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Karnal News: मां के कंधे पर हाथ लगने पर कर दी थी कारपेंटर की हत्या, उम्रकैद की सजा

Sun, 01 Mar 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sun, 01 Mar 2026 01:56 AM IST
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Man sentenced to life imprisonment for murdering carpenter after his mother touched his shoulder
करनाल के पृथ्वी विहार निवासी मृतक सुशील उर्फ बबलू की फाइल फोटो।
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडू की अदालत ने जून, 2016 में कारपेंटर सुशील उर्फ बबलू की हत्या के मामले में कर्ण विहार निवासी दोषी सुनील उर्फ मोनू को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। उस पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे सात माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सुनील ने कारपेंटर का हाथ मां के कंधे पर रखे जाने से आहत होकर हत्या की थी।
अदालत ने पीड़ित परिवार की मानसिक पीड़ा और आर्थिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए दोषी को निर्देश दिया है कि वह मृतक सुशील के कानूनी वारिसों को 10 लाख रुपये का मुआवजा दे। अर्थदंड का 50 प्रतिशत हिस्सा भी मुआवजे के रूप में पीड़ित पक्ष को दिया जाएगा। फिलहाल दोषी ने अर्थदंड अदा नहीं किया है।जिला न्यायवादी डॉ. पंकज सैनी ने बताया कि मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी दीपक चौधरी ने की। दीपक चौधरी ने बताया कि घटना 12 जून,2016 की रात की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पृथ्वी विहार में दो लोगों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। पृथ्वी विहार निवासी सुशील उर्फ बबलू की पत्नी मुनेश ने बताया कि उनका पति कारपेंटर का काम करता था। करीब दो माह पहले कर्ण विहार निवासी सुनील उर्फ मोनू उर्फ खीरा के घर काम किया था। काम करते समय ऊपर से नीचे उतरते हुए उनके पति का हाथ सुनील की मां के कंधे पर रख गया था। इस पर झगड़ा हुआ था। उसने जान से मारने की धमकी दी थी। 12 जून की रात को वह अपने घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दाैरान बाइक पर दो युवक आए। सुशील नाम से आवाज लगाई। वह और उनका बेटा आकाश उठ गए। युवकों ने पति बबलू के बारे में पूछा। यह सुनकर उनके पति चारपाई पर बैठ गए तो सुनील ने पिस्ताैल निकालकर छाती में गोली मार दी। इस दाैरान उन्होंने सुनील उर्फ मोनू को पहचान लिया था।
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मामले में सदर थाना पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हत्या के दो दिन बाद ही मन्नू उर्फ गोलू, 20 जून, 2016 को पंकज उर्फ पंखा निवासी विकास काॅलोनी और 29 नवंबर 2016 को मुख्य आरोपी सुनील उर्फ मोनू उर्फ खीरा को यमुनानगर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने देसी पिस्टल से गोली मारकर बबलू की हत्या की थी। वारदात में प्रयोग की गई पिस्टल को यमुनानगर पुलिस ने बरामद कर लिया। शुक्रवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडू की अदालत ने जून 2016 में कारपेंटर सुशील उर्फ बबलू की हत्या के मामले में कर्ण विहार निवासी दोषी सुनील उर्फ मोनू को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है।
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सुनील से लेने से 60 हजार रुपये
बबलू की पत्नी मुनेश का आरोप था कि उनके पति की मजदूरी के 60 हजार रुपये बने थे। उन्होंने मांगे तो उसने कहा था कि जब आप नया मकान बनाओगे तो दे दूंगा। पति का हाथ सुनील की मां के कंधे पर गलती से लगा था। इस पर उसने मां से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर रुपये देने से मना कर दिया था।

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मजदूरी कर पाल रही तीन बच्चों का पेट
मुनेश ने बताया कि उनके तीन बच्चे बेटा आकाश, बेटी आरती और गुंजन हैं। वह मजदूरी करके और सीजन में मंडी में साफ-सफाई का काम करके बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। दोषी को सजा तो मिल गई, लेकिन उनके जीवनभर का सहारा हमेशा के लिए चला गया। पति की हत्या के बाद से उन्हें आर्थिक मदद की दरकार है। सरकार या अन्य कहीं से उन्हें कोई सहायता नहीं मिली है।

करनाल के पृथ्वी विहार निवासी मृतक सुशील उर्फ बबलू की फाइल फोटो।

करनाल के पृथ्वी विहार निवासी मृतक सुशील उर्फ बबलू की फाइल फोटो।

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