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Karnal News: दस्तावेज जमा नहीं कराने वाले डेवलपरों को नोटिस
Sat, 01 Jul 2023 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 01 Jul 2023 02:50 AM IST
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करनाल। जिला नगर योजनाकार की ओर से दस्तावेज जमा न कराने वाले अनाधिकृत कॉलोनी के डेवलपरों एवं आरडब्ल्यूए को नोटिस जारी किए गए हैं। जिसमें उन्हें शीघ्र कॉलोनी का ले-आउट प्लान व अन्य दस्तावेज देने के लिए कहा गया है। यदि अब भी वे दस्तावेज जमा नहीं कराएंगे तो कॉलोनी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पर होने वाला खर्च व कॉलोनी के लोगों के नुकसान की भरपाई भी डेवलपर से कराई जाएगी।
डीटीपी ओमप्रकाश ने बताया कि नगर निगम या पालिका क्षेत्रों से बाहर अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए सरकार की ओर से 19 जुलाई 2022 को अधिसूचना जारी की थी, इसके आधार पर कॉलोनियों के लिए बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं और नागरिक सुविधाओं के प्रावधान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। प्राप्त आवेदनों को उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी में विचार-विमर्श के लिए रखा गया, ताकि नीति का लाभ बड़े पैमाने पर आम जनता को पहुंचाया जा सके। लेकिन ऐसे आवेदकों की जांच और साइट विजिट के दौरान खामियां मिली। डेवलपरों ने पॉलिसी के तहत अपनी फाइलें जमा की हैं, वे बार-बार रिमाइंडर देने के बाद भी आवश्यक दस्तावेजों को पूरा करने या ले-आउट प्लान के नीति मापदंडों में संशोधन करने के लिए गंभीर नहीं हैं। जमीन मालिक जानबूझकर संबंधित दस्तावेज जमा कराने से बच रहे हैं, जिन पर आवेदन के साथ निर्णय लेने की आवश्यकता होती है। यदि तीन दिन तक दस्तावेज पूरे नहीं करते तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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डीटीपी ओमप्रकाश ने बताया कि नगर निगम या पालिका क्षेत्रों से बाहर अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के लिए सरकार की ओर से 19 जुलाई 2022 को अधिसूचना जारी की थी, इसके आधार पर कॉलोनियों के लिए बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं और नागरिक सुविधाओं के प्रावधान करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए। प्राप्त आवेदनों को उपायुक्त की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी में विचार-विमर्श के लिए रखा गया, ताकि नीति का लाभ बड़े पैमाने पर आम जनता को पहुंचाया जा सके। लेकिन ऐसे आवेदकों की जांच और साइट विजिट के दौरान खामियां मिली। डेवलपरों ने पॉलिसी के तहत अपनी फाइलें जमा की हैं, वे बार-बार रिमाइंडर देने के बाद भी आवश्यक दस्तावेजों को पूरा करने या ले-आउट प्लान के नीति मापदंडों में संशोधन करने के लिए गंभीर नहीं हैं। जमीन मालिक जानबूझकर संबंधित दस्तावेज जमा कराने से बच रहे हैं, जिन पर आवेदन के साथ निर्णय लेने की आवश्यकता होती है। यदि तीन दिन तक दस्तावेज पूरे नहीं करते तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
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