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Karnal News: करनाल में खुला उत्तरी जोन का फार्म मशीनरी टेस्टिंग सेंटर
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- कृषि यंत्र उद्योग को मिलेगा फायदा, अब तक हिसार स्थित केंद्र में टेस्टिंग के लिए ले जाने पड़ते थे कृषि उपकरण
- उपकरणों की टेस्टिंग में लग जाता था अधिक समय
देव शर्मा
करनाल। करीब 1600 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाली करनाल की कृषि यंत्र इंडस्ट्री को एक बड़ी सौगात मिल गई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल में कृषि मशीनरी एवं उपकरण टेस्टिंग केंद्र शुरू कर दिया गया है। हरियाणा और पंजाब के कृषि यंत्र निर्माताओं को हिसार या फिर उत्तराखंड और राजस्थान आदि देश के अन्य दूरस्थ हिस्सों में स्थित टेस्टिंग केंद्रों पर जाना होता था। अब हरियाणा के उत्तरी जोन के लिए करनाल में टेस्टिंग केंद्र खोल दिया गया है।
करनाल का कृषि यंत्र उद्योग दुनियाभर में पहचान बना रहा है। 1600 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाला कृषि उपकरण उद्योग अब करीब 400 करोड़ रुपये का निर्यात भी कर रहा है। इतना सब होने के बाद भी करनाल में कृषि यंत्र मशीनरी और उपकरण टेस्टिंग की सुविधा नहीं थी। ये सुविधा अभी तक हिसार में ही स्थित है। हरियाणा के साथ-साथ निकटवर्ती राज्य पंजाब के उद्यमी भी अपने उपकरण टेस्टिंग के लिए यहीं भेजते थे। जिससे यहां टेस्टिंग के लिए लंबी लाइनें लगती थी, टेस्टिंग में सालों लग जाते थे। परिणाम ये होता था कि उद्यमी मशीनरी और उपकरण तैयार करने के बाद भी उन्हें बाजार में समय से नहीं उतार पाते थे। करनाल के कृषि यंत्र निर्माता उद्यमी लंबे समय से करनाल में कृषि मशीनरी एवं उपकरण टेस्टिंग की सुविधा मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
अब चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने करनाल स्थित विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में कृषि मशीनरी व उपकरण टेस्टिंग केंद्र स्थापित कर दिया गया है। इस केंद्र में अब कृषि उपकरण निर्माता टेस्टिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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फार्म मशीनरी एवं उपकरण परीक्षण केंद्र के इंचार्ज इंजीनियर अजित सांगवान ने बताया कि कुलपति प्रो. बीआर कांबोज के दिशा निर्देशन में कृषि मशीनरी एवं उपकरण केंद्र शुरू कर दिया है। ये केंद्र उत्तरी जोन का है। यूं तो पूरे देश से कोई भी अपनी कृषि मशीनरी व उपकरणों की जांच करा सकता है। खासकर हरियाणा, पंजाब के कृषि यंत्र निर्माताओं को इसका सीधा लाभ होगा। हिसार केंद्र पर भी भार कम होगा।
कृषि यंत्र उद्योग को मिलेगा फायदा
करनाल कृषि यंत्र निर्माण का हब बनकर उभर रहा है। यहां पर कृषि मशीनरी और उपकरण टेस्टिंग केंद्र की नितांत आवश्यकता थी, क्योंकि हरियाणा में हिसार एकमात्र केंद्र होने के कारण वहां हरियाणा के यंत्र तो पहुंचते ही थे, पंजाब व अन्य आसपास के राज्यों का भी भार होता था। हरियाणा के अलावा मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश व असम में टेस्टिंग केंद्र हैं। करीब 185 किमी की दूरी तय करके कृषि उपकरणों को हिसार ले जाने में खर्च भी अधिक आता था। टेस्टिंग में लंबा समय लग जाता था। अब करनाल में टेस्टिंग केंद्र स्थापित होने से खासकर करनाल कृषि यंत्र उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा।
