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हरियाणा के साढ़े छह हजार बिक्री केंद्रों पर 15 जून से मिलेगी नैनो यूरिया खाद
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दुनिया में पहली बार इफको द्वारा उत्पादित तरल यूरिया खाद यानी नैनो यूरिया हरियाणा के किसानों को 15 जून से उपलब्ध होगी। अभी तक देश में तरल यूरिया को सिर्फ उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले को दी गई है। यह बात मंगलवार को करनाल, कैथल व पानीपत जिले की नैनो यूरिया के प्रयोग, महत्व व बिक्री विषय पर आयोजित ऑनलाइन प्रशिक्षण बैठक में इफको के उप महाप्रबंधक (कृषि सेवाएं) ओमकार ने कही। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के रेट किसानों के लिए 240 रुपये प्रति 500 मिली रखा गया है, जो यूरिया के कट्टे से 26.50 रुपये कम है।
31 मई को किया था लांच
ऑनलाइन प्रशिक्षण में डीजीएम ओमकार ने कहा कि विश्व में पहली बार बनी तरल यूरिया खाद (नैनो) को भारत में 31 मई-2021 को इफको के प्रबंध निदेशक डा.यूएस अवस्थी ने लांच कर दिया गया था। इसका उत्पादन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने नैनो यूरिया की 500 मिली खाद पहले से चल रही 45 किलो यूरिया के कट्टे के बराबर काम करती है। परंपरागत यूरिया का 40 प्रतिशत अंश ही पौधा ले पाता है लेकिन नैनो यूरिया का फायदा पौधा 80 प्रतिशत ले सकेगा। नैनो यूरिया (500 मिली) की कीमत 240 रुपये रखी गई है, जबकि 45 किलो के बैग की कीमत 266.50 रुपये है। 500 मिली को 125 लीटर पानी में मिलाकर फसल के पत्तों पर इसका स्प्रे किया जाना है।
बुलंदशहर में आपूर्ति शुरू
इफको के राज्य विपणन प्रबंधक हरियाणा डा.पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि नैनो यूरिया का उत्पादन शुरू हो गया है, अभी तक इसकी आपूर्ति देश में सिर्फ उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले को ही दी गई है, लेकिन 15 जून से जब धान की रोपाई शुरू होगी तो पूरे हरियाणा में किसानों को नैनो यूरिया उपलब्ध होगी। हरियाणा राज्यभर में इफको सहित सभी खादों के कुल 6660 बिक्री केंद्र हैं। इन सभी नैनो यूरिया उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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कुल खपत 20.94 लाख टन
डॉ पुष्पेंद्र ने बताया कि हरियाणा राज्यभर में एक साल में इफको निर्मित खादों की कुल खपत 20.94 लाख टन है। भारत में कुल खाद का 136 लाख टन खाद का प्रयोग किया जाता है, जिसमें इफको का शेयर 22.18 प्रतिशत है। देश में करीब 612 लाख टन इफको की खाद किसानों द्वारा प्रयोग की जाती है। नैनो यूरिया बैग वाली पारंपरिक खाद का विकल्प है। इस साल के अंत तक हरियाणा राज्य में कुल प्रयोग होने वाली पारंपरिक इफको खाद को 50 प्रतिशत नैनो खाद से रिप्लेस करने का लक्ष्य रखा है। इसमें करनाल के इफको क्षेत्रीय प्रबंधक डा.निरंजन सिंह ने बताया कि करनाल जिले में इफको यूरिया का करीब दो लाख टन उपयोग किया जाता है। इसे नैनो खाद से रिप्लेस किया जाएगा।
इसमें सहकारी बैंक पानीपत के जीएम रविंद्र राणा, मुख्य क्षेत्र प्रबंधक पानीपत एसपीएस कल्याण, क्षेत्रीय प्रतिनिधि कैथल सुरजीत सिंह आदि कई अधिकारी शामिल रहे।
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31 मई को किया था लांच
ऑनलाइन प्रशिक्षण में डीजीएम ओमकार ने कहा कि विश्व में पहली बार बनी तरल यूरिया खाद (नैनो) को भारत में 31 मई-2021 को इफको के प्रबंध निदेशक डा.यूएस अवस्थी ने लांच कर दिया गया था। इसका उत्पादन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने नैनो यूरिया की 500 मिली खाद पहले से चल रही 45 किलो यूरिया के कट्टे के बराबर काम करती है। परंपरागत यूरिया का 40 प्रतिशत अंश ही पौधा ले पाता है लेकिन नैनो यूरिया का फायदा पौधा 80 प्रतिशत ले सकेगा। नैनो यूरिया (500 मिली) की कीमत 240 रुपये रखी गई है, जबकि 45 किलो के बैग की कीमत 266.50 रुपये है। 500 मिली को 125 लीटर पानी में मिलाकर फसल के पत्तों पर इसका स्प्रे किया जाना है।
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बुलंदशहर में आपूर्ति शुरू
इफको के राज्य विपणन प्रबंधक हरियाणा डा.पुष्पेंद्र वर्मा ने बताया कि नैनो यूरिया का उत्पादन शुरू हो गया है, अभी तक इसकी आपूर्ति देश में सिर्फ उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले को ही दी गई है, लेकिन 15 जून से जब धान की रोपाई शुरू होगी तो पूरे हरियाणा में किसानों को नैनो यूरिया उपलब्ध होगी। हरियाणा राज्यभर में इफको सहित सभी खादों के कुल 6660 बिक्री केंद्र हैं। इन सभी नैनो यूरिया उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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कुल खपत 20.94 लाख टन
डॉ पुष्पेंद्र ने बताया कि हरियाणा राज्यभर में एक साल में इफको निर्मित खादों की कुल खपत 20.94 लाख टन है। भारत में कुल खाद का 136 लाख टन खाद का प्रयोग किया जाता है, जिसमें इफको का शेयर 22.18 प्रतिशत है। देश में करीब 612 लाख टन इफको की खाद किसानों द्वारा प्रयोग की जाती है। नैनो यूरिया बैग वाली पारंपरिक खाद का विकल्प है। इस साल के अंत तक हरियाणा राज्य में कुल प्रयोग होने वाली पारंपरिक इफको खाद को 50 प्रतिशत नैनो खाद से रिप्लेस करने का लक्ष्य रखा है। इसमें करनाल के इफको क्षेत्रीय प्रबंधक डा.निरंजन सिंह ने बताया कि करनाल जिले में इफको यूरिया का करीब दो लाख टन उपयोग किया जाता है। इसे नैनो खाद से रिप्लेस किया जाएगा।
इसमें सहकारी बैंक पानीपत के जीएम रविंद्र राणा, मुख्य क्षेत्र प्रबंधक पानीपत एसपीएस कल्याण, क्षेत्रीय प्रतिनिधि कैथल सुरजीत सिंह आदि कई अधिकारी शामिल रहे।