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धान पर अब बारिश की मार
कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 10 Oct 2013 12:10 AM IST
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कुरुक्षेत्र में किसानों का सोना बुधवार दोपहर बाद बरसात में भीग गया। किसानों ने इसके लिए सरकार से मुआवजे की मांग की है। बुधवार दोपहर बाद हुई बरसात में थानेसर नई अनाज मंडी में रखा करोड़ों रुपये का धान भीग गया।
कुछ किसानों ने अपने पास रखी चादरों से इसे ढका लेकिन मंडी में गंदगी होने के कारण पानी इकट्ठा होना शुरू हो गया। इतना ही नहीं जिला प्रशासन ने पहले से न इंतजाम किए जाने के कारण सारा धान भीग गया।
किसान कुलवंत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने मंडी में कोई खास प्रबंध नहीं किए हुए है। इसके अलावा मंडी में शेड भी कम हैं और जो बने हुए है उनमें धान डाली हुई है। सीजन के दौरान मंडी में करोड़ों रुपये का धान आया हुआ था और सरकार की नाकामी के कारण आज किसानाें को काफी नुकसान हो गया है।
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किसान जसविंद्र सिंह ने कहा कि एक तो पहले ही सरकारी एजेंसियां उनके धान को गीला बताकर नहीं खरीद रही थी और अब भगवान ने भी उनके साथ अन्याय किया है।
वहीं मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगतार सिंह ने बताया कि मंडी में करोड़ों रुपये का धान आया हुआ था इतना ही नहीं कुछ धान तो सरकारी तथा प्राइवेट एजेंसियों ने खरीदा हुआ था, लेकिन बरसात के कारण किसानों तथा खरीद एजेंसियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
वहीं अनाज मंडी एसोसिएशन सचिव सुरेश नैन ने बताया कि अचानक बरसात आने के कारण यह समस्या आई है। इतना ही नहीं बरसात मंडी के आसपास हुई है और अचानक हुई इस बरसात के कारण कुछ किया नहीं जा सका।
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कुछ किसानों ने अपने पास रखी चादरों से इसे ढका लेकिन मंडी में गंदगी होने के कारण पानी इकट्ठा होना शुरू हो गया। इतना ही नहीं जिला प्रशासन ने पहले से न इंतजाम किए जाने के कारण सारा धान भीग गया।
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किसान कुलवंत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने मंडी में कोई खास प्रबंध नहीं किए हुए है। इसके अलावा मंडी में शेड भी कम हैं और जो बने हुए है उनमें धान डाली हुई है। सीजन के दौरान मंडी में करोड़ों रुपये का धान आया हुआ था और सरकार की नाकामी के कारण आज किसानाें को काफी नुकसान हो गया है।
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किसान जसविंद्र सिंह ने कहा कि एक तो पहले ही सरकारी एजेंसियां उनके धान को गीला बताकर नहीं खरीद रही थी और अब भगवान ने भी उनके साथ अन्याय किया है।
वहीं मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगतार सिंह ने बताया कि मंडी में करोड़ों रुपये का धान आया हुआ था इतना ही नहीं कुछ धान तो सरकारी तथा प्राइवेट एजेंसियों ने खरीदा हुआ था, लेकिन बरसात के कारण किसानों तथा खरीद एजेंसियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
वहीं अनाज मंडी एसोसिएशन सचिव सुरेश नैन ने बताया कि अचानक बरसात आने के कारण यह समस्या आई है। इतना ही नहीं बरसात मंडी के आसपास हुई है और अचानक हुई इस बरसात के कारण कुछ किया नहीं जा सका।