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राखियों से बाजार गुलजार, व्यवसायियों को बेहतर मुनाफे की आस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 03:15 AM IST
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Market buzzing with rakhis, businessmen hope for better profits
करनाल। भाई-बहन का त्योहार रक्षाबंधन 22 अगस्त को है। राखियों की खरीदारी के लिए बाजार गुलजार हो गए हैं। शहर के मुख्य बाजार कर्ण गेट, शराफा बाजार, सदर बाजार, कुंजपुरा रोड और पुराना बस स्टैंड पर जगह-जगह राखियों के स्टॉल लग चुके हैं। दुकानों के बाहर भी राखियां सज गई हैं। पिछले वर्ष लॉकडाउन के कारण राखी विक्रेताओं को भारी नुकसान झेलना पड़ा था लेकिन इस बार एक माह पहले ही राखियों के स्टॉल लगा दिए हैं। हर दुकान और स्टॉल पर प्रतिदिन करीब 15 से 20 लोग राखियां खरीदने आ रहे हैं।
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दुकानदारों ने भी ग्राहकों की पसंद के अनुसार अलग-अलग तरह की राखियां मंगवाई हैं। पांच रुपये से पांच सौ रुपये तक की राखियों की बिक्री हो रही है। शहर के बड़े दुकानदारों ने बताया कि कोरोना से पहले उन्हें रक्षाबंधन के दौरान करीब 50 से 60 हजार का मुनाफा होता था। पिछले साल लॉकडाउन के कारण नुकसान हुआ, लेकिन इस बार महीने पहले ही खरीदारी शुरू हो चुकी है। इसलिए अच्छे मुनाफे की उम्मीद है।
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दो माह पहले से ही ग्राहकों ने राखियों के आर्डर देने शुरू कर दिए थे। मैंने एक माह पहले से ही राखियां मंगवा ली हैं। ग्राहकों की पसंद के आधार पर गुजरात और उड़ीसा की राखियां मंगवाई हैं। ग्राहक भी राखियां खरीदने आ रहे हैं। त्योहार आने तक इस बार अच्छा मुनाफा हो सकता है।
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-श्याम सुंदर, दुकानदार, कर्ण गेट
पिछले साल मंगवाई गई सभी राखियां यूं ही रखी रह गई थी। इस बार एक माह पहले से ही राखियां मंगवा ली हैं। बीते दस दिन में करीब पांच सौ राखियों की बिक्री हो गई है। लोग भी तीसरी लहर के भय से पहले ही राखियां खरीद रहे हैं।
-मोहित कुमार, राखी विक्रेता, सदर बाजार
मैं दस साल से राखियों की दुकान लगा रही हूं। दो माह पहले से ही राखियां बनानी शुरू कर दी थी। कुछ राखियां बाहर से भी मंगवाई हैं। हर साल करीब 20-25 हजार का मुनाफा होता था। इस बार भी उम्मीद है कि रक्षाबंधन पर अच्छा काम मिलेगा।

-अनुपमा बंसल
लॉकडाउन के कारण नुकसान हुआ था। न लोगों ने त्योहार पर सजने संवरने के लिए सामान खरीदा, न राखियां। इस बार नए डिजाइन मंगवाए हैं और लोगों को भी पसंद आएंगे। लोगों के उत्साह को देखकर लगता है कि इस बार अच्छी बिक्री होगी।
-मोनल, दुकानदार, राम नगर
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