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Karnal News: एनएचएम कर्मचारियों ने हवन यज्ञ कर किया रोष प्रदर्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2024 07:10 AM IST
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NHM employees demonstrated anger by performing Havan Yagya
पानीपत। एनएचएम की हड़ताल बुधवार को शुक्रवार को आठवें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को एनएचएम कर्मचारियों ने जिला नागरिक अस्पताल के गेट पर हवन यज्ञ किया। एनएचएम कर्मचारियों का कहना है कि वह हवन यज्ञ कर सरकार को सद्बुदिध की कामना करते हैं। वह जब तक अपनी हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता।
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एनएचएम के 350 कर्मचारी आठ दिन से हड़ताल में शामिल हैं। इनमें 12 डॉक्टर, 33 स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, क्लर्क , डाटा एंटी ऑपरेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई प्रोजेक्ट के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से कई सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं। प्रसूति वार्ड में डिलीवरी सेवाओं में 20 प्रतिशत तक की कमी आ गई है। पिछले छह दिन में जिला नागरिक अस्पताल में महज 80 डिलीवरी हुई है। पहले जहां प्रतिदिन 35-40 डिलीवरी होती थी अब घटकर औसतन 20 डिलीवरी रह गई हैं। हड्डी रोग की ओपीडी प्रभावित हो रही है। टीकाकरण कार्यक्रम भी लगभग ठप हो गए हैं। जिले की सभी एएनएम हड़ताल में शामिल हैं। इसलिए फील्ड में चलने वाले टीकाकरण कार्यक्रम फिलहाल बंद हैं। अस्पतालों में ही बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। फिजियोथैरेपी व हड्डी रोग संबंधी ओपीडी प्रभावित हैं । मरीजों को बिना इलाज घर लौटना पड़ रहा है।
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यह सेवाएं हो रही हैं प्रभावित-

- जिला नागरिक अस्पताल में दो हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। एक हड़्डी रोग विशेषज्ञ एनएचएम के अंतर्गत है। दूसरे हड्डी रोग विशेषज्ञ ओपीडी करते हैं। हड़ताल के चलते हड्डी से सर्जरी प्रभावित है।
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- फिजियोथैरेपी विभाग की प्रभारी डॉ. नेहा बंसल एनएचएम की हड़ताल में शामिल हैं। इसलिए फिजियोथैरेपी सेवाएं पूरी तरह से बंद है। यहां हर रोज इलाज के लिए 30-40 मरीज आते हैं। इनमें अधिकतर बुजुर्ग शामिल हैं। इनको बिना इलाज ही घर लौटना पड़ रहा है।



- एनएचएम की हड़ताल से एसएनसीयू वार्ड की सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। एनएनसीयू का 80 प्रतिशत स्टाफ एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत है। यहां के तीन डॉक्टर व 12 नर्सिंग ऑफिसर एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत है। अब यहां पर दूसरे वार्डों से नर्सिंग ऑफिसर लगाए गए हैं।



- एनएचएम की हड़ताल के कारण सारा कागजी काम ठप हो गया है । एनएचएम कर्मचारियों पर ही स्वास्थ्य विभाग की सभी रोगों की रिपोर्ट तैयार करने, डॉक्टरों व स्टाफ का वेतन बनाने, ढांचागत रिपोर्ट तैयार करने, बजट का लेखाजोखा तैयार करने का जिम्मा है। सरकारी कर्मचारियों की संख्या काफी कम है।





सरकार को सद्बुद्धि देने की कामना की - मलिक



एनएचएम संघ के जिलाध्यक्ष अमित मलिक ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार को जिला नागरिक अस्पताल के गेट पर हवन यज्ञ कर सरकार को सद्बुद्धि देने की कामना की है। जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती उनकी हड़ताल जारी रहेगी। उनकी हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है। इसकी जिम्मेदार सरकार है। सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। इसलिए उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा। वह एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत हैं। आज तक उनको सातवां पे स्केल नहीं दिया गया है। वह सालों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से एनएचएम कर्मचारियों पर निर्भर है लेकिन उनका शोषण हो रहा है। उनकी मांग है कि उन्हें सातवां पे स्केल दिया जाए। उनको पक्का किया जाए, ईएल , चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृति पर ग्रेज्युटी व नौकरी की सुरक्षा जाए।
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