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Karnal News: हिंसा की सूचना से चिंता में डूबे कर्णनगरी के नेपाली परिवार

Tue, 09 Sep 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Tue, 09 Sep 2025 01:27 AM IST
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Nepali families of Karnanagari are worried after getting news of violence
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। नेपाल में हिंसा की चिंता करनाल में रह रहे नेपाली परिवारों को भी सता रही है। यहां रह रहे परिवार भी हिंसा की निंदा करते हुए इसे तत्काल बंद किए जाने की कामना करना रहे हैं। हालांकि स्थानीय खुफिया एजेंसियों ने नेपाली परिवारों से बातचीत करके उनका हाल जाना है, उन्हें न घरबारे की सलाह दी है। नेपाली परिवारों के लोगों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन शुरू में केवल सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ था, लेकिन जल्दी ही यह भ्रष्टाचार, गैरजिम्मेदार शासन और स्वतंत्र अभिव्यक्ति के अधिकार का मुद्दा बन गया।
नेपाल में वर्तमान में जेनरेशन जेड के लोग भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके कारण काठमांडू और अन्य इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। सरकार ने आनन-फानन राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई है।
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करनाल में रह रहे नेपाली समाज के लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया से जुडे लोगों को अपना पंजीकरण जरूर कराना चाहिए, यह उनके हित में होगा और भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नही होगी। इस बात के लिए जन आंदोलन, संसद व आर्मी कैंप पर हमला निंदनीय व कानून के खिलाफ है।
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मूल प्रवाह अखिल भारत नेपाली एकता समाज के सदस्य विक्रम सिंह राणा ने बताया कि करनाल में करीब 500 लोग रहते हैं।

नेपाल में जैसे ही हिंसा भड़कने की सूचना मिली तो सभी चिंतित हो उठे। लोगों ने नेपाल में रह रहे अपनें परिजनों, पड़ोसियों को फोन करके उनकी कुशलक्षेप पूछी, घटनाक्रम की जानकारी ली।

बोधराज वर्मा, बाबू राम और सिसरराम का कहना है कि हिंसा तो किसी भी समस्या का हल नहीं है, क्योंकि देश का ही नहीं समाज को भी अपूर्णनीय क्षति पहुंचती है। लोगों को जल्द से जल्द इस जन आंदोलन को जल्द से जल्द खत्म कर देना चाहिए, ताकि नेपाल में शांति कायम हो सके।
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