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लॉकडाउन में शादी : खुद को सैनिटाइज करने के बाद मास्क लगा जोड़े ने लिए अग्नि के सात फेरे
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लॉकडाउन के समय में हुई शादी की यादें भी खास रहने वाली हैं। करनाल के अर्जुन गेट में एक जोड़ा मंगलवार को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार, अग्नि के सात फेरे लेकर शादी के पवित्र बंधन में बंधा। लॉकडाउन के नियमों का भी दोनों परिवारों ने ख्याल रखा। कोरोना के संकट से बचने के लिए वर-वधू ने पहले खुद को सैनिटाइज किया। फिर मास्क लगाकर सात फेरे लिये और सात जन्मों के लिए एक दूजे के हो गये।
दरअसल, पानीपत के बिचपड़ी गांव सेक्टर-13,17 निवासी बैंक कर्मी अरुण और अर्जुन गेट निवासी नैंसी का विवाह लॉकडाउन होने से पहले ही पांच मई को होना तय हो गया था। दोनों परिवारों को इस दिन तक लॉकडान खुलने की उम्मीद थी, लेकिन लॉकडाउन खुला नहीं। ऐसे में प्रशासन की अनुमति पाकर जोड़ा शादी के पवित्र बंधन में बंध गया। विवाह समारोह में पंडित और फोटोग्राफर को मिलाकर कुल 15 लोग ही शामिल हुए।
लॉकडाउन में शादी होगी, कभी सोचा भी नहीं था : अर्जुन
दुल्हे अर्जुन के अनुसार, बारात में उनकी ओर से केवल पांच लोग ही शामिल हुए। इसमें उनके ताऊ ब्रह्मप्रकाश, पिता आनंद प्रकाश, चाचा सूरजप्रकाश, चचेरा भाई विजय व बिचौलिया दीपक शामिल थे। पंडित अभय मिश्रा ने उनके विवाह की रस्में पूरी कराई। उनका कहना है कि प्रशासन की अनुमति के बाद हमने भी सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दी गई हिदायतों का पालन किया। लॉकडाउन में शादी होगी, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था। ये लम्हा भी याद रहेगा।
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दरअसल, पानीपत के बिचपड़ी गांव सेक्टर-13,17 निवासी बैंक कर्मी अरुण और अर्जुन गेट निवासी नैंसी का विवाह लॉकडाउन होने से पहले ही पांच मई को होना तय हो गया था। दोनों परिवारों को इस दिन तक लॉकडान खुलने की उम्मीद थी, लेकिन लॉकडाउन खुला नहीं। ऐसे में प्रशासन की अनुमति पाकर जोड़ा शादी के पवित्र बंधन में बंध गया। विवाह समारोह में पंडित और फोटोग्राफर को मिलाकर कुल 15 लोग ही शामिल हुए।
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लॉकडाउन में शादी होगी, कभी सोचा भी नहीं था : अर्जुन
दुल्हे अर्जुन के अनुसार, बारात में उनकी ओर से केवल पांच लोग ही शामिल हुए। इसमें उनके ताऊ ब्रह्मप्रकाश, पिता आनंद प्रकाश, चाचा सूरजप्रकाश, चचेरा भाई विजय व बिचौलिया दीपक शामिल थे। पंडित अभय मिश्रा ने उनके विवाह की रस्में पूरी कराई। उनका कहना है कि प्रशासन की अनुमति के बाद हमने भी सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दी गई हिदायतों का पालन किया। लॉकडाउन में शादी होगी, ऐसा कभी सोचा भी नहीं था। ये लम्हा भी याद रहेगा।
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