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Karnal News: जल संचय कार्यों में लापरवाही, अफसर को नोटिस
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- उपायुक्त ने दर्जनभर गांवों का दौरा कर फार्म पोंड, तालाबों की खोदाई के कार्य का किया निरीक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बारिश का अधिकाधिक जल संचित किया जा सके, इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए फार्म पोंड, अमृत सरोवर तथा मनरेगा के तहत तालाबों के नवीनीकरण का कार्य तेज करा दिया गया है। उपायुक्त अनीश यादव ने बुधवार को दर्जनभर गांवों में निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। गंगसीना में फार्म पोंड के संतोषजनक जवाब न दे पाने पर एसईपीओ रवि कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और एबीपीओ विक्रम व पंचायती राज के एसडीओ को भी चेतावनी जारी की है। कार्य को बारिश के मौसम से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त अनीश यादव ने बुधवार को सबसे पहले घोघड़ीपुर गांव में बन रहे फार्म पोंड की खुदाई के कार्य को देखा। कार्य की गति को और तेज करने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने गांव गगसीना, मुनक, बाल-राजपुताना, बंभररेहड़ी, पाढा, कुडलन, मंचूरी, डाचर, उपलानी, उपलाना, रंगरूटी खेड़ा तथा खांडाखेड़ी का दौरा करके तालाबों पर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तालाबों के नवीनीकरण के कार्य का बेहतरीन तरीके से एक्शन प्लान तैयार करें और नक्शा बनाकर रखें ताकि तकनीकी तौर पर तालाब की गहराई, चौड़ाई तथा खुदाई के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो सके। फार्म पौंड ऐसे स्थान पर बनाएं, जहां पर पानी का बहाव अधिक हो और खेत का लेवल गहराई में हो। फार्म पौंड, अमृत सरोवर तथा मनरेगा के तहत विकसित किए जा रहे तालाबों के चारों ओर पौधारोपण भी अवश्य कराएं। लोगों के घूमने फिरने व बैठने के लिए सुंदर व्यवस्था करें। उन्होंने सरपंचों से कहा कि जो सरपंच तालाबों को लेकर अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान एसीयूटी विवेक आर्य, जिला परिषद के सीईओ गौरव कुमार, असंध के एसडीएम मनदीप कुमार, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, पंचायती राज के एक्सईएन परविंद्र सिंह, एसडीओ, बीडीपीओ, जेई, ग्राम सचिव मौजूद रहे।
उपायुक्त अनीश यादव जब गांव मंचूरी के स्कूल में पहुंचे तो यहां शौचालय का अधूरा कार्य, स्कूल गेट नहीं बने थे, पानी के कूलर का सही जगह इस्तेमाल नहीं हो रहा था, इस पर संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई। उन्होंने सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है, जितने पैसे की जरूरत है, उन्हें बताएं, डी प्लान से उपलब्ध कराया जाएगा लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अब पचास हजार रुपये प्रति एकड़ से कम पर नहीं मिलेगा पंचायती भूमि का पट्टा
करनाल। अब ग्राम पंचायतें या फिर पंचायती राज विभाग के अधिकारी अपने चहेतों को सस्ती दर पर पंचायती भूमि का पट्टा नहीं दे सकेंगे, क्योंकि उपायुक्त अनीश यादव ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों की आय को बढ़ाने के उद्देश्य से पंचायती जमीन को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ से कम दर पर पट्टे पर नहीं जाएगी। अक्सर ऐसा होता है कि पंचायती जमीन पर आसपास से लोगों की नजर रहती है। सैकड़ों एकड़ जमीन को पंचायतों व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से साठगांठ करके सस्ते में जमीन को पट्टे पर ले लेते हैं।
जबकि वास्तव में गांवों में अब जमीन के भाव 50 से 60 हजार रुपये तक हैं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त अनीश यादव ने पट्टे पर दी जाने वाली पंचायती भूमि का कुछ गांवों में मौके पर जाकर निरीक्षण किया और साथ लगती अन्य पट्टों पर दी जाने वाली जमीन के भाव की भी जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने पंचायत की आमदनी में इजाफा करने और ग्राम पंचायत के विकास कार्य तेजी से पूरे करने के लिए स्पष्ट किया कि अब पट्टे पर दी जाने वाली पंचायती जमीन 50 हजार रुपये प्रति एकड़ से कम नही दी जाएगी। ब्यूरो
