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खेल पुरस्कार लेने के लिए महाराष्ट्र के खिलाड़ी पर फर्जीवाड़े का आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Nov 2021 02:21 AM IST
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Maharashtra player accused of forgery to get sports award
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। हरियाणा की खेल प्रोत्साहन नीति के तहत 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार लेने के लिए महाराष्ट्र के एक खिलाड़ी पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है। आरोप है कि 2018 में पैरा एशियन गेम्स (इंडोनेशिया) में कांस्य पदक विजेता कोल्हापुर (महाराष्ट्र) के मूल निवासी तैराक स्वपनिल संजय पाटिल ने पुरस्कार की राशि पाने के लिए अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जीवाड़ा किया।
उसने पहले करनाल से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड व हरियाणा का मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाया। इसके बाद इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जिला खेल विभाग के माध्यम से 2 करोड़ का पुरस्कार लेने के लिए खेल अधिकारी की सिफारिश के साथ सरकार को फाइल भेज दी। लेकिन विभाग ने शक होने के कारण अभी तक इनाम राशि जारी नहीं की है।
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बुधवार को मानव सेवा संघ में आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजों के आधार पर फर्जीवाड़े की जानकारी दी। आरोप है कि दिसंबर 2019 में तत्कालीन डीसी के आदेश पर हुई जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बावजूद मामले को दबा दिया गया। अब इस मामले में उन्होंने आईजी करनाल रेंज व एसपी को आरटीआई में मिले सबूतों सहित शिकायत भेजी है।
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दस्तावेजों में यह गड़बड़ी का आरोप
पीपी कपूर और एडवोकेट राजेश शर्मा का आरोप है कि नगर निगम करनाल द्वारा जारी तैराक खिलाड़ी के जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व पुणे महाराष्ट्र से बने पासपोर्ट के मुताबिक जन्म तिथि 6 जनवरी 1998 है। जबकि जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी करनाल द्वारा 6 जुलाई 1995 को जारी राशन कार्ड में स्वपनिल संजय पाटिल का नाम दर्ज है। यानी जन्म से 3 वर्ष पहले ही राशन कार्ड में नाम आ गया। इसके अलावा आरोप है कि निदेशक खेल विभाग हरियाणा की मांग पर नवंबर 2019 में तत्कालीन डीसी ने एसपी करनाल से इस फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट तलब की