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करनाल: चार हिस्सों में बंटी शहर की संपत्तियां, जल्द निपटेंगी शिकायते
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने एनडीसी पोर्टल को बदलाव के बाद शुरू कर दिया है। अब पोर्टल का सरलीकरण कर दिया गया है। इसमें शिकायत ट्रैकिंग की सुविधा के साथ-साथ कॉलोनियों का वर्गीकरण भी कर दिया गया है। इसी के आधार पर शहर के करीब 242 कॉलोनी कोड को कॉलोनीवार आईडी के रूप में चार हिस्सों में विभाजित कर दिया गया है। कॉलोनीवार आईडी बनाकर अब चार क्लर्क की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। ये भी व्यवस्था की गई है कि यदि किसी क्लर्क ने कार्य में लेटलतीफी की तो उसका उत्तरदायित्व तय करके कार्रवाई की जाएगी।
घर बैठे दर्ज करा सकेंगे शिकायत
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि चार दिन बंद रहने के बाद निदेशालय ने अपडेट एनडीसी पोर्टल शुरू कर दिया है। इसका पहले की अपेक्षा काफी हद तक सरलीकरण कर दिया गया है। ताकि कोई भी व्यक्ति घर बैठे या फिर सीएससी आदि से अपनी शिकायत दर्ज करा सके या फिर आवेदन कर सके। सबसे खास बात ये भी है कि अब कॉलोनीवार आईडी से कार्य की व्यवस्था दी गई है। जिससे लोगों को काफी आसानी हो जाएगी। एक ही व्यक्ति पर भार नहीं रहेगा। कार्य पहले की अपेक्षा काफी सुगमता और शीघ्रता से हो सकेगा।
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ये है नई व्यवस्था
- करनाल शहर पहले से ही 242 कॉलोनी कोड में विभाजित है। अब एनडीसी पोर्टल पर इन सभी कॉलोनी कोड को चार हिस्सों में बांट दिया गया है। जो कॉलोनी जिस क्लर्क को आवंटित की गई है, वह कॉलोनी उसी क्लर्क के पॉसवर्ड से खुलेंगी। वही उस पर आने वाली सभी शिकायतों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
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- मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी की विरासत के मामले का निस्तारण 45 दिन, इससे संबंधित अन्य मामले 15 दिन और सामान्य मामले 10 दिन के अंदर निस्तारित करने होंगे। यदि संबंधित व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो उसका उत्तरदायित्व तय करके उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
- अब तक पोर्टल पर शिकायत का नंबर तो दिखता था, लेकिन फाइल कहां है, किस स्थिति में है, उसका स्टेटस नहीं दिखता था लेकिन नई व्यवस्था के तहत आवेदन अपनी फाइल का स्टेटस घर बैठे देख सकेगा। उसे क्लिक करते ही पता लगेगा कि फाइल किस पटल पर है।
- नई व्यवस्था के तहत शिकायत या कार्य से संबंधित श्रेणी चुनने का विकल्प मिल गया है। इसमें सात श्रेणियां प्रदर्शित होंगी, जिसमें मोबाइल नंबर बदलवाना है, नाम, क्षेत्र में परिवर्तन कराना है, विकास शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना या बिल निकालना है, कॉलोनी अप्रूव्ड या अनअप्रूव्ड और पेयजल व सीवरेज का विकल्प खुलेगा। जिसका जिससे संबंधित कार्य है, वही विकल्प चुनकर अपनी शिकायत या आवेदन कर सकेगा। यहां से सीधे संबंधित पटल पर शिकायत चली जाएगी।
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करनाल। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने एनडीसी पोर्टल को बदलाव के बाद शुरू कर दिया है। अब पोर्टल का सरलीकरण कर दिया गया है। इसमें शिकायत ट्रैकिंग की सुविधा के साथ-साथ कॉलोनियों का वर्गीकरण भी कर दिया गया है। इसी के आधार पर शहर के करीब 242 कॉलोनी कोड को कॉलोनीवार आईडी के रूप में चार हिस्सों में विभाजित कर दिया गया है। कॉलोनीवार आईडी बनाकर अब चार क्लर्क की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। ये भी व्यवस्था की गई है कि यदि किसी क्लर्क ने कार्य में लेटलतीफी की तो उसका उत्तरदायित्व तय करके कार्रवाई की जाएगी।
घर बैठे दर्ज करा सकेंगे शिकायत
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि चार दिन बंद रहने के बाद निदेशालय ने अपडेट एनडीसी पोर्टल शुरू कर दिया है। इसका पहले की अपेक्षा काफी हद तक सरलीकरण कर दिया गया है। ताकि कोई भी व्यक्ति घर बैठे या फिर सीएससी आदि से अपनी शिकायत दर्ज करा सके या फिर आवेदन कर सके। सबसे खास बात ये भी है कि अब कॉलोनीवार आईडी से कार्य की व्यवस्था दी गई है। जिससे लोगों को काफी आसानी हो जाएगी। एक ही व्यक्ति पर भार नहीं रहेगा। कार्य पहले की अपेक्षा काफी सुगमता और शीघ्रता से हो सकेगा।
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ये है नई व्यवस्था
- करनाल शहर पहले से ही 242 कॉलोनी कोड में विभाजित है। अब एनडीसी पोर्टल पर इन सभी कॉलोनी कोड को चार हिस्सों में बांट दिया गया है। जो कॉलोनी जिस क्लर्क को आवंटित की गई है, वह कॉलोनी उसी क्लर्क के पॉसवर्ड से खुलेंगी। वही उस पर आने वाली सभी शिकायतों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
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- मृत्यु के बाद प्रॉपर्टी की विरासत के मामले का निस्तारण 45 दिन, इससे संबंधित अन्य मामले 15 दिन और सामान्य मामले 10 दिन के अंदर निस्तारित करने होंगे। यदि संबंधित व्यक्ति ऐसा नहीं करता है तो उसका उत्तरदायित्व तय करके उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
- अब तक पोर्टल पर शिकायत का नंबर तो दिखता था, लेकिन फाइल कहां है, किस स्थिति में है, उसका स्टेटस नहीं दिखता था लेकिन नई व्यवस्था के तहत आवेदन अपनी फाइल का स्टेटस घर बैठे देख सकेगा। उसे क्लिक करते ही पता लगेगा कि फाइल किस पटल पर है।
- नई व्यवस्था के तहत शिकायत या कार्य से संबंधित श्रेणी चुनने का विकल्प मिल गया है। इसमें सात श्रेणियां प्रदर्शित होंगी, जिसमें मोबाइल नंबर बदलवाना है, नाम, क्षेत्र में परिवर्तन कराना है, विकास शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना या बिल निकालना है, कॉलोनी अप्रूव्ड या अनअप्रूव्ड और पेयजल व सीवरेज का विकल्प खुलेगा। जिसका जिससे संबंधित कार्य है, वही विकल्प चुनकर अपनी शिकायत या आवेदन कर सकेगा। यहां से सीधे संबंधित पटल पर शिकायत चली जाएगी।