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अब कराधान विभाग ने शुरू की 35 हजार क्विंटल चावल की जांच
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संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग/करनाल। कुचपुरा के एक गोदाम में विभागीय टीम के छापे में मिले 35 हजार क्विंटल चावल के स्टॉक की जांच के लिए वीरवार को कराधान विभाग के डीटीसी संदीप दहिया के नेतृत्व में टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामकुमार के साथ पहुंची। टीम की ओर से दोबारा स्टॉक की जांच शुरू की गई।
चावल मालिक तरावड़ी की फर्म रूप चंद व अनिल कुमार एवं नितिन बंसल दस्तावेज लेकर पहुंचे। टीम ने गोदाम में लगे चावल के बैगों की गिनती करने के साथ ही चावल के सैंपल भी लिए। चावलों के बिल व दस्तावेज लेकर टीम फिर से गोदाम को सील कर चली गई। डीटीसी संदीप दहिया ने कहा कि चावल के दस्तावेजों की जांच में दो दिन का समय लगेगा। उसके बाद ही चावलों के बारे में कुछ कहा जा सकता है। खरीदे गए चावल के बिलों का स्टॉक के साथ मिलान किया जाएगा। जिसके बाद पता चल सकेगा कि इन्होंने चावल कब और कहां से खरीदा है और बिल असली है या फर्जी है। अगर जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
15 अक्तूबर को उपायुक्त की ओर से गठित टीम ने गोदाम पर छापा मारते हुए डीएफएससी अशोक कुमार, एएफएसओ जसबीर सिंह की टीम ने गोदाम को सील कर दिया था। जिसमें तरावड़ी की दो फर्मों का 35 हजार क्विंटल चावल भंडारित है।
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कार्रवाई के दो हफ्ते बाद सामने आए चावल मालिक
यह बात संदेह के घेरे में है कि जब गोदाम पहले सील किया गया था तो डीएफएससी की ओर से कहा गया था कि अगर एक हफ्ते में चावल मालिक दस्तावेज लेकर नहीं आते तो कार्रवाई की जाएगी। लेकिन दो हफ्ते तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। अगर चावल मालिकों के पास दस्तावेज पूरे व सही थे तो छिपते क्यों रहे और विभाग की ओर से दो हफ्ते तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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निसिंग/करनाल। कुचपुरा के एक गोदाम में विभागीय टीम के छापे में मिले 35 हजार क्विंटल चावल के स्टॉक की जांच के लिए वीरवार को कराधान विभाग के डीटीसी संदीप दहिया के नेतृत्व में टीम ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार रामकुमार के साथ पहुंची। टीम की ओर से दोबारा स्टॉक की जांच शुरू की गई।
चावल मालिक तरावड़ी की फर्म रूप चंद व अनिल कुमार एवं नितिन बंसल दस्तावेज लेकर पहुंचे। टीम ने गोदाम में लगे चावल के बैगों की गिनती करने के साथ ही चावल के सैंपल भी लिए। चावलों के बिल व दस्तावेज लेकर टीम फिर से गोदाम को सील कर चली गई। डीटीसी संदीप दहिया ने कहा कि चावल के दस्तावेजों की जांच में दो दिन का समय लगेगा। उसके बाद ही चावलों के बारे में कुछ कहा जा सकता है। खरीदे गए चावल के बिलों का स्टॉक के साथ मिलान किया जाएगा। जिसके बाद पता चल सकेगा कि इन्होंने चावल कब और कहां से खरीदा है और बिल असली है या फर्जी है। अगर जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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15 अक्तूबर को उपायुक्त की ओर से गठित टीम ने गोदाम पर छापा मारते हुए डीएफएससी अशोक कुमार, एएफएसओ जसबीर सिंह की टीम ने गोदाम को सील कर दिया था। जिसमें तरावड़ी की दो फर्मों का 35 हजार क्विंटल चावल भंडारित है।
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कार्रवाई के दो हफ्ते बाद सामने आए चावल मालिक
यह बात संदेह के घेरे में है कि जब गोदाम पहले सील किया गया था तो डीएफएससी की ओर से कहा गया था कि अगर एक हफ्ते में चावल मालिक दस्तावेज लेकर नहीं आते तो कार्रवाई की जाएगी। लेकिन दो हफ्ते तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। अगर चावल मालिकों के पास दस्तावेज पूरे व सही थे तो छिपते क्यों रहे और विभाग की ओर से दो हफ्ते तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।