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तीन हत्याओं के बाद भी नरेंद्र को नहीं अफसोस
अमर उजाला/ब्यूरो, करनाल
Updated Tue, 08 Jul 2014 12:34 AM IST
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गांव कोहंड में पारिवारिक कलह के कारण हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में
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पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत
में पेश किया।
जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट में ले जाने से पूर्व तीनों आरोपियों का घरौंडा के सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया। इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद भी मुख्य आरोपी के चेहरे पर जरा सा भी अफसोस नहीं दिखाई दे रहा था। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी बंदूक को भी बरामद कर लिया है।
रविवार देर रात पुलिस ने कोहंड तिहरे हत्याकांड मामले के तीनों आरोपियों को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने सोमवार को तीनों आरोपियाें को ड्यूटी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश मधुलिका की अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की जांच करने के लिए आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर लेने की अपील की। इस पर आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
इससे पहले पुलिस ने सरकारी अस्पताल में तीनों आरोपियों का मेडिकल चेकअप करवाया। अस्पताल में मेडिकल के समय अपने सास, ससुर व साले पर अंधाधुंध गोलियां चलाने वाले मुख्य आरोपी नरेंद्र के चेहरे पर किसी प्रकार का अफसोस नहीं दिखाई दे रहा था। पुलिस ने आरोपियों का रिमांड लेने के बाद मामले की गहनता से जांच की और वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी बंदूक बरामद कर ली है, लेकिन अब तक वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं लगा है। आरोपी की पत्नी कोहंड निवासी सोनिया की शिकायत पर तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर व एसआईटी टीम का गठन कर आरोपी की तलाश के आदेश जारी कर दिए थे। पुलिस की टीमों ने चप्पे-चप्पे पर तीनों आरोपियाें की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की टीम ने कई स्थानों पर दबीश दी और रविवार की रात को ही सीआईए-2 व घरौंडा पुलिस ने कच्ची फाटक पानीपत वासी नरेंद्र, सत्यवान उर्फ सत्ता तथा अर्जन नगर पानीपत निवासी पवन को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया था।
साले की पत्नी का थप्पड़ बना हत्याकांड की वजह
बताया जाता है कि नरेंद्र के भाई राकेश की शादी ऋषिपाल की बहन निर्मला के साथ वर्ष 2005 में हुई थी, लेकिन शादी के बाद निर्मला को उसकी ससुराल नहीं भेजा गया। राकेश से निर्मला की शादी का रिश्ता तोड़कर प्रेमचंद ने उसकी शादी दूसरी जगह पर तय कर दी थी। हत्याकांड का दूसरा कारण यह भी बताया जाता है कि 2013 को दशहरे से एक दिन पहले नरेंद्र व ससुराल वालों की आपस में कहासुनी हो गई थी और नरेंद्र ने अपने साले पर बंदूक तान दी थी। इसी झगड़े में ऋषिपाल की पत्नी मंजू ने नरेंद्र को थप्पड़ जड़ दिया था। इसकी गूंज आज भी नरेंद्र के कानों में गूंज रही थी।
पुलिस सुरक्षा के बीच हुआ मेडिकल
पुलिस ने सोमवार दोपहर को कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों का घरौंडा सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया। जिस पुलिस गाड़ी में आरोपियों को अस्पताल में लाया गया, उस गाड़ी के आगे पीसीआर एनएच-4 और पीछे की तरफ पुलिस की एक स्विफ्ट कार चल रही थी। जैसे ही गाड़ी अस्पताल में पहुंची तो हथियारबंद पुलिस कर्मियों ने आरोपियों को घेर लिया और मेडिकल रूम में ले गए और मेडिकल जांच के दौरान बाहर मुस्तैद रहे। मेडिकल के बाद पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।
जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट में ले जाने से पूर्व तीनों आरोपियों का घरौंडा के सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया। इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने के बाद भी मुख्य आरोपी के चेहरे पर जरा सा भी अफसोस नहीं दिखाई दे रहा था। पुलिस ने वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी बंदूक को भी बरामद कर लिया है।
रविवार देर रात पुलिस ने कोहंड तिहरे हत्याकांड मामले के तीनों आरोपियों को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने सोमवार को तीनों आरोपियाें को ड्यूटी मजिस्ट्रेट न्यायाधीश मधुलिका की अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की जांच करने के लिए आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर लेने की अपील की। इस पर आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
इससे पहले पुलिस ने सरकारी अस्पताल में तीनों आरोपियों का मेडिकल चेकअप करवाया। अस्पताल में मेडिकल के समय अपने सास, ससुर व साले पर अंधाधुंध गोलियां चलाने वाले मुख्य आरोपी नरेंद्र के चेहरे पर किसी प्रकार का अफसोस नहीं दिखाई दे रहा था। पुलिस ने आरोपियों का रिमांड लेने के बाद मामले की गहनता से जांच की और वारदात में प्रयोग की गई लाइसेंसी बंदूक बरामद कर ली है, लेकिन अब तक वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं लगा है। आरोपी की पत्नी कोहंड निवासी सोनिया की शिकायत पर तीन व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर व एसआईटी टीम का गठन कर आरोपी की तलाश के आदेश जारी कर दिए थे। पुलिस की टीमों ने चप्पे-चप्पे पर तीनों आरोपियाें की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस की टीम ने कई स्थानों पर दबीश दी और रविवार की रात को ही सीआईए-2 व घरौंडा पुलिस ने कच्ची फाटक पानीपत वासी नरेंद्र, सत्यवान उर्फ सत्ता तथा अर्जन नगर पानीपत निवासी पवन को बसताड़ा टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया था।
साले की पत्नी का थप्पड़ बना हत्याकांड की वजह
बताया जाता है कि नरेंद्र के भाई राकेश की शादी ऋषिपाल की बहन निर्मला के साथ वर्ष 2005 में हुई थी, लेकिन शादी के बाद निर्मला को उसकी ससुराल नहीं भेजा गया। राकेश से निर्मला की शादी का रिश्ता तोड़कर प्रेमचंद ने उसकी शादी दूसरी जगह पर तय कर दी थी। हत्याकांड का दूसरा कारण यह भी बताया जाता है कि 2013 को दशहरे से एक दिन पहले नरेंद्र व ससुराल वालों की आपस में कहासुनी हो गई थी और नरेंद्र ने अपने साले पर बंदूक तान दी थी। इसी झगड़े में ऋषिपाल की पत्नी मंजू ने नरेंद्र को थप्पड़ जड़ दिया था। इसकी गूंज आज भी नरेंद्र के कानों में गूंज रही थी।
पुलिस सुरक्षा के बीच हुआ मेडिकल
पुलिस ने सोमवार दोपहर को कड़ी सुरक्षा के बीच तीनों आरोपियों का घरौंडा सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया। जिस पुलिस गाड़ी में आरोपियों को अस्पताल में लाया गया, उस गाड़ी के आगे पीसीआर एनएच-4 और पीछे की तरफ पुलिस की एक स्विफ्ट कार चल रही थी। जैसे ही गाड़ी अस्पताल में पहुंची तो हथियारबंद पुलिस कर्मियों ने आरोपियों को घेर लिया और मेडिकल रूम में ले गए और मेडिकल जांच के दौरान बाहर मुस्तैद रहे। मेडिकल के बाद पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।