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हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक-
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हरियाणा राइस मिलर्स एसोसिएशन की राज्य स्तरीय बैठक में राइस मिलर्स ने दर्द साझा किया। इसके बाद सीएमआर चावल के लिए धान देने को रखी गईं नई शर्तों का एक स्वर से विरोध किया। साथ ही खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग हरियाणा के अपर मुख्य सचिव पीके दास को हटाने और मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल को खत्म किए जाने की मांग उठाई। निर्णय लिया कि कार्रवाई होने तक प्रदेश का कोई भी राइस मिल संचालक अपने मिल (सेलर) में धान खरीद केंद्र नहीं बनने देगा। बताया कि सरकार 1400 में सिर्फ 600 राइस मिलों को ही सीएमआर के लिए धान देना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। धान सभी राइस मिलर्स को मिलेगा, तभी लिया जाएगा, अन्यथा राइस मिल बंद रखी जाएंगी।
शहर के प्रेम प्लाजा में आयोजित बैठक में सभी राइस मिलर्स ने समस्याएं बताईं। राज्य प्रधान हंसराज सिंगला ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव पीके दास की नीतियां राइस मिलर्स के खिलाफ हैं। पैड्डी पर सिक्योरिटी दस लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दी गई है, पैड्डी की कीमत के बराबर संपत्ति अटैच कराने की शर्त रखी गई है, जो राइस मिलर्स को मंजूर नहीं है। डीएफएससी आदि जबरन राइस मिलों में धान व गेहूं खरीद केंद्र बनाते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सीएमआर का काम करने वाले किसी भी राइस मिल को धान खरीद केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने कहा कि राज्यभर में 1304 राइस मिल सीएमआर चावल का काम करते हैं, लेकिन इस बार सरकार सिर्फ 600 मिलों को ही पैड्डी (धान) देना चाहती है, इससे राइस मिलर्स में फूट पड़ जाएगी। इसलिए चाहे प्रदेशभर के राइस मिलों को बंद ही क्यों न रखना पड़े लेकिन पैड्डी तभी लेंगे, जब सभी राइस मिलों को मिलेगी। चाहे उसकी मात्रा कितनी भी हो। राइस मिलों को तीन साल के लिए 3000 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन कराने का नियम है, प्रदेश के राइस मिलों ने पिछले साल ही रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन अब सरकार चाहती है कि इस बार फिर रजिस्ट्रेशन कराए, वह भी 3000 रुपये प्रति वर्ष का शुल्क देकर। इसलिए कोई भी इस साल रजिस्ट्रेशन नहीं कराएगा। इसमें राज्य उप प्रधान राजेंद्र रहेजा, आशू गोयल, राजेश्वर, नरेश बंसल, राजेश चहल आदि राज्य के सभी जिलों से आए राइस मिलर्स ने सहभागिता की।
इस बार धान खरीदने को वारदाना नहीं देगी सरकार
-हरियाणा सरकार ने सीएमआर चावल के लिए धान की खरीद पर राइस मिलर्स ने वारदाना देने से भी इनकार कर दिया है। इस पर राज्य स्तरीय बैठक में राइस मिलर्स ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वारदाना राइस मिलर्स नहीं लगाएंगे। पहले की तरह सरकार को ही देना होगा।
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70केवी से कम विद्युत क्षमता वाले मिलों को नहीं मिलेगी पैड्डी
-हरियाणा सरकार ने इस बार सीएमआर के चावल के लिए पैड्डी देने के नए नियमों में 70 केवी से कम क्षमता के विद्युत कनेक्शन वाले राइस मिलर्स को पैड्डी नहीं दी जाएगी। राइस मिलर्स का कहना है कि राइस मिलों के बिजली कनेक्शन को विभाग को क्या मतलब है, यह तो 1972 से काम करते आ रहे हैं, अब यह अयोग्य कैसे हो गए हैं।
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शहर के प्रेम प्लाजा में आयोजित बैठक में सभी राइस मिलर्स ने समस्याएं बताईं। राज्य प्रधान हंसराज सिंगला ने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव पीके दास की नीतियां राइस मिलर्स के खिलाफ हैं। पैड्डी पर सिक्योरिटी दस लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दी गई है, पैड्डी की कीमत के बराबर संपत्ति अटैच कराने की शर्त रखी गई है, जो राइस मिलर्स को मंजूर नहीं है। डीएफएससी आदि जबरन राइस मिलों में धान व गेहूं खरीद केंद्र बनाते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। सीएमआर का काम करने वाले किसी भी राइस मिल को धान खरीद केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। चेयरमैन ज्वैल सिंगला ने कहा कि राज्यभर में 1304 राइस मिल सीएमआर चावल का काम करते हैं, लेकिन इस बार सरकार सिर्फ 600 मिलों को ही पैड्डी (धान) देना चाहती है, इससे राइस मिलर्स में फूट पड़ जाएगी। इसलिए चाहे प्रदेशभर के राइस मिलों को बंद ही क्यों न रखना पड़े लेकिन पैड्डी तभी लेंगे, जब सभी राइस मिलों को मिलेगी। चाहे उसकी मात्रा कितनी भी हो। राइस मिलों को तीन साल के लिए 3000 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन कराने का नियम है, प्रदेश के राइस मिलों ने पिछले साल ही रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन अब सरकार चाहती है कि इस बार फिर रजिस्ट्रेशन कराए, वह भी 3000 रुपये प्रति वर्ष का शुल्क देकर। इसलिए कोई भी इस साल रजिस्ट्रेशन नहीं कराएगा। इसमें राज्य उप प्रधान राजेंद्र रहेजा, आशू गोयल, राजेश्वर, नरेश बंसल, राजेश चहल आदि राज्य के सभी जिलों से आए राइस मिलर्स ने सहभागिता की।
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इस बार धान खरीदने को वारदाना नहीं देगी सरकार
-हरियाणा सरकार ने सीएमआर चावल के लिए धान की खरीद पर राइस मिलर्स ने वारदाना देने से भी इनकार कर दिया है। इस पर राज्य स्तरीय बैठक में राइस मिलर्स ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वारदाना राइस मिलर्स नहीं लगाएंगे। पहले की तरह सरकार को ही देना होगा।
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70केवी से कम विद्युत क्षमता वाले मिलों को नहीं मिलेगी पैड्डी
-हरियाणा सरकार ने इस बार सीएमआर के चावल के लिए पैड्डी देने के नए नियमों में 70 केवी से कम क्षमता के विद्युत कनेक्शन वाले राइस मिलर्स को पैड्डी नहीं दी जाएगी। राइस मिलर्स का कहना है कि राइस मिलों के बिजली कनेक्शन को विभाग को क्या मतलब है, यह तो 1972 से काम करते आ रहे हैं, अब यह अयोग्य कैसे हो गए हैं।