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Karnal News: एनसीआर में नो पीयूसी-नो फ्यूल लागू... करनाल में चार माह बाद बोर्ड लगवाने के निर्देश
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू किए गए नो पीयूसी-नो फ्यूल नियम के तहत जिले में अब चार माह बाद पेट्रोल पंपों पर चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोल पंप पर वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र दिखाने पर ही चालकों को पेट्रोल दिया जाएगा। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को सभी पेट्रोल पंपों पर बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करने के लिए कहा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यह व्यवस्था एक अक्तूबर से लागू हो चुकी है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने 15 मई 2026 को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। हरियाणा सरकार ने 26 जून को भी एक अक्तूबर से नियम लागू करने की तैयारी की जानकारी दी थी। राज्य परिवहन विभाग ने 30 सितंबर को पेट्रोल पंपों पर नियम की पालना के निर्देश जारी किए। ऐसे में करनाल में अब चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए जाने से स्थानीय स्तर पर नियमों की जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया में देरी का सवाल भी उठता है।
नजदीकी जांच केंद्र भेजेंगे कर्मचारी
नियम के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के बिना वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से इन्कार किया जा सकता है। जब तक पेट्रोल पंपों पर वाहनों के नंबर की ऑनलाइन जांच करने वाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली पूरी तरह चालू नहीं होती, तब तक कर्मचारियों को प्रमाणपत्र की जांच करनी है। परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार, वैध प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन चालक को नजदीकी अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र भेजा जाना चाहिए।
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कैसे बनवाएं पीयूसी, ओटीपी से कहां आ रही परेशानी
वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अधिकृत पीयूसी जांच केंद्र पर जाकर वाहन की जांच करानी होती है। उत्सर्जन निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसे ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकता है। अब प्रमाणपत्र जारी करने के लिए वाहन की पंजीकरण संबंधी जानकारी से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी सत्यापन अनिवार्य होने से कुछ वाहन मालिकों को परेशानी आ रही है।
यदि आरसी में दर्ज मोबाइल नंबर पुराना है या पूर्व मालिक का है, तो ओटीपी नहीं मिल पाता और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया अटक सकती है।
व्यावसायिक और सरकारी वाहनों में भी पंजीकृत नंबर किसी अधिकृत अधिकारी का होने से देरी हो सकती है। ऐसे वाहन मालिकों को पीयूसी केंद्र जाने से पहले आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट करवाना चाहिए।
234 एक्यूआई... पांच दिन में उतार-चढ़ाव के बाद घटा
करनाल में मंगलवार को एक्यूआई 234 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। पिछले दिनों प्रदूषण में उतार-चढ़ाव रहा। 22 अक्तूबर को एक्यूआई 242 था, जबकि 25 अक्तूबर को यह 289 तक पहुंच गया। अब इसमें गिरावट आई है लेकिन हवा अभी भी सेहत के लिए नुकसानदेह है।
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करनाल। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए लागू किए गए नो पीयूसी-नो फ्यूल नियम के तहत जिले में अब चार माह बाद पेट्रोल पंपों पर चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोल पंप पर वाहनों का प्रदूषण प्रमाणपत्र दिखाने पर ही चालकों को पेट्रोल दिया जाएगा। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक को सभी पेट्रोल पंपों पर बोर्ड लगवाना सुनिश्चित करने के लिए कहा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में यह व्यवस्था एक अक्तूबर से लागू हो चुकी है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने 15 मई 2026 को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। हरियाणा सरकार ने 26 जून को भी एक अक्तूबर से नियम लागू करने की तैयारी की जानकारी दी थी। राज्य परिवहन विभाग ने 30 सितंबर को पेट्रोल पंपों पर नियम की पालना के निर्देश जारी किए। ऐसे में करनाल में अब चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए जाने से स्थानीय स्तर पर नियमों की जानकारी पहुंचाने की प्रक्रिया में देरी का सवाल भी उठता है।
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नजदीकी जांच केंद्र भेजेंगे कर्मचारी
नियम के तहत वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) के बिना वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी देने से इन्कार किया जा सकता है। जब तक पेट्रोल पंपों पर वाहनों के नंबर की ऑनलाइन जांच करने वाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली पूरी तरह चालू नहीं होती, तब तक कर्मचारियों को प्रमाणपत्र की जांच करनी है। परिवहन विभाग के निर्देशों के अनुसार, वैध प्रमाणपत्र नहीं होने पर वाहन चालक को नजदीकी अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र भेजा जाना चाहिए।
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कैसे बनवाएं पीयूसी, ओटीपी से कहां आ रही परेशानी
वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए अधिकृत पीयूसी जांच केंद्र पर जाकर वाहन की जांच करानी होती है। उत्सर्जन निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसे ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकता है। अब प्रमाणपत्र जारी करने के लिए वाहन की पंजीकरण संबंधी जानकारी से जुड़े मोबाइल नंबर पर ओटीपी सत्यापन अनिवार्य होने से कुछ वाहन मालिकों को परेशानी आ रही है।
यदि आरसी में दर्ज मोबाइल नंबर पुराना है या पूर्व मालिक का है, तो ओटीपी नहीं मिल पाता और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया अटक सकती है।
व्यावसायिक और सरकारी वाहनों में भी पंजीकृत नंबर किसी अधिकृत अधिकारी का होने से देरी हो सकती है। ऐसे वाहन मालिकों को पीयूसी केंद्र जाने से पहले आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट करवाना चाहिए।
234 एक्यूआई... पांच दिन में उतार-चढ़ाव के बाद घटा
करनाल में मंगलवार को एक्यूआई 234 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। पिछले दिनों प्रदूषण में उतार-चढ़ाव रहा। 22 अक्तूबर को एक्यूआई 242 था, जबकि 25 अक्तूबर को यह 289 तक पहुंच गया। अब इसमें गिरावट आई है लेकिन हवा अभी भी सेहत के लिए नुकसानदेह है।