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Karnal News: टीबी मरीजों का पौष्टिक आहार भत्ता पांच माह से बंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Aug 2024 03:22 PM IST
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Nutritious food allowance for TB patients stopped for five months
- परेशान होकर करनाल के एक मरीज ने पीएमओ कार्यालय में भेजी शिकायत
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- प्रदेश में सबसे अधिक टीबी मरीज गुरुग्राम में तो करनाल पांचवें स्थान पर
- भत्ता न मिलने पर केंद्र सरकार के टीबी मुक्त भारत अभियान-2025 को लग रहा झटका
अनुज शर्मा
करनाल। प्रदेशभर के टीबी मरीजों को नि-क्षय पोषण योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाला पौष्टिक आहार भत्ता पांच माह से रुका हुआ है। जिसके चलते पर्याप्त पौष्टिक आहार न मिलने के कारण प्रदेश में टीबी मरीजों की संख्या बढ़ने का खतरा है। वहीं परेशान होकर करनाल के एक टीबी मरीज ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पौष्टिक आहार न मिलने की शिकायत भेज दी है।
प्रदेश में टीबी मरीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो एक जनवरी 2024 से 23 अगस्त 2024 तक प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 58,173 मरीजों को तलाश किया है। वहीं प्रदेश में इस समय टॉप फाइव टीबी मरीजों वाले जिलों में 6471 के साथ गुरुग्राम पहले, 5926 के साथ फरीदाबाद दूसरे, 4328 के साथ हिसार तीसरे, 4107 के साथ रोहतक चौथे व 3599 के साथ करनाल पांचवें स्थान पर है। टीबी मरीजों को 500 रुपये प्रतिमाह पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाता है।
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एक तरफ केंद्र सरकार टीबी मुक्त भारत अभियान-2025 के लक्ष्य को जोर-शोर से पूरा करने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ हरियाणा प्रदेश में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) में नि-क्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाला पौष्टिक आहार भत्ता मरीजों को समय पर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कैसे टीबी मुक्त भारत अभियान-2025 का लक्ष्य पूरा हो सकेंगा। -संवाद
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करनाल के 45 लाख रुपये अटके
जिला नागरिक अस्पताल करनाल में अभी पंजीकृत 2496 मरीजों का इलाज चल रहा है। अधिकारियों की मानें तो इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार की ओर से 13.66 लाख रुपये का बजट नि-क्षय पोषण योजना के तहत जारी किया गया था। उसके बावजूद जिले का लगभग 45 लाख रुपये का बजट अटका है। जिसके चलते एक मरीज की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत भेजी गई है। इसके अलावा कुछ माह पहले प्रदेश में केंद्र की ओर से मिलने वाली टीबी की दवाइयां आनी बंद हो गई थी। जिसके चलते प्रदेश में प्रत्येक जिलों ने अपने-अपने स्तर पर टीबी की दवाइयां खरीदी थीं लेकिन बजट न होने के कारण अभी तक उक्त दवाइयों की पेमेंट भी रुकी है।


जिलानुसार टीबी मरीजों की संख्या
जिला मरीज
अंबाला 2198
भिवानी 1971
चरखी दादरी 561
फरीदाबाद 5926
फतेहाबाद 1594
गुरुग्राम 6471
हिसार 4328
झज्जर 1360
जींद 1594
कैथल 1550
करनाल 3599
कुरुक्षेत्र 1684
महेंद्रगढ़ 1237
मेवात 3342
पलवल 1668
पंचकूला 1732
पानीपत 3533
रेवाड़ी 2134
रोहतक 4107
सिरसा 2236
सोनीपत 3178
यमुनानगर 2170
(यह आंकड़ा नि-क्षय पोर्टल से एक जनवरी 2024 से 23 अगस्त 2024 तक लिया गया है)


मंगलवार को जारी होगा बजट
नि-क्षय पोषण योजना के तहत बजट न मिलने की जानकारी उनके संज्ञान में है। वे स्वयं 27 अगस्त को योजना के तहत मिलने वाला बजट कार्यालय से प्रदेशभर के जिलों को जारी करवाएंगे। जिससे मरीजों को राहत मिल सके। किसी मरीज ने पीएमओ कार्यालय में भत्ता न मिलने की शिकायत भेजी है, यह उनके संज्ञान में नहीं है।
- डॉ. हितेश वर्मा, स्टेट टीबी ऑफिसर, हरियाणा
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