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Karnal News: मलेरिया से बचाव में लापरवाही, 13 को नोटिस
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- स्वास्थ्य विभाग की टीम को चेकिंग के दौरान 332 घरों में मिला मच्छर का लारवा
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव में लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जिस कारण लारवा पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 13 घरों को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 10 मई तक रैपिड फीवर सर्वे करवाया गया। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की 235 टीमों ने घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया।
सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि करनाल शहरी क्षेत्र में भी पांच टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर कूलर, टंकी, गमले, घड़े चेक कर रही हैं और लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव के संबंध में जानकारी दे रही हैं। सर्वे के दौरान 332 घरों में मच्छर का लारवा पाया गया। जिसके तहत 13 घरों को नोटिस दिया गया है। उक्त सर्वे के दौरान 8726 रक्त पटिट्काएं बनाई गईं। इसके अतिरिक्त उक्त सर्वे के दौरान जिले में मौजूद सभी सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण किया गया।
यह सावधानी बरतें
मलेरिया व डेंगू के बचाव के लिए छतों पर पडे़ खाली बर्तनों, टायर ट्यूबों, डिब्बों, गमलों व अन्य पानी के स्रोतों में से पानी निकलवा दें व उल्टा करके रखें ताकि उनमें पानी जमा न हो। खाली टायरों में सुराख कर दें। उन्होंने बताया कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। यदि किसी कारणवश पानी की निकासी न हो तो उसमें थोड़ा मिट्टी का तेल, काला तेल, डीजल इत्यादि डाल दें ताकि मच्छर का लारवा पनपने न पाएं। बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच अवश्य कराएं और साथ ही चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही दवाई लें। प्रत्येक टीम में एमपीएचएस, एमपीएचडब्ल्यू, एएनएम व आशा शामिल हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव में लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जिस कारण लारवा पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे 13 घरों को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक से 10 मई तक रैपिड फीवर सर्वे करवाया गया। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग की 235 टीमों ने घर-घर जाकर लोगों को मलेरिया से बचाव के लिए जागरूक किया।
सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि करनाल शहरी क्षेत्र में भी पांच टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर कूलर, टंकी, गमले, घड़े चेक कर रही हैं और लोगों को मलेरिया व डेंगू से बचाव के संबंध में जानकारी दे रही हैं। सर्वे के दौरान 332 घरों में मच्छर का लारवा पाया गया। जिसके तहत 13 घरों को नोटिस दिया गया है। उक्त सर्वे के दौरान 8726 रक्त पटिट्काएं बनाई गईं। इसके अतिरिक्त उक्त सर्वे के दौरान जिले में मौजूद सभी सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण किया गया।
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मलेरिया व डेंगू के बचाव के लिए छतों पर पडे़ खाली बर्तनों, टायर ट्यूबों, डिब्बों, गमलों व अन्य पानी के स्रोतों में से पानी निकलवा दें व उल्टा करके रखें ताकि उनमें पानी जमा न हो। खाली टायरों में सुराख कर दें। उन्होंने बताया कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। यदि किसी कारणवश पानी की निकासी न हो तो उसमें थोड़ा मिट्टी का तेल, काला तेल, डीजल इत्यादि डाल दें ताकि मच्छर का लारवा पनपने न पाएं। बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर खून की जांच अवश्य कराएं और साथ ही चिकित्सक के परामर्श अनुसार ही दवाई लें। प्रत्येक टीम में एमपीएचएस, एमपीएचडब्ल्यू, एएनएम व आशा शामिल हैं।
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