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06. अभियान- मैनहोल बने खतरा, पार्ट-4
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करनाल। सीवरेज के मैनहोल ज्यादातर सड़कों के बीचोबीच हैं। मौजूदा समय में इन पर से हल्के और भारी वाहन गुजरते हैं। मैनहोल पर सही आकार का ढक्कन लगाने के बजाय निगम प्रशासन टूटे खंभे और बड़ी स्लैब से ढककर काम चला रहा है। इसके चलते अक्सर राहगीर चोटिल होते रहते हैं और हादसों की आशंका बनी रहती है। यह हाल उन जगहों के हैं, जहां बरसात के समय में सबसे पहले और ज्यादा जलभराव होता है।
अमर उजाला के मैनहोल बने खतरा अभियान के तहत चौथे दिन टीम ने नेशनल हाईवे-44 पर ताऊ देवी लाल चौक से लेकर नावल्टी चौक तक के हालात का जायजा लिया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति जाटो गेट और भीम द्वार के पास मिली। इस बावत स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के घटिया इंतजाम के कारण अभी भी कई लोग स्लैब और सीवरेज पर बिछे बिजली के टूटे खंभों से उलझकर चोटिल हो रहे हैं। रात के समय और बरसात में जलभराव होने पर स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी। उस समय हादसों की संभावना ज्यादा है। ब्यूरो
फोटो-- 58
मोड़ पर मुड़ते ही नाले में जाएगा वाहन का पहिया
नेशनल हाईवे-44 पर ताऊ देवी लाल चौक पर नाला खुला है। दिल्ली से आने वाले वाहन जब फ्लाईओवर के नीचे से मेरठ रोड की तरफ जाने के लिए मुड़ते हैं तो वाहन का पहिया इस खुले नाले में जाने का अंदेशा रहता है। चौक पर खड़े होने वाले आटो चालकों ने बताया कि रात में पहले भी यहां कई बार हादसे हो चुके हैं।
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फोटो-- 59
पूरा नाला चोक, स्लैब टूटी तो कहीं नाले में गिरी
मीरा घाटी चौक से आते हुए जाटो के नजदीक पूरा नाला ही चोक है। स्लैब कई जगह से टूटी हुई है तो कहीं नाला टूटा हुआ है। ऐसे में स्लैब भी नाले में गिरी हुई हैं। साथ में सड़क भी उखड़ी हुई है। लोग बोले, न तो पार्षद ने ध्यान दिया और न ही किसी अधिकारी का ऐसे हालात पर ध्यान है।
फोटो-- 70 नंबर है।
जाटो गेट के मुख्य चौक पर सबसे ज्यादा खतरा
जाटो गेट के मुख्य चौक पर खराब व्यवस्था के कारण हादसे का ज्यादा खतरा है। यहां एक मैनहोल सड़क के बीचोबीच है, इस पर बड़ी स्लैब रखी है, जिस पर वाहन के पहियों की ठोकरें लगती हैं। वहीं मीराघाटी की तरफ जाते हुए चौक से पहले मैनहोल को बिजली के टूटे खंभों से ढका गया है।
लोगों की जुबानी
फोटो-- 62
केवल नालों की सफाई करने एक बार आए थे, नालों को ढकना ही भूल गए। हालात काफी खराब हैं। - सूरज प्रकाश
फोटो-- 63
जाटो गेट चौक पर सफाई करने के बाद गंदगी नहीं उठाई। सीवरेज से निकली गंदगी मलबे की तरह जमा है। - पाला राम
फोटो-- 64
भीम द्वार के पास सीवरेज के ढक्कन के साथ सड़क की बजरी भी उखड़ी हुई है। तेज वाहनों के निकलने से बजरी उछलकर दुकान के शीशे पर लगी और शीशा टूट गया। - जोगिंद्र सिंह
फोटो-- 65
सीवरेज के ढक्कन से ठोकर लगने के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं। रात के समय हादसे की संभावना ज्यादा रहती है। -सुभीर
वर्जन- 71
सीवरेज के ढक्कनों से संबंधित जहां भी समस्या है, उसे दुरुस्त कराया जाएगा। मानसून से पहले सीवरेज की सफाई भी जरूरी है। लोगों को परेशानी नहीं होने देंगे। - अनीश यादव, उपायुक्त
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अमर उजाला के मैनहोल बने खतरा अभियान के तहत चौथे दिन टीम ने नेशनल हाईवे-44 पर ताऊ देवी लाल चौक से लेकर नावल्टी चौक तक के हालात का जायजा लिया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति जाटो गेट और भीम द्वार के पास मिली। इस बावत स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन के घटिया इंतजाम के कारण अभी भी कई लोग स्लैब और सीवरेज पर बिछे बिजली के टूटे खंभों से उलझकर चोटिल हो रहे हैं। रात के समय और बरसात में जलभराव होने पर स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी। उस समय हादसों की संभावना ज्यादा है। ब्यूरो
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फोटो-- 58
मोड़ पर मुड़ते ही नाले में जाएगा वाहन का पहिया
नेशनल हाईवे-44 पर ताऊ देवी लाल चौक पर नाला खुला है। दिल्ली से आने वाले वाहन जब फ्लाईओवर के नीचे से मेरठ रोड की तरफ जाने के लिए मुड़ते हैं तो वाहन का पहिया इस खुले नाले में जाने का अंदेशा रहता है। चौक पर खड़े होने वाले आटो चालकों ने बताया कि रात में पहले भी यहां कई बार हादसे हो चुके हैं।
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पूरा नाला चोक, स्लैब टूटी तो कहीं नाले में गिरी
मीरा घाटी चौक से आते हुए जाटो के नजदीक पूरा नाला ही चोक है। स्लैब कई जगह से टूटी हुई है तो कहीं नाला टूटा हुआ है। ऐसे में स्लैब भी नाले में गिरी हुई हैं। साथ में सड़क भी उखड़ी हुई है। लोग बोले, न तो पार्षद ने ध्यान दिया और न ही किसी अधिकारी का ऐसे हालात पर ध्यान है।
फोटो-- 70 नंबर है।
जाटो गेट के मुख्य चौक पर सबसे ज्यादा खतरा
जाटो गेट के मुख्य चौक पर खराब व्यवस्था के कारण हादसे का ज्यादा खतरा है। यहां एक मैनहोल सड़क के बीचोबीच है, इस पर बड़ी स्लैब रखी है, जिस पर वाहन के पहियों की ठोकरें लगती हैं। वहीं मीराघाटी की तरफ जाते हुए चौक से पहले मैनहोल को बिजली के टूटे खंभों से ढका गया है।
लोगों की जुबानी
फोटो-- 62
केवल नालों की सफाई करने एक बार आए थे, नालों को ढकना ही भूल गए। हालात काफी खराब हैं। - सूरज प्रकाश
फोटो-- 63
जाटो गेट चौक पर सफाई करने के बाद गंदगी नहीं उठाई। सीवरेज से निकली गंदगी मलबे की तरह जमा है। - पाला राम
फोटो-- 64
भीम द्वार के पास सीवरेज के ढक्कन के साथ सड़क की बजरी भी उखड़ी हुई है। तेज वाहनों के निकलने से बजरी उछलकर दुकान के शीशे पर लगी और शीशा टूट गया। - जोगिंद्र सिंह
फोटो-- 65
सीवरेज के ढक्कन से ठोकर लगने के कारण कई लोग चोटिल हो चुके हैं। रात के समय हादसे की संभावना ज्यादा रहती है। -सुभीर
वर्जन- 71
सीवरेज के ढक्कनों से संबंधित जहां भी समस्या है, उसे दुरुस्त कराया जाएगा। मानसून से पहले सीवरेज की सफाई भी जरूरी है। लोगों को परेशानी नहीं होने देंगे। - अनीश यादव, उपायुक्त