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अपने अंतर्मन में प्रभु श्री राम को प्रकट करें : साध्वी दिवेशा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 05:24 AM IST
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Manifest Lord Shri Ram in your inner self: Sadhvi Divesha
- दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से रामलीला मैदान में आयोजित हो रही पांच दिवसीय कथा
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संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से शहर के रामलीला मैदान में कराई जा रही पांच दिवसीय श्री रामकथा के दूसरे दिन साध्वी दिवेशा भारती ने प्रभु श्री राम जन्म प्रसंग को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों में हमारे शरीर को अयोध्या कह कर संबोधित किया है।
साध्वी दिवेशा भारती ने कहा कि महाराज दशरथ पुत्र की इच्छा लेकर जब अपने गुरुदेव वशिष्ठ के पास जाते हैं तो गुरुदेव वशिष्ठ उन्हें चार पुत्र रत्न की प्राप्ति का वरदान देते हैं। यज्ञ नारायण भगवान की कृपा से उनके घर में श्री हरि नारायण मां कौशल्या की गोद से जन्म ले करके आते हैं। यह बाहरी अयोध्या नगरी में प्रभु श्री राम जी का प्राकट्य हमें संकेत करता है कि हम अपने अंतर्मन में प्रभु श्री राम को प्रकट करें।
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आठ चक्रों नवद्वारों से सुसज्जित यह मानव की देही जिसमें परमात्मा श्री राम ज्योति रूप में विद्यमान हैं। आवश्यकता है एक ऐसे सतगुरु की जिसके माध्यम से हम अपने अंतर्गत में उस प्रभु श्रीराम के ज्योति स्वरूप का साक्षात्कार कर पाएं। प्रभु श्री राम ने जन्म लेकर महाराज दशरथ व महारानी कौशल्या को धन्य किया। इस धरा पर प्रभु श्री राम जी के आने का उद्देश्य प्रत्येक जीवात्मा के अंतर्मन में बैठे उसे निराकार परमात्मा से मानव को अवगत करवाना है। प्रभु श्री राम जी का जन्म ही नहीं, उनका पूरा जीवन चरित्र मानव के उत्थान के लिए है।
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महाराज दशरथ और दशानन दोनों के जीवन में एक समानता है। दोनों के नाम में दश लगा है। दशरथ ने जीवन रूपी रथ प्रभु को सौंप दिया और दूसरे ने विकारों के अधीन किया। आज युवाओं के मन में उठने वाली कामनाओं, वासनाओं के कारण हमारे समाज में नारी शोषण जैसी घटनाओं का स्तर बढ़ता चला जा रहा है।

श्रीगुरु आशुतोष महाराज जी ब्रह्म ज्ञान को प्रदान कर भगवान शिव के समान दोनों आंखों के मध्य भृकुटी में स्थित उसने अग्नि नेत्र को उजागर कर युवाओं के भीतर उठने वाले इन वासनाओं के ऊपर अंकुश लगाने का कार्य कर रहे हैं। नशा मुक्त करने के लिए बोध नामक प्रकल्प चलाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य है नशा उन्मूलन, युवा परिवार सेवा समिति के सदस्य आज समाज में फैले नशे रूपी बुराई को मिटाने के लिए प्रयासरत हैं।
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