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बेलग्रेड में निशांत ने जड़ा जीत का पहला पंच
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भानू भारद्वाज
करनाल। सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित एआईबीए विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय टीम में शामिल निशांत देव ने हंगरी के खिलाड़ी कोज़न लेज़िया को हरा बेहतरीन शुरूआत कर दी। अब निशांत का दूसरा मुकाबला मॉरीशस के क्लेयर मर्वेन के साथ 29 अक्टूबर को होगा।
करनाल में निशांत देव के प्रशिक्षक रहे सुरेन्द्र चौहान में बताया निशांत देव पूरे खेल के दौरान प्रतिद्वंद्वी पर हावी रहे। निशांत ने पूरे मैच के दौरान शांतिपूर्वक बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन कर मैच अपने नाम कर दिया।
नाम के अनुरूप खेला मैच
करनाल के कोट मोहल्ला निवासी निशांत के पिता पवन देव सूर्या ने कहा कि हमने परिवार सहित निशांत का मैच देखा। निशांत ने पूरे खेल के दौरान अपने नाम के अनुरूप शांत रहकर मैच खेला और जीत भी दर्ज की। मैच खत्म होने के बाद बातचीत में निशांत ने बताया अभी तो शुरूआत है मेरा लक्ष्य स्वर्ण जीतना और देश के तिरंगे को दुनिया के सामने फहराते देखना हैं। निशांत के पिता पवन देव ने बताया निशांत काफी समय तक करनाल में प्रशिक्षक सुरेन्द्र चौहान के निर्देशन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लेता रहा है। वहीं कई प्रतियोगिता में पदक भी जीत चुका है।
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पांच साल पहले पढ़ाई के लिए गया कर्नाटक
पांच साल पहले पढ़ाई के लिए कर्नाटक चला गया। वहीं पढ़ाई के दौरान ही उसका चयन कर्नाटक की मुक्केबाजी टीम से हो गया। निशांत ने अपनी मेहनत से यह मुकाम पाया है। करनाल के कोट मोहल्ले की तंग गलियों से विश्व चैंपियनशिप तक का सफर देखकर बहुत खुशी होती है की हमारा बेटा करनाल के साथ-साथ देश का नाम रोशन कर रहा है।
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करनाल। सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित एआईबीए विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारतीय टीम में शामिल निशांत देव ने हंगरी के खिलाड़ी कोज़न लेज़िया को हरा बेहतरीन शुरूआत कर दी। अब निशांत का दूसरा मुकाबला मॉरीशस के क्लेयर मर्वेन के साथ 29 अक्टूबर को होगा।
करनाल में निशांत देव के प्रशिक्षक रहे सुरेन्द्र चौहान में बताया निशांत देव पूरे खेल के दौरान प्रतिद्वंद्वी पर हावी रहे। निशांत ने पूरे मैच के दौरान शांतिपूर्वक बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन कर मैच अपने नाम कर दिया।
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नाम के अनुरूप खेला मैच
करनाल के कोट मोहल्ला निवासी निशांत के पिता पवन देव सूर्या ने कहा कि हमने परिवार सहित निशांत का मैच देखा। निशांत ने पूरे खेल के दौरान अपने नाम के अनुरूप शांत रहकर मैच खेला और जीत भी दर्ज की। मैच खत्म होने के बाद बातचीत में निशांत ने बताया अभी तो शुरूआत है मेरा लक्ष्य स्वर्ण जीतना और देश के तिरंगे को दुनिया के सामने फहराते देखना हैं। निशांत के पिता पवन देव ने बताया निशांत काफी समय तक करनाल में प्रशिक्षक सुरेन्द्र चौहान के निर्देशन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लेता रहा है। वहीं कई प्रतियोगिता में पदक भी जीत चुका है।
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पांच साल पहले पढ़ाई के लिए गया कर्नाटक
पांच साल पहले पढ़ाई के लिए कर्नाटक चला गया। वहीं पढ़ाई के दौरान ही उसका चयन कर्नाटक की मुक्केबाजी टीम से हो गया। निशांत ने अपनी मेहनत से यह मुकाम पाया है। करनाल के कोट मोहल्ले की तंग गलियों से विश्व चैंपियनशिप तक का सफर देखकर बहुत खुशी होती है की हमारा बेटा करनाल के साथ-साथ देश का नाम रोशन कर रहा है।