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एनएचएआई और फैक्टरी को नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रदूषण का स्तर और स्मॉग बनने की स्थिति नहीं सुधर रही है। प्रदूषण का गुबार निम्न दबाव क्षेत्र में खिसकने के कारण इसका स्तर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग सामने आ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रयास जारी हैं लेकिन कई जगह निर्माण गतिविधियों पर कोताही बरती जा रही है। अब बोर्ड ने नीलोखेड़ी के समीप निर्माण गतिविधि को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी कर धूल के कणों को नियंत्रित करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा बेगमपुर गांव के समीप एक फैक्टरी में जनरेटर चलता पाया गया। जिसे नोटिस जारी किया गया है।
रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक पर पीएम 2.5 का स्तर औसतन 213, न्यूनतम 136 व अधिकतम 301 आंका गया। पीएम 10 का स्तर औसतन 278, न्यूनतम 161 व अधिकतम 50 आंका गया है। पर्यावरणविद् डॉ. राकेश भारद्वाज ने बताया कि प्रशासन को सख्त होना पड़ेगा। बारिश होने या तेज हवा चलने से ही प्रदूषण का गुबार छंटेगा। तब तक वाहनों के प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाना जरूरी है।
छिड़काव जारी
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के उपमंडल अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा का कहना है कि लापरवाही मिलने पर नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन मेरठ रोड की भी जांच करेंगे। धूल के कणों को रोकने के लिए पानी का छिड़काव जरूरी है। शहर में सभी बिल्डर व नगर निगम की टीम लगातार टैंकर से पानी का छिड़काव कर रही है।
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करनाल। प्रदूषण का स्तर और स्मॉग बनने की स्थिति नहीं सुधर रही है। प्रदूषण का गुबार निम्न दबाव क्षेत्र में खिसकने के कारण इसका स्तर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग सामने आ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रयास जारी हैं लेकिन कई जगह निर्माण गतिविधियों पर कोताही बरती जा रही है। अब बोर्ड ने नीलोखेड़ी के समीप निर्माण गतिविधि को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को नोटिस जारी कर धूल के कणों को नियंत्रित करने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा बेगमपुर गांव के समीप एक फैक्टरी में जनरेटर चलता पाया गया। जिसे नोटिस जारी किया गया है।
रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक पर पीएम 2.5 का स्तर औसतन 213, न्यूनतम 136 व अधिकतम 301 आंका गया। पीएम 10 का स्तर औसतन 278, न्यूनतम 161 व अधिकतम 50 आंका गया है। पर्यावरणविद् डॉ. राकेश भारद्वाज ने बताया कि प्रशासन को सख्त होना पड़ेगा। बारिश होने या तेज हवा चलने से ही प्रदूषण का गुबार छंटेगा। तब तक वाहनों के प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाना जरूरी है।
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छिड़काव जारी
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के उपमंडल अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा का कहना है कि लापरवाही मिलने पर नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन मेरठ रोड की भी जांच करेंगे। धूल के कणों को रोकने के लिए पानी का छिड़काव जरूरी है। शहर में सभी बिल्डर व नगर निगम की टीम लगातार टैंकर से पानी का छिड़काव कर रही है।
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