसे बैठे हुए गणेश जी के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा गणपति बप्पा के चित्र या लेटने की मुद्रा में गणेश जी की तस्वीर भी बहुत भाग्यशाली मानी जाती हैं। क्योंकि यह आराम और धन का प्रतिनिधित्व करती है।
अपने घर के लिए गणपति जी की मूर्ति चुनते समय, गणेश जी की सूंड पर ध्यान देना आवश्यक है। वास्तु के अनुसार गणेशजी की मूर्ति की सूंड बाईं ओर झुकी होनी चाहिए, क्योंकि यह सफलता और समृद्धि की दिशा मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि दाईं ओर झुकी हुई सूंड वाली गणेशजी को प्रसन्न करना थोड़ा कठिन होता है।
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पंडित विनोद शास्त्री का कहना है कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के लिए सफेद रंग की गणेश मूर्ति उन लोगों के लिए सही विकल्प है जो शांति और समृद्धि चाहते हैं। पश्चिम, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना करना अच्छा माना जाता है।
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शुभ मुहूर्त
भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि की शुरुआत 30 अगस्त 2022 को दोपहर 03 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 31 अगस्त 2022 को दोपहर 03 बजकर 23 मिनट पर खत्म हो जाएगी। पदम पुराण के अनुसार भगवान श्री गणेश का जन्म स्वाति नक्षत्र में मध्य काल में हुआ था, इसी वजह से 31 अगस्त को भगवान श्री गणेश की पूजा करना शुभ और लाभकारी होगा।
महाराष्ट्र से मंगाई मूर्ति
श्री गणेश महोत्सव मंडल के प्रधान दत्ता भोसले ने बताया कि गणेश उत्सव पर पंडाल पिछले 27 वर्षों से लगाया जा रहा है। 31 अगस्त से छह सितंबर तक हम गणेश उत्सव मनाएंगे। बुधवार शाम छह बजे श्री 108 राम दास महाराज द्वारा पंडाल में मूर्ति की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस गणेश भगवान की मूर्ति की स्थापना होने वाली है, वह साढ़े तीन फीट की है। वह महाराष्ट्र से मंगवाई गई है।
कई परिवारों ने मिलकर बनाया पंडाल
रामनगर निवासी हिना ने बताया कि पिछले दो वर्षों से उनके द्वारा गणेश उत्सव मनाया जा रहा है। इस साल पहली बार गणेश जी के लिए पंडाल सजाया गया है, इससे पहले वह घर पर ही गणेश की मूर्ति की स्थापना कर आराधना करती थी। इस बार कई परिवारों ने मिलकर इस पंडाल की तैयारी की है।
उतारी जाएगी आरती
हनुमान गली के अमरजीत मित्तल ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह गणेश उत्सव मना रहे हैं। गणपति आगमन के लिए पंडाल सजकर तैयार है। बुधवार को शोभायात्रा निकाली जाएगी और दोपहर को आरती के साथ गणेश जी को विराजमान किया जाएगा। आठ सितंबर को गणपति विसर्जन किया जाएगा।