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बारिश का अधिकाधिक जल संचित किया जा सके, इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए फार्म पोंड, अमृत सरोवर तथा मनरेगा के तहत तालाबों के नवीनीकरण का कार्य तेज करा दिया गया है। उपायुक्त अनीश यादव ने बुधवार को दर्जनभर गांवों में निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। गंगसीना में फार्म पोंड के संतोषजनक जवाब न दे पाने पर एसईपीओ रवि कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करने और एबीपीओ विक्रम व पंचायती राज के एसडीओ को भी चेतावनी जारी की है। कार्य को बारिश के मौसम से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त अनीश यादव ने बुधवार को सबसे पहले घोघड़ीपुर गांव में बन रहे फार्म पोंड की खुदाई के कार्य को देखा। कार्य की गति को और तेज करने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने गांव गगसीना, मुनक, बाल-राजपुताना, बंभररेहड़ी, पाढा, कुडलन, मंचूरी, डाचर, उपलानी, उपलाना, रंगरूटी खेड़ा तथा खांडाखेड़ी का दौरा करके तालाबों पर चल रहे कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तालाबों के नवीनीकरण के कार्य का बेहतरीन तरीके से एक्शन प्लान तैयार करें और नक्शा बनाकर रखें ताकि तकनीकी तौर पर तालाब की गहराई, चौड़ाई तथा खुदाई के बारे में पूरी जानकारी हासिल हो सके। फार्म पौंड ऐसे स्थान पर बनाएं, जहां पर पानी का बहाव अधिक हो और खेत का लेवल गहराई में हो। फार्म पौंड, अमृत सरोवर तथा मनरेगा के तहत विकसित किए जा रहे तालाबों के चारों ओर पौधारोपण भी अवश्य कराएं। लोगों के घूमने फिरने व बैठने के लिए सुंदर व्यवस्था करें। उन्होंने सरपंचों से कहा कि जो सरपंच तालाबों को लेकर अच्छा कार्य करेंगे, उन्हें जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान एसीयूटी विवेक आर्य, जिला परिषद के सीईओ गौरव कुमार, असंध के एसडीएम मनदीप कुमार, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया, पंचायती राज के एक्सईएन परविंद्र सिंह, एसडीओ, बीडीपीओ, जेई, ग्राम सचिव मौजूद रहे।
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उपायुक्त अनीश यादव जब गांव मंचूरी के स्कूल में पहुंचे तो यहां शौचालय का अधूरा कार्य, स्कूल गेट नहीं बने थे, पानी के कूलर का सही जगह इस्तेमाल नहीं हो रहा था, इस पर संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई। उन्होंने सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है, जितने पैसे की जरूरत है, उन्हें बताएं, डी प्लान से उपलब्ध कराया जाएगा लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अब पचास हजार रुपये प्रति एकड़ से कम पर नहीं मिलेगा पंचायती भूमि का पट्टा
करनाल। अब ग्राम पंचायतें या फिर पंचायती राज विभाग के अधिकारी अपने चहेतों को सस्ती दर पर पंचायती भूमि का पट्टा नहीं दे सकेंगे, क्योंकि उपायुक्त अनीश यादव ने स्पष्ट किया है कि पंचायतों की आय को बढ़ाने के उद्देश्य से पंचायती जमीन को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ से कम दर पर पट्टे पर नहीं जाएगी। अक्सर ऐसा होता है कि पंचायती जमीन पर आसपास से लोगों की नजर रहती है। सैकड़ों एकड़ जमीन को पंचायतों व पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से साठगांठ करके सस्ते में जमीन को पट्टे पर ले लेते हैं।
जबकि वास्तव में गांवों में अब जमीन के भाव 50 से 60 हजार रुपये तक हैं। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त अनीश यादव ने पट्टे पर दी जाने वाली पंचायती भूमि का कुछ गांवों में मौके पर जाकर निरीक्षण किया और साथ लगती अन्य पट्टों पर दी जाने वाली जमीन के भाव की भी जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने पंचायत की आमदनी में इजाफा करने और ग्राम पंचायत के विकास कार्य तेजी से पूरे करने के लिए स्पष्ट किया कि अब पट्टे पर दी जाने वाली पंचायती जमीन 50 हजार रुपये प्रति एकड़ से कम नही दी जाएगी। ब्यूरो