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Karnal News: दो नए चैंबर खरीदेगा मेडिकल कॉलेज, शवों की हालत नहीं होगी खराब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Aug 2024 07:04 AM IST
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Medical college will buy two new chambers, condition of dead bodies will not deteriorate
- नए चैंबरों में रखे जा सकेंगे चार-चार शव
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज (केसीजीएमसी) के शवगृह में अब शवों की दुर्गति नहीं होगी। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन जल्द चार-चार शव रखने की क्षमता वाले दो नए चैंबर खरीदेगा। ऐसे में शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए लाए जाने वाले शवों को पर्याप्त जगह मिल सकेगी। जिससे शव की स्थिति खराब नहीं होगी।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शवगृह में फ्रीजर के सात चैंबर रखे हुए थे। जिनमें एक चैंबर में चार फ्रीजर और एक कंप्रेसर लगा होता है। सात चैंबरों में से पांच चैंबर कंप्रेसर के पर्याप्त ठंडक न करने की वजह से बंद पड़े थे और मात्र दो चैंबर चल रहे थे। जिनमें मात्र आठ शव ही रखे जा सकते थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए आने वाले शवों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही थी। इससे गर्मी के मौसम में शवों की स्थिति और अधिक खराब हो रही थी।
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कई बार स्टाफ की ओर से मना करने पर परिजनों को निजी फ्रीजर लेकर शव रखने को मजबूर होना पड़ता था। इस समस्या को अमर उजाला के करनाल संस्करण में चार जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने नौ जुलाई को शवगृह के चैंबर ठीक कराने या नए खरीदने के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय हरियाणा (डीएमईआर) को पत्र भेजा था। जिसमें अब डीएमईआर ने चैंबरों को ठीक कराने व व्यवस्था अनुसार नए चैंबर खरीदने की अनुमति मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दे दी है। संवाद
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दो ठीक करवाएं, दो चैंबर नए खरीदेगा प्रबंधन
केसीजीएमसी निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने बताया कि डीएमईआर से अनुमति मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने दो चैंबरों को ठीक करवा लिया है और अब जल्द दो नए चैंबरों की खरीद की जाएगी। जिससे शवों की स्थिति ठीक रहेगी। उन्होंने बताया कि दो चैंबर ठीक करवाने के बाद अब शवगृह में शव रखने की क्षमता 16 पर जा चुकी है। वहीं दो नए चैंबर आने के बाद शव रखने की संख्या बढ़कर 24 हो जाएगी।

नागरिक अस्पताल का नहीं शवगृह
जिला नागरिक अस्पताल के पास अपना शवगृह नहीं है। अस्पताल के डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के शवगृह में ही पोस्टमार्टम का कार्य करते हैं। जिस कारण जिले में कोई भी मौत होती है तो शव का पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज के शवगृह में ही किया जाता है। ऐसे में अगर नागरिक अस्पताल का अपना शवगृह हो तो यह समस्या नहीं होगी। शवगृह में रखे फ्रीजर में शव को सुरक्षित रखने के लिए शून्य से माइनस आठ तक तापमान रखना पड़ता है लेकिन गर्मी में इस तय तापमान को मेंटेन रखने में कंप्रेसर कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में शव खराब हो रहे हैं हालांकि अभी रोजाना की एवरेज चार से पांच शव की रहती है। वहीं कभी-कभी अज्ञात शव होने के चलते उन्हें 72 घंटे तक रखने पड़ते हैं। जिससे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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