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Karnal News: खरीद की रफ्तार पड़ी धीमी, धान से अटी मंडियां
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. नई अनाज मंडी में लगे धान की बोरियों के अंबार। संवाद
करनाल। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का करनाल अनाज मंडी में कोई असर नहीं दिखा। वीरवार के बाद शुक्रवार को भी बिजली की आपूर्ति सुचारु रही। इससे धान की सफाई, तौलाई और खरीद का कार्य निर्बाध चलता रहा है। अभी तक जिले की मंडियों में 5.09 लाख एमटी धान पहुंच चुका है। यह अनुमानित आवक का 60.4 प्रतिशत है। 3.72 लाख एमटी की खरीद हो चुकी है। इसमें से 2.41 लाख एमटी धान का उठान किया गया है। अभी मंडियों में 1.31 लाख एमटी धान का उठान होना बाकी है।
अनाज मंडियों में उठान का कार्य धीमा होने के कारण कट्टों के अंबार लगे पड़े हैं। पोर्टल प्रक्रिया और वाहनों की संख्या कम होने के चलते उठान का कार्य बाधित हो रहा है। इस कारण मंडियों में नई आवक डालने के लिए जगह कम पड़ रही है। सड़कों पर धान की ढेरियां पड़ी हुई हैं। शुक्रवार को 25,446 मीट्रिक टन धान की आवक हुई। महज 4195 एमटी की खरीद की गई।
सरकार ने 29 सितंबर से 15 नवंबर तक धान की सरकारी खरीद के निर्देश दिए हैं। करनाल में करीब आठ लाख एमटी धान की आवक होने का अनुमान है।
किसानों को 540.78 करोड़ रुपये का भुगतान
जिले के 31,215 किसानों को धान खरीद का 540.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अभी 20 प्रतिशत के करीब किसानों को भुगतान किया जाना बाकी है। भुगतान न होने का मुख्य कारण समय पर उठान न होना बताया जा रहा है।
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बिक रहा दूसरे प्रदेशों का धान : भाकियू
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने आरोप लगाया है कि फिर धान घोटाला किया जा रहा है। प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों से सस्ते दामों में धान खरीद कर करनाल की मंडियों में महंगे भाव में बेचा जा रहा है। जिन किसानों का 1509 धान प्राइवेट में बिका है उनके पोर्टल का दुरुपयोग करके दूसरे प्रदेशों की धान को महंगे रेट में बेचा जा रहा है। पहले किसानों की धान को सस्ते रेटों में लूटा गया अब दूसरे राज्यों से सस्ती धान मंगवा कर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। संवाद
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अनाज मंडियों में उठान का कार्य धीमा होने के कारण कट्टों के अंबार लगे पड़े हैं। पोर्टल प्रक्रिया और वाहनों की संख्या कम होने के चलते उठान का कार्य बाधित हो रहा है। इस कारण मंडियों में नई आवक डालने के लिए जगह कम पड़ रही है। सड़कों पर धान की ढेरियां पड़ी हुई हैं। शुक्रवार को 25,446 मीट्रिक टन धान की आवक हुई। महज 4195 एमटी की खरीद की गई।
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सरकार ने 29 सितंबर से 15 नवंबर तक धान की सरकारी खरीद के निर्देश दिए हैं। करनाल में करीब आठ लाख एमटी धान की आवक होने का अनुमान है।
किसानों को 540.78 करोड़ रुपये का भुगतान
जिले के 31,215 किसानों को धान खरीद का 540.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अभी 20 प्रतिशत के करीब किसानों को भुगतान किया जाना बाकी है। भुगतान न होने का मुख्य कारण समय पर उठान न होना बताया जा रहा है।
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बिक रहा दूसरे प्रदेशों का धान : भाकियू
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम ने आरोप लगाया है कि फिर धान घोटाला किया जा रहा है। प्रवक्ता बहादुर मैहला बलड़ी ने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों से सस्ते दामों में धान खरीद कर करनाल की मंडियों में महंगे भाव में बेचा जा रहा है। जिन किसानों का 1509 धान प्राइवेट में बिका है उनके पोर्टल का दुरुपयोग करके दूसरे प्रदेशों की धान को महंगे रेट में बेचा जा रहा है। पहले किसानों की धान को सस्ते रेटों में लूटा गया अब दूसरे राज्यों से सस्ती धान मंगवा कर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। संवाद

. नई अनाज मंडी में लगे धान की बोरियों के अंबार। संवाद