{"_id":"64a1e55468d8e3eaf9088b84","slug":"my-son-nishant-will-now-fight-in-china-karnal-news-c-18-knl1031-163424-2023-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: म्हारे छोरे निशांत का अब चीन में चलेगा मुक्का, मचेगा रुक्का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: म्हारे छोरे निशांत का अब चीन में चलेगा मुक्का, मचेगा रुक्का
विज्ञापन
म्हारे छोरे निशांत का अब चीन में चलेगा मुक्का, मचेगा रुक्का
करनाल। विश्व मुक्केबाजी में कांस्य पदक जीतने के बाद अब करनाल के अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर निशांत देव उर्फ सूर्या चीन में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स में अपना दम दिखाएंगे। जिले के बेटे का चयन 63.5-71 किलोग्राम भार वर्ग में हुआ है।
एशियन गेम्स का आयोजन 23 सितंबर से आठ अक्टूबर तक चीन में किया जाएगा। पिछले तीन सप्ताह से पटियाला स्थित साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) में खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया चल रही है। जिसमें देशभर से 21 पुरुष मुक्केबाजों का चयन किया गया है। इसमें शहर के लिए यह खुशी की बात है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर सुमित सांगवान के बाद निशांत देव विश्व में जिले के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर रहे हैं। एशियन गेम्स में चयन होने से घर में खुशी का माहौल है।
विदित हो कि 30 अप्रैल से 14 मई तक विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन उज्बेकिस्तान के ताशकंद में किया गया। जिसमें 104 देशों के 640 बॉक्सरों ने भाग लिया था। जिसमें निशांत ने अपने प्रतिद्वंद्वी क्यूबा के बॉक्सर टेरी जॉर्ज को 5-0 से हराया। वहीं, फिलीपींस के फकाहा निदाल को 54 सेकेंड में ही हरा दिया। अजरबैजान के अलीयेव सरखान व कोरिया के ली संगमिन को 5-0 से ही मात देकर जिले की झोली में कांस्य पदक डाला था। निशांत देव से इस बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक लाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
दादा बोले, पोता चीन ते ल्यावेगा सोना
करनाल स्थित कोट मोहल्ला निवासी निशांत के पिता पवन देव ने बताया कि बेटे के एशियन गेम्स में चयन होने से घर में खुशी का माहौल है। कोट मोहल्ले की तंग गलियों से निकलकर बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। बेटे का लक्ष्य देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाना है। ताकि वह भी देश का नाम रोशन कर सके। घर में उनके दादा चौधरी कृष्ण देव, दादी रोशनी, मां प्रियंका देवी, चाचा, चाची, भाई सभी खुशी मना रहे हैं। दादा चौधरी कृष्ण देव का कहना है कि पोता इस बार चीन में स्वर्ण पदक जरूर जीतेगा।
चयन पर कोच ने जताई खुशी
निशांत देव के पहले कोच कर्ण स्टेडियम से सुरेंद्र चौहान ने निशांत को उनके चयन पर बधाई दी। निशांत ने बॉक्सिंग की शुरुआत कर्ण स्टेडियम के कोच सुरेंद्र चौहान के नेतृत्व में ही की थी। उनके कहने पर ही उन्होंने बॉक्सिंग की बारीकियां सीखने के लिए कर्नाटक का रुख किया था।
विज्ञापन
एशियन गेम्स का आयोजन 23 सितंबर से आठ अक्टूबर तक चीन में किया जाएगा। पिछले तीन सप्ताह से पटियाला स्थित साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) में खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया चल रही है। जिसमें देशभर से 21 पुरुष मुक्केबाजों का चयन किया गया है। इसमें शहर के लिए यह खुशी की बात है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर सुमित सांगवान के बाद निशांत देव विश्व में जिले के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर रहे हैं। एशियन गेम्स में चयन होने से घर में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
विदित हो कि 30 अप्रैल से 14 मई तक विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का आयोजन उज्बेकिस्तान के ताशकंद में किया गया। जिसमें 104 देशों के 640 बॉक्सरों ने भाग लिया था। जिसमें निशांत ने अपने प्रतिद्वंद्वी क्यूबा के बॉक्सर टेरी जॉर्ज को 5-0 से हराया। वहीं, फिलीपींस के फकाहा निदाल को 54 सेकेंड में ही हरा दिया। अजरबैजान के अलीयेव सरखान व कोरिया के ली संगमिन को 5-0 से ही मात देकर जिले की झोली में कांस्य पदक डाला था। निशांत देव से इस बार एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक लाने की उम्मीद है।
विज्ञापन
दादा बोले, पोता चीन ते ल्यावेगा सोना
करनाल स्थित कोट मोहल्ला निवासी निशांत के पिता पवन देव ने बताया कि बेटे के एशियन गेम्स में चयन होने से घर में खुशी का माहौल है। कोट मोहल्ले की तंग गलियों से निकलकर बेटे ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अलग पहचान बनाई है। बेटे का लक्ष्य देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाना है। ताकि वह भी देश का नाम रोशन कर सके। घर में उनके दादा चौधरी कृष्ण देव, दादी रोशनी, मां प्रियंका देवी, चाचा, चाची, भाई सभी खुशी मना रहे हैं। दादा चौधरी कृष्ण देव का कहना है कि पोता इस बार चीन में स्वर्ण पदक जरूर जीतेगा।
चयन पर कोच ने जताई खुशी
निशांत देव के पहले कोच कर्ण स्टेडियम से सुरेंद्र चौहान ने निशांत को उनके चयन पर बधाई दी। निशांत ने बॉक्सिंग की शुरुआत कर्ण स्टेडियम के कोच सुरेंद्र चौहान के नेतृत्व में ही की थी। उनके कहने पर ही उन्होंने बॉक्सिंग की बारीकियां सीखने के लिए कर्नाटक का रुख किया था।