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Karnal News: अब मनमर्जी से मेडिकल स्टोरों की जांच नहीं कर पाएंगे अफसर
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- ड्रग विभाग ने ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप किया तैयार, सूची के अनुसार करना होगा निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप लॉन्च किया है। जिस पर विभाग की ओर से प्रदेशभर के जिलानुसार स्थानीय अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों पर जांच की सूची भेजी जा रही है। उक्त एप के अनुसार ही अब विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसी मेडिकल स्टोर पर दस्तक दे सकते हैं। ऐसे में अब जिला औषधि अधिकारी अपनी मनमर्जी के साथ किसी भी मेडिकल स्टोर पर जाकर चेकिंग नहीं कर सकेंगे।
वरिष्ठ औषधि अधिकारी गुरचरण सिंह ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई में पारदर्शिता लाने के लिए ही ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप लॉन्च किया है। उन्होंने बताया कि यह एप जियो टैगिंग से जुड़ा हुआ है। एप में दिए गए मेडिकल स्टोर पर ही जाकर उक्त एप को खोलकर जांच की गई दवाइयों, एक मेडिकल स्टोर खोलने के लिए विभाग द्वारा तय किए गए मापदंडों की रिपोर्ट भी उक्त एप पर ही अपलोड की जाएगी। साथ ही जांच के तुरंत बाद ही खामियों की रिपोर्ट एप पर फोटो सहित अपलोड की जाएगी। बिना फोटो के जांच रिपोर्ट अपलोड नहीं होगी।
अधिकारियों को मिली राहत
जिला औषधि अधिकारी विकास राठी व रितू मेहला ने बताया कि ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप के आने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों को काफी राहत मिली है, क्योंकि इससे पहले उन्हें ही स्वयं मेडिकल स्टोरों का चयन करना पड़ता था लेकिन अब विभाग की ओर से एप में आई सूची के अनुसार ही काम करना पड़ता है। वहीं जांच के बाद रिपोर्ट भी तुरंत अपलोड हो जाती है। जिससे कागजी काम भी अब नाममात्र का रह गया है। वहीं एक क्लिक पर सारी डिटेल उन्हें मिल जाती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप लॉन्च किया है। जिस पर विभाग की ओर से प्रदेशभर के जिलानुसार स्थानीय अधिकारियों को मेडिकल स्टोरों पर जांच की सूची भेजी जा रही है। उक्त एप के अनुसार ही अब विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसी मेडिकल स्टोर पर दस्तक दे सकते हैं। ऐसे में अब जिला औषधि अधिकारी अपनी मनमर्जी के साथ किसी भी मेडिकल स्टोर पर जाकर चेकिंग नहीं कर सकेंगे।
वरिष्ठ औषधि अधिकारी गुरचरण सिंह ने बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई में पारदर्शिता लाने के लिए ही ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप लॉन्च किया है। उन्होंने बताया कि यह एप जियो टैगिंग से जुड़ा हुआ है। एप में दिए गए मेडिकल स्टोर पर ही जाकर उक्त एप को खोलकर जांच की गई दवाइयों, एक मेडिकल स्टोर खोलने के लिए विभाग द्वारा तय किए गए मापदंडों की रिपोर्ट भी उक्त एप पर ही अपलोड की जाएगी। साथ ही जांच के तुरंत बाद ही खामियों की रिपोर्ट एप पर फोटो सहित अपलोड की जाएगी। बिना फोटो के जांच रिपोर्ट अपलोड नहीं होगी।
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अधिकारियों को मिली राहत
जिला औषधि अधिकारी विकास राठी व रितू मेहला ने बताया कि ऑनलाइन इंस्पेक्शन एप के आने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों को काफी राहत मिली है, क्योंकि इससे पहले उन्हें ही स्वयं मेडिकल स्टोरों का चयन करना पड़ता था लेकिन अब विभाग की ओर से एप में आई सूची के अनुसार ही काम करना पड़ता है। वहीं जांच के बाद रिपोर्ट भी तुरंत अपलोड हो जाती है। जिससे कागजी काम भी अब नाममात्र का रह गया है। वहीं एक क्लिक पर सारी डिटेल उन्हें मिल जाती है।
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