- भावुक मेहता, महासचिव, करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन
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- उपकरणों की टेस्टिंग में लग जाता था अधिक समय
देव शर्मा
करनाल। करीब 1600 करोड़ रुपये की टर्नओवर वाली करनाल की कृषि यंत्र इंडस्ट्री को एक बड़ी सौगात मिल गई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल में कृषि मशीनरी एवं उपकरण टेस्टिंग केंद्र शुरू कर दिया गया है। हरियाणा और पंजाब के कृषि यंत्र निर्माताओं को हिसार या फिर उत्तराखंड और राजस्थान आदि देश के अन्य दूरस्थ हिस्सों में स्थित टेस्टिंग केंद्रों पर जाना होता था। अब हरियाणा के उत्तरी जोन के लिए करनाल में टेस्टिंग केंद्र खोल दिया गया है।
करनाल का कृषि यंत्र उद्योग दुनियाभर में पहचान बना रहा है। 1600 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाला कृषि उपकरण उद्योग अब करीब 400 करोड़ रुपये का निर्यात भी कर रहा है। इतना सब होने के बाद भी करनाल में कृषि यंत्र मशीनरी और उपकरण टेस्टिंग की सुविधा नहीं थी। ये सुविधा अभी तक हिसार में ही स्थित है। हरियाणा के साथ-साथ निकटवर्ती राज्य पंजाब के उद्यमी भी अपने उपकरण टेस्टिंग के लिए यहीं भेजते थे। जिससे यहां टेस्टिंग के लिए लंबी लाइनें लगती थी, टेस्टिंग में सालों लग जाते थे। परिणाम ये होता था कि उद्यमी मशीनरी और उपकरण तैयार करने के बाद भी उन्हें बाजार में समय से नहीं उतार पाते थे। करनाल के कृषि यंत्र निर्माता उद्यमी लंबे समय से करनाल में कृषि मशीनरी एवं उपकरण टेस्टिंग की सुविधा मुहैया कराने की मांग कर रहे थे।
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अब चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने करनाल स्थित विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में कृषि मशीनरी व उपकरण टेस्टिंग केंद्र स्थापित कर दिया गया है। इस केंद्र में अब कृषि उपकरण निर्माता टेस्टिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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फार्म मशीनरी एवं उपकरण परीक्षण केंद्र के इंचार्ज इंजीनियर अजित सांगवान ने बताया कि कुलपति प्रो. बीआर कांबोज के दिशा निर्देशन में कृषि मशीनरी एवं उपकरण केंद्र शुरू कर दिया है। ये केंद्र उत्तरी जोन का है। यूं तो पूरे देश से कोई भी अपनी कृषि मशीनरी व उपकरणों की जांच करा सकता है। खासकर हरियाणा, पंजाब के कृषि यंत्र निर्माताओं को इसका सीधा लाभ होगा। हिसार केंद्र पर भी भार कम होगा।
कृषि यंत्र उद्योग को मिलेगा फायदा
करनाल कृषि यंत्र निर्माण का हब बनकर उभर रहा है। यहां पर कृषि मशीनरी और उपकरण टेस्टिंग केंद्र की नितांत आवश्यकता थी, क्योंकि हरियाणा में हिसार एकमात्र केंद्र होने के कारण वहां हरियाणा के यंत्र तो पहुंचते ही थे, पंजाब व अन्य आसपास के राज्यों का भी भार होता था। हरियाणा के अलावा मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश व असम में टेस्टिंग केंद्र हैं। करीब 185 किमी की दूरी तय करके कृषि उपकरणों को हिसार ले जाने में खर्च भी अधिक आता था। टेस्टिंग में लंबा समय लग जाता था। अब करनाल में टेस्टिंग केंद्र स्थापित होने से खासकर करनाल कृषि यंत्र उद्योग को बड़ा फायदा मिलेगा।
- भावुक मेहता, महासचिव, करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चर्स एसोसिएशन