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Karnal News: शरारती तत्व करते हैं मारपीट, बसों के तोड़ चुके शीशे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 02:34 AM IST
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Miscreants indulge in violence, break bus windows
- रोडवेज कर्मी बोले- बस अड्डे पर यात्रियों के साथ हम भी सुरक्षित नहीं
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माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। पुलिस चौकी हटने के बाद बदमाशों का अड्डा बना पुराना बस स्टैंड पर हालात और खराब हो रहे हैं। यहां दिनभर शरारती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। जो बाहर से आने वाली सवारियों के साथ भी झगड़ा करते हैं। शरारती तत्वों को जब कोई रोडवेज कर्मी या निजी बस का चालक टोकता है तो उनके साथ भी मारपीट होती है। ऐसा भी कई बार हो चुका है, जब आरोपियों ने झगड़े के दौरान बसों के शीशे तक तोड़ दिए।

अमर उजाला ने मामले को लेकर जब रोडवेज की अलग-अलग यूनियन के पदाधिकारियों से बात की तो उन्होंने भी बस अड्डा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। रोडवेज कर्मियों ने कहा कि बस अड्डा परिसर पर यात्रियों के अलावा विभाग के कर्मचारी भी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं करते। रोजाना करीब 15 हजार से ज्यादा लोग बस अड्डा परिसर में आते हैं। दिनभर अलग-अलग गुटों का यहां जमावड़ा लगा रहता है। कपड़ों से मुंह ढककर लड़के यहां घूमते हैं।
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हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ, हरियाणा रोडवेज महासंघ, हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन, हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ और हरियाणा रोडवेज इंटेक यूनियन के डिपो प्रधान अंजेश ने प्रशासन से दोबारा पुराना बस अड्डा परिसर पुलिस चौकी शुरू करने की मांग की है। विदित हो कि अमर उजाला ने 25 मई के अंक में बस अड्डा परिसर में चौकी बंद होने के बाद खराब हुए हालात को उजागर किया है। पिछले 10 दिनों में दो बार यहां चाकू चले हैं, जिनमें युवक घायल हैं। इसके अलावा वाहन चोरी, छेड़छाड़ और मारपीट की रोजाना कई घटनाएं हो रही हैं। इनमें से कई मामले पुलिस तक भी नहीं पहुंचते।
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कर्मचारी भी नहीं कर पाते ड्यूटी

हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान कृपाल सिंह लाडी का कहना है कि कोई भी वारदात होने के बाद बार-बार मुनादी करके व्यवस्था संभालनी पड़ती है। रोजाना गुटों की झगड़ों के कारण कर्मचारी भी ड्यूटी नहीं कर पाते। उनके साथ भी कई बार मारपीट व झगड़े हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि बस अड्डा परिवार में दिनभर मुंह ढककर घूमने वाले लड़के न तो विद्यार्थी लगते हैं और न ही कामकाजी। प्रशासन से आग्रह है कि दोबारा चौकी शुरू की जाए।





बस अड्डा परिसर अब सुरक्षित नहीं

हरियाणा रोडवेज महासंघ के डिपो प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि खेड़ी नरू गांव के काउंटर पर रोजाना झगड़ा होता है। कई बार बसों के शीशे भी तोड़ दिए हैं। ज्यादातर मामले लड़कियों से छेड़छाड़ के हैं। बस अड्डा परिसर चौकी बंद होने के बाद से बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। निजी बसों के चालक भी दो दिन पहले हुई वारदात में बीच बचाव करने गए तो उनके साथ भी मारपीट कर दी। आरोपी पहले रेकी करते हैं इसके बाद वारदात को अंजाम देते हैं।





दिनभर रहता है गुंडागर्दी का माहौल

हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष सुरेश कश्यप संगोही का कहना है कि पहले पुलिस चौकी बस अड्डा परिसर में होने पर स्थिति नियंत्रण में रहती थी। अब स्थिति खराब हो गई है। रोजाना वारदात हो रही है। दिनभर आवारगर्दी करने के लिए आरोपी बस अड्डे पर आते हैं। पहले झगड़ा कभी-कभार सुनने को मिलता था। अब तो आए दिन चाकू और तलवारें चल रही हैं। पुलिस प्रशासन से दोबारा पुलिस चौकी शुरू करने की हमारी मांग है।






केवल दो होम गार्ड कर्मियों के सहारे सुरक्षा

हरियाणा परिवहन कर्मचारी संघ के डिपो प्रधान अजमेर सिंह का कहना है कि बस अड्डे की सुरक्षा केवल दो होमगार्ड के हवाले है। राइडर पर गश्त भी करते हैं लेकिन जब कोई वारदात होती है तो अड्डा परिसर में पुलिस नहीं होती। इससे कर्मचारियों के लिए भी दिक्कत पैदा हो जाती है। दिनभर यहां शरारती तत्व घूमते हैं। कई बार ऐसे हालात होते हैं जब झगड़ा सुलझाने के लिए कर्मचारी बीच-बचाव करते हैं तो उनके साथ भी मारपीट होती है।
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