{"_id":"5d570d5f8ebc3e89f83f4b1c","slug":"misbehave-karnal-news-knl25249149","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्राओं को बस पास होने के बाद भी धक्के मार उतारा जाता है नीचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्राओं को बस पास होने के बाद भी धक्के मार उतारा जाता है नीचे
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उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए गांव से शहर पहुंचने वाली बेटियां बसों में दुर्व्यवहार की शिकार हो रही हैं। पहले जहां बसों में लड़कों व अन्य यात्रियों पर बेटियों से छेड़छाड़ के आरोप लगते रहे हैं, वहीं अब बस चालकों और परिचालकों पर ही छात्राओं से दुर्व्यवहार करने के मामले भी आने लगे हैं। करनाल रोडवेज जीएम और आरटीए सचिव के पास हर माह चार से पांच शिकायतें आ रही हैं। इनमें बेटियां किसी परिचालक पर धक्के मारकर बस से उतारने का आरोप लगा रहीं तो किसी परिचालक पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप लग रहे हैं। इधर, अधिकारी बस संचालकों से बैठक कर समस्याओं का समाधान तलाश रहे हैं। करनाल जिले में 2014 से अब तक 2488 मामले महिला उत्पीड़न के दर्ज हुए हैं। इनमें कई मामले बसों व स्कूल-कॉलेज जाती छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के भी शामिल हैं। जिले में रोडवेज की 160 और प्राइवेट सोसायटी की 69 बसें चल रही हैं।
ये तीन मामले बयां कर रहे हालात
मामला-1
टिकट लेने को कहा, फिर भी धक्के मार उतार दिया
रोडवेज जीएम को दी शिकायत में चार छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राइवेट बस एचआर 45-8359 के कंडक्टर ने उनको धक्के मारकर बस से उतार दिया। शिकायत में बताया कि उन्होंनेे उसे टिकट लेने को कहा तो भी वह नहीं माना। कंडक्टर को सरकारी नियमों के बारे में भी जानकारी दी, लेकिन उसने फिर भी नीचे उतार दिया।
मामला-2
सर, हमें बस पर नहीं चढ़ने देता कंडक्टर...
रोडवेज जीएम को दी शिकायत में तीन छात्राओं ने बताया कि दोपहर के समय करनाल से कुरुक्षेत्र रूट पर चलने वाली बस का कंडक्टर उन्हें बस में नहीं चढ़ने देता। कारण पूछने पर अभद्र तरीके से बात करता है। कॉलेज की लड़कियों को देख खिड़की बंद कर लेता है। अगर ज्यादा लड़कियां बस में चढ़ जाएं तो उतार देता है।
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मामला-3
पास अलाउड नहीं, नीचे उतरो..
आरटीए सचिव को दी शिकायत में दो छात्राओं ने बताया कि करनाल से पिपली जाने वाली प्राइवेट बस एचआर 45 ए 7702 के कंडक्टर ने उनके साथ बदतमीजी की। पास अलाउड न होने की बात कहते उनके साथ अभद्र भाषा में बात की।
इसलिए अभिभावक बेटियों को नहीं भेजते शहर
करनाल शहर के सभी छह कॉलेजों में पढ़ने वाली बेटियों में महज 20 प्रतिशत संख्या ही ग्रामीण आंचल से हैं। अब बसों के चालकों और परिचालकों पर भी छात्राओं से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लग रहे हैं। एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है कि यही वजह है जो ग्रामीण आंचल के लोग बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर या शहर नहीं भेजते। ऐसे चालकों और परिचालकों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए।
इसलिए परिचालक छात्राओं को नहीं बैठाते बस में
बेटियां शिक्षा के लिए गांव से दूर शहर आ सकें। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें जीरो बैलेंस पर पास जारी किया जाता है। रोडवेज के अलावा प्राइवेट सोसायटी की बसों में भी बेटियों को यह बस पास मान्य है। राजस्व के चक्कर में पास होल्डर विद्यार्थियों को बस पर चढ़ाने के लिए प्राइवेट और रोडवेज बसों के ब्रेक ही नहीं लगाते और छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाता है।
रोडवेज बस में कंडक्टर ने युवती से की थी अश्लील हरकत
18 जून 2019 को रोडवेज बस में कंडक्टर द्वारा युवती से अश्लील हरकत करने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के अनुसार, करीब 10-15 मिनट तक परिचालक युवती के पास खड़े होकर अश्लील हरकत करता रहा। प्रदेश स्तर पर मामला उठने के बाद भिवानी डिपो के जीएम मनीष कुमार ने आरोपी कंडक्टर को सस्पेंड भी किया था।
एडीसी के निर्देश पर सभी शिकायतों के आधार पर हमने प्राइवेट सोसायटी के चेयरमैन और बस संचालकों को बुलाया था, उन्होंने भविष्य में ऐसी शिकायत न आने का लिखित में आश्वासन दिया है। इस दौरान शिकायत करने वालों को भी संतुष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि बेटियां कभी गलत शिकायत नहीं करतीं। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है। - सतीश जैन, सहायक सचिव आरटीए करनाल।
आरटीए के साथ बैठक हुई थी। हमने सभी बस संचालकों, चालकों और परिचालकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे बेटियों के साथ अदब से पेश आएं। अगर किसी ने लड़कियों के साथ गलत व्यवहार किया और पास होने के बावजूद टिकट काटी तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। हम भी लड़कियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं। - यशपाल पोसवाल, चेयरमैन, सहकारी परिवहन समिति, करनाल।
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ये तीन मामले बयां कर रहे हालात
मामला-1
टिकट लेने को कहा, फिर भी धक्के मार उतार दिया
रोडवेज जीएम को दी शिकायत में चार छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्राइवेट बस एचआर 45-8359 के कंडक्टर ने उनको धक्के मारकर बस से उतार दिया। शिकायत में बताया कि उन्होंनेे उसे टिकट लेने को कहा तो भी वह नहीं माना। कंडक्टर को सरकारी नियमों के बारे में भी जानकारी दी, लेकिन उसने फिर भी नीचे उतार दिया।
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मामला-2
सर, हमें बस पर नहीं चढ़ने देता कंडक्टर...
