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Karnal News: दुकान की रजिस्ट्री में गवाही के नाम पर 20 हजार लेते निगम सहायक गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:54 PM IST
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Municipal assistant arrested for taking 20,000 rupees to act as a witness for a shop registration
.रिश्वत लेते पकड़े गए आरोपी को लेकर जाती विजिलेंस की टीम संवाद - फोटो : पांच किलोमीटर साइकिल दौड़ में सपना ने मारी बाजी
करनाल। मुगल कैनाल की दुकान का मालिकाना हक परिवार के सदस्यों के नाम हस्तांतरित कराने के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में नगर निगम का सहायक राम सिंह शुक्रवार को एसीबी के जाल में फंस गया। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने उसे लघु सचिवालय में तहसील कार्यालय के बाहर 20 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि दुकान के ट्रांसफर लेटर से लेकर रजिस्ट्री तक की प्रक्रिया में गवाही और हस्ताक्षर की भूमिका निभाने के बदले उसने 50 हजार रुपये का सौदा तय किया था। इसमें से 30 हजार रुपये पहले ही ले चुका था जबकि शेष 20 हजार रुपये रजिस्ट्री के दिन लेने थे।
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शिकायतकर्ता विक्रम के पिता के नाम मुगल कैनाल स्थित दुकान नंबर-15 में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। पिता की मृत्यु के बाद इस हिस्से का स्वामित्व विक्रम और उसके भाइयों के नाम हस्तांतरित होना था। इसके लिए ट्रांसफर लेटर जारी कराने और सेल डीड या कन्वेयंस डीड की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करनी थी। आरोप है कि नगर निगम की सेक्रेटरी शाखा में सहायक के पद पर कार्यरत राम सिंह ने इस काम के बदले विक्रम और उसके चाचा भारत भूषण से पहले 75 हजार रुपये मांगे। बाद में बातचीत के बाद 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
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आरोपी पहले 30 हजार रुपये लेकर ट्रांसफर लेटर जारी कर चुका था। शेष 20 हजार रुपये 23 अक्तूबर को रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी। शिकायत मिलने पर एसीबी ने कार्रवाई की योजना बनाई। शुक्रवार को राम सिंह टोकन लेने के बाद लघु सचिवालय में तहसील कार्यालय के बाहर शिकायतकर्ता का इंतजार कर रहा था। टीम पहले से मौके पर निगरानी कर रही थी। जैसे ही उसने रुपये लिए, एसीबी ने उसे पकड़ लिया।
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एक ही शाखा में करीब 10 साल से तैनात था आरोपी
राम सिंह नगर निगम की सेक्रेटरी शाखा में करीब 10 साल से काम कर रहा था। दिसंबर में उसकी सेवानिवृत्ति होनी थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसकी सीट से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और नगर निगम की दुकानों के नक्शे पास कराने, रजिस्ट्री और कर संबंधी काम जुड़े थे। संबंधित दस्तावेज की प्रक्रिया में उसके हस्ताक्षर और गवाही की भूमिका होने के कारण आवेदकों को उसके पास आना पड़ता था। अब गिरफ्तारी के बाद जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या उसने अन्य लोगों से भी काम के बदले रिश्वत मांगी थी।


पूछताछ में सामने आएगा रिश्वत मांगने का दायरा
एसीबी निरीक्षक अरविंद के अनुसार, आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर लघु सचिवालय परिसर में बुलाया था। टीम मौके पर निगरानी कर रही थी और रुपये लेते ही कार्रवाई की गई। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। एसीबी मामले में आगे की जांच कर रही है और पूछताछ के दौरान अन्य संभावित शिकायतों तथा लेनदेन के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।
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