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Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Medical University named before the foundation of politics, Karnal

मेडिकल यूनिवर्सिटी की नींव से पहले नाम पर सियासत

Wed, 15 Feb 2017 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Wed, 15 Feb 2017 12:35 AM IST
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अंतरिक्ष परी कल्पना चावला के नाम से जिले के गांव कुटेल में बनाए जाने वाले मेडिकल विश्वविद्यालय की नींव रखने से पहले नाम पर सियासत शुरू हो गई है। सीएम की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ में मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च डिपार्टमेंट की रिव्यू मीटिंग में कल्पना चावला मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का फैसला लिया गया है।

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इसकी वजह से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। विपक्ष सहित सामाजिक संस्थाओं ने भी सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। लोगों का मानना है कि उनके कड़े संघर्ष के बाद जिले में कल्पना चावला के नाम से मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने अंतरिक्ष परी के नाम से ही मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी। अभी तक इसका निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ था कि अचानक सरकार ने इसका नाम बदलने का निर्णय ले लिया।
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लोगों के संघर्ष के बाद मिली थी मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी
कल्पना चावला के करनाल की निवासी होने के कारण लोगों की मांग थी कि यहीं उनके नाम से मेडिकल कॉलेज बने। जब सरकार ने घोषणा नहीं की तो शहर के लोगों ने निफा अध्यक्ष प्रीतपाल पन्नु की अध्यक्षता में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज निर्माण संघर्ष समिति बनाकर संघर्ष किया था। समिति ने अपने साथ 150 संस्थाओं को जोड़ा था। सभी ने अक्तूबर 2009 में हरियाणा विधानसभा के चुनाव के समय प्रत्येक उम्मीदवार से जीतने के बाद कॉलेज बनवाने की हामी भरने के बाद ही नोमिनेशन भरने दिया था। इसी के साथ लोगों ने 5 नवंबर 2009 को 36.4 किमी लंबी मानव शृंखला बनाकर भी मांग की थी।
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इसके बाद 5 दिसंबर 2009 से 25 जनवरी 2010 तक प्रतिदिन जिले के 1 हजार लोगों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को कॉलेज बनाने की मांग को लेकर पोस्टकार्ड भेजे थे। इसके बाद 26 जनवरी को 2010 को करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिले के गांव कुटेल में कल्पना चावला के नाम से मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की गई थी।

सरकार पर आरएसएस विचारधारा हावी
प्रदेश सरकार विकास की ओर ध्यान कम बल्कि नाम बदलने पर ज्यादा जोर दे रही है। कुटेल में बनने जा रही मेडिकल यूनिवर्सिटी की अभी तक नींव भी नहीं रखी गई है, लेकिन आरएसएस की विचारधारा पर चलते हुए कल्पना चावला के नाम से बनने जा रही मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम दीन दयाल उपाध्याय रख दिया है। हर रोज किसी न किसी चौक चौराहे और सड़क का नाम बदलती रहता है।
- सुरेंद्र नरवाल, कांग्रेसी नेता

अंतरिक्ष परी का नाम किया छोटा
अंतरिक्ष परी कल्पना चावला ने देश का नाम संसार में रोशन किया था। उसी के नाम से बनने वाली मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर अंतरिक्ष परी के नाम को छोटा करने का काम किया जा रहा है। सरकार की मंशा ठीक नहीं है। सरकार विकास की बजाय कार्यक्रमों पर ज्यादा जोर दे रही है।
- हरपाल रोड़, जिला प्रवक्ता, इनेलो

नाम बदलने से पहुंची लोगों की भावनाओं को ठेस
कल्पना चावला करनाल की बेटी होने के कारण उनके साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। सरकार ने उनके नाम से बनने वाली यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया हे। दीन दयाल उपाध्याय भी देश की महान शख्सियत है, अगर सरकार उनके नाम से अन्य कोई बड़ा संस्थान बनाने की घोषण करती है तो हम उनका स्वागत करते हैं।

- प्रितपाल पन्ऩु, अध्यक्ष निफा

मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम बदलना गलत
सरकार ने अंतरिक्ष परी के नाम पर जिले में मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा की थी। अभी इसका निर्माण भी शुरू नहीं हुआ था कि सरकार ने नाम बदलने की घोषणा कर दी। इससे देशवासियों की भावना जुड़ी हैं। सरकार को दीनदयाल उपाध्याय के नाम से कोई अन्य संस्थान बनाना चाहिए, जिससे लोगों को ज्यादा खुशी मिलती।
- कुलजिंद्र मोहन सिंह बाठ, समाजसेवी

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