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निसिंग सीएचसी की आईडी हैक कर जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए
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करनाल। निसिंग सीएचसी की जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की आईडी पिछले चार महीने में दो बार हैक कर ली गई है। यही नहीं इससे कई फर्जी जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कर दिए गए। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने इस मामले की रिपोर्ट साइबर अपराध थाने में दर्ज कराई है। मामले की जांच शुरू कर दी है।
निसिंग सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार डा. शुभ दहिया ने बताया कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अप्रैल में कई बार आईडी को लॉगिन किया गया लेकिन लॉगिन नहीं हो सकी। जब किसी तरह 19 अप्रैल को आईडी को लॉगिन कराया गया तो जानकारी हुई कि कई मृत्यु एवं जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनका सरकारी तौर पर सीएचसी के पास रिकार्ड नहीं है। यानी फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इसकी सूचना जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को दी गई। सीआरएस पोर्टल के हेल्प डेस्क पर भी ई-मेल व फोन से सूचना दी गई। इसके बाद आईडी का जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा पासवर्ड बदल दिया गया लेकिन अब 13 जुलाई को रजिस्ट्रार (जन्म व मृत्यु) सीएचसी निसिंग की आईडी को दोबारा हैक कर लिया गया फिर से 6 जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। जिनका कोई रिकार्ड कार्यालय में नहीं है। कुल मिलाकर रजिस्ट्रार की फेक आईडी बनाकर या हैक करके लगातार इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। इस कारण इस संस्था के रिकार्ड में काफी अनियमितताएं हो रही हैं। साइबर अपराध थाना पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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निसिंग सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र रजिस्ट्रार डा. शुभ दहिया ने बताया कि जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अप्रैल में कई बार आईडी को लॉगिन किया गया लेकिन लॉगिन नहीं हो सकी। जब किसी तरह 19 अप्रैल को आईडी को लॉगिन कराया गया तो जानकारी हुई कि कई मृत्यु एवं जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनका सरकारी तौर पर सीएचसी के पास रिकार्ड नहीं है। यानी फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। इसकी सूचना जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) को दी गई। सीआरएस पोर्टल के हेल्प डेस्क पर भी ई-मेल व फोन से सूचना दी गई। इसके बाद आईडी का जन्म व मृत्यु रजिस्ट्रार द्वारा पासवर्ड बदल दिया गया लेकिन अब 13 जुलाई को रजिस्ट्रार (जन्म व मृत्यु) सीएचसी निसिंग की आईडी को दोबारा हैक कर लिया गया फिर से 6 जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। जिनका कोई रिकार्ड कार्यालय में नहीं है। कुल मिलाकर रजिस्ट्रार की फेक आईडी बनाकर या हैक करके लगातार इसका दुरुपयोग किया जा रहा है। इस कारण इस संस्था के रिकार्ड में काफी अनियमितताएं हो रही हैं। साइबर अपराध थाना पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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