रोडवेज जीएम को दी शिकायत में तीन छात्राओं ने बताया कि दोपहर के समय करनाल से कुरुक्षेत्र रूट पर चलने वाली बस का कंडक्टर उन्हें बस में नहीं चढ़ने देता। कारण पूछने पर अभद्र तरीके से बात करता है। कॉलेज की लड़कियों को देख खिड़की बंद कर लेता है। अगर ज्यादा लड़कियां बस में चढ़ जाएं तो उतार देता है।
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मामला-3
पास अलाउड नहीं, नीचे उतरो..
आरटीए सचिव को दी शिकायत में दो छात्राओं ने बताया कि करनाल से पिपली जाने वाली प्राइवेट बस एचआर 45 ए 7702 के कंडक्टर ने उनके साथ बदतमीजी की। पास अलाउड न होने की बात कहते उनके साथ अभद्र भाषा में बात की।
इसलिए अभिभावक बेटियों को नहीं भेजते शहर
करनाल शहर के सभी छह कॉलेजों में पढ़ने वाली बेटियों में महज 20 प्रतिशत संख्या ही ग्रामीण आंचल से हैं। अब बसों के चालकों और परिचालकों पर भी छात्राओं से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लग रहे हैं। एडवोकेट राजेश शर्मा का कहना है कि यही वजह है जो ग्रामीण आंचल के लोग बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर या शहर नहीं भेजते। ऐसे चालकों और परिचालकों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया जाना चाहिए।
इसलिए परिचालक छात्राओं को नहीं बैठाते बस में
बेटियां शिक्षा के लिए गांव से दूर शहर आ सकें। इसके लिए सरकार की ओर से उन्हें जीरो बैलेंस पर पास जारी किया जाता है। रोडवेज के अलावा प्राइवेट सोसायटी की बसों में भी बेटियों को यह बस पास मान्य है। राजस्व के चक्कर में पास होल्डर विद्यार्थियों को बस पर चढ़ाने के लिए प्राइवेट और रोडवेज बसों के ब्रेक ही नहीं लगाते और छात्राओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया जाता है।
रोडवेज बस में कंडक्टर ने युवती से की थी अश्लील हरकत
18 जून 2019 को रोडवेज बस में कंडक्टर द्वारा युवती से अश्लील हरकत करने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो के अनुसार, करीब 10-15 मिनट तक परिचालक युवती के पास खड़े होकर अश्लील हरकत करता रहा। प्रदेश स्तर पर मामला उठने के बाद भिवानी डिपो के जीएम मनीष कुमार ने आरोपी कंडक्टर को सस्पेंड भी किया था।
एडीसी के निर्देश पर सभी शिकायतों के आधार पर हमने प्राइवेट सोसायटी के चेयरमैन और बस संचालकों को बुलाया था, उन्होंने भविष्य में ऐसी शिकायत न आने का लिखित में आश्वासन दिया है। इस दौरान शिकायत करने वालों को भी संतुष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि बेटियां कभी गलत शिकायत नहीं करतीं। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है। - सतीश जैन, सहायक सचिव आरटीए करनाल।
आरटीए के साथ बैठक हुई थी। हमने सभी बस संचालकों, चालकों और परिचालकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे बेटियों के साथ अदब से पेश आएं। अगर किसी ने लड़कियों के साथ गलत व्यवहार किया और पास होने के बावजूद टिकट काटी तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। हम भी लड़कियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हैं। - यशपाल पोसवाल, चेयरमैन, सहकारी परिवहन समिति, करनाल।