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Karnal News: नैनो यूरिया नया अवतार, फसलों को होगा बड़ा फायदा
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एनडीआरआई के कृषि विज्ञान केंद्र में इफको की ओर से नैनो उर्वरक जागरूकता अभियान के तहत सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रबंधकों, विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया। जिसमें बताया गया कि नैनो यूरिया को अब नई ताकत के साथ लांच किया गया है। जो फसलों को नए और गहरे रंग के साथ उनकी वृद्धि में मुख्य भूमिका निभाएगी।
इस मौके पर कृषि विभाग के गुणवता नियंत्रक निरीक्षक डा. सुनील बजाड बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। कृषि विज्ञान केंद्र के डा. मनीष विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सहकारी कर्मियों, विक्रेताओं को वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक इफको डॉ. निरंजन सिंह, जेडएमई इफको - एमसी विनय मणि त्रिपाठी, आरएमई इफको - एमसी हरियाणा महेश यादव, क्षेत्र अधिकारी मोहित ढूकिया ने प्रशिक्षण दिया। डॉ. निरंजन सिंह यादव ने सहकारी समितियों के प्रबंधको विक्रेताओं को कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक व कृषि आदानों की बिक्री की योजना बताई।
इफको द्वारा विश्व में सबसे पहले परंपरागत रासायनिक खादों के विकल्प के तौर पर तैयार किए गए नैनो उर्वरक के कृषि में महत्त्व के बारे में सहकारी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने को इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बताया। नैनो यूरिया की 500 एमएल की एक बोतल दानेदार यूरिया के एक बोरे (45 किलो) के बराबर कार्य करती है। नैनो डीएपी भी नैनो तकनीकी पर आधारित है व इसकी 500 मिली की आधी बोतल को बीज उपचार/जड़ उपचार/कंद उपचार बिजाइ के समय करें व आधी बोतल 30-35 दिन को फसल पर 125 लीटर पानी में स्प्रे करकर उपयोग करें।
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करनाल। एनडीआरआई के कृषि विज्ञान केंद्र में इफको की ओर से नैनो उर्वरक जागरूकता अभियान के तहत सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रबंधकों, विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया। जिसमें बताया गया कि नैनो यूरिया को अब नई ताकत के साथ लांच किया गया है। जो फसलों को नए और गहरे रंग के साथ उनकी वृद्धि में मुख्य भूमिका निभाएगी।
इस मौके पर कृषि विभाग के गुणवता नियंत्रक निरीक्षक डा. सुनील बजाड बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। कृषि विज्ञान केंद्र के डा. मनीष विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। सहकारी कर्मियों, विक्रेताओं को वरिष्ठ क्षेत्र प्रबंधक इफको डॉ. निरंजन सिंह, जेडएमई इफको - एमसी विनय मणि त्रिपाठी, आरएमई इफको - एमसी हरियाणा महेश यादव, क्षेत्र अधिकारी मोहित ढूकिया ने प्रशिक्षण दिया। डॉ. निरंजन सिंह यादव ने सहकारी समितियों के प्रबंधको विक्रेताओं को कृषि से संबंधित आधुनिक तकनीक व कृषि आदानों की बिक्री की योजना बताई।
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इफको द्वारा विश्व में सबसे पहले परंपरागत रासायनिक खादों के विकल्प के तौर पर तैयार किए गए नैनो उर्वरक के कृषि में महत्त्व के बारे में सहकारी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने को इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बताया। नैनो यूरिया की 500 एमएल की एक बोतल दानेदार यूरिया के एक बोरे (45 किलो) के बराबर कार्य करती है। नैनो डीएपी भी नैनो तकनीकी पर आधारित है व इसकी 500 मिली की आधी बोतल को बीज उपचार/जड़ उपचार/कंद उपचार बिजाइ के समय करें व आधी बोतल 30-35 दिन को फसल पर 125 लीटर पानी में स्प्रे करकर उपयोग करें।
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