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Karnal News: मंडी के बूथ मालिक आढ़तियों को नहीं देना होगा 15 हजार किराया
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कैथल। नई अनाज मंडी में उन 36 आढ़तियों को राहत मिली है, जिनके बूथ के सामने फीड है। अब उन्हें 15 हजार रुपये फीड का किराया नहीं देना होगा। इन आढ़तियों में से कई आढ़ती यह किराया जमा करवा चुुके हैं। जिस कारण अब इस राशि को वापस ले सकते हैं।
आढ़ती रवि सिंघल ने बताया कि मंडी में कई तरह के बूथ हैं। कुछ बूथों के सामने फीड नहीं है। जिस कारण विभाग ने निर्देश जारी किए थे कि उनसे फीड के लिए 15 हजार रुपये किराया लिया जाए। यदि किराया न दें तो वर्ष 2024 में उनके लाइसेंस रिन्यू न किए जाएं। इस निर्देश के बाद कैथल में मार्केट कमेटी सचिव ने ऐसे आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने उन बूथों के लिए भी लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार कर दिया, जिन बूथों के सामने फीड हैं। इसके लिए आढ़ती सचिव से मिले। सचिव ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद वे सीए से मिले।
सीए ने मौखिक आदेश जारी किए कि जिन बूथों के बाहर फीड हैं, उनसे 15 हजार रुपयेे किराया नहीं लिया जा सकता। इसके बावजूद भी सचिव नहीं माने और कहा कि उनके पास लिखित में निर्देश होंगे, तभी वे ऐसे बूथ संचालकों को राहत दे पाएंगे। आढ़ती फिर से विभाग मुख्यालय जाकर सीए से मिले। सीए ने इस पर कानूनी राय लेकर मार्केट कमेटी सचिव को निर्देश जारी किए कि नीति के अनुसार ऐसे आढ़तियों से 15 हजार रुपया फीड का किराया नहीं बनता, जिनके बूथ के सामने फीड है।
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रवि सिंघल ने बताया कि कैथल अनाज मंडी में ऐसे 36 बूथ मालिक आढ़ती हैं। जिन्हें यह किराया अब नहीं देना होगा। अधिकतर आढ़ती यह किराया जमा करवा चुके हैं। उन्हें भी वापस मिल सकता है। इसके अलावा चीका में भी आढ़ती सालों से यह किराया जमा करवा रहे हैं। उन्हें भी राहत मिलेगी। रवि सिंघल ने कहा कि वे नए निर्देशों के अनुसार सोमवार को अपना लाइसेंस रिन्यू करवाएंगे।
मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि विभाग के जो भी लिखित में निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
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आढ़ती रवि सिंघल ने बताया कि मंडी में कई तरह के बूथ हैं। कुछ बूथों के सामने फीड नहीं है। जिस कारण विभाग ने निर्देश जारी किए थे कि उनसे फीड के लिए 15 हजार रुपये किराया लिया जाए। यदि किराया न दें तो वर्ष 2024 में उनके लाइसेंस रिन्यू न किए जाएं। इस निर्देश के बाद कैथल में मार्केट कमेटी सचिव ने ऐसे आढ़तियों के लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने उन बूथों के लिए भी लाइसेंस रिन्यू करने से इंकार कर दिया, जिन बूथों के सामने फीड हैं। इसके लिए आढ़ती सचिव से मिले। सचिव ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद वे सीए से मिले।
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सीए ने मौखिक आदेश जारी किए कि जिन बूथों के बाहर फीड हैं, उनसे 15 हजार रुपयेे किराया नहीं लिया जा सकता। इसके बावजूद भी सचिव नहीं माने और कहा कि उनके पास लिखित में निर्देश होंगे, तभी वे ऐसे बूथ संचालकों को राहत दे पाएंगे। आढ़ती फिर से विभाग मुख्यालय जाकर सीए से मिले। सीए ने इस पर कानूनी राय लेकर मार्केट कमेटी सचिव को निर्देश जारी किए कि नीति के अनुसार ऐसे आढ़तियों से 15 हजार रुपया फीड का किराया नहीं बनता, जिनके बूथ के सामने फीड है।
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रवि सिंघल ने बताया कि कैथल अनाज मंडी में ऐसे 36 बूथ मालिक आढ़ती हैं। जिन्हें यह किराया अब नहीं देना होगा। अधिकतर आढ़ती यह किराया जमा करवा चुके हैं। उन्हें भी वापस मिल सकता है। इसके अलावा चीका में भी आढ़ती सालों से यह किराया जमा करवा रहे हैं। उन्हें भी राहत मिलेगी। रवि सिंघल ने कहा कि वे नए निर्देशों के अनुसार सोमवार को अपना लाइसेंस रिन्यू करवाएंगे।
मार्केट कमेटी सचिव बसाऊ राम ने कहा कि विभाग के जो भी लिखित में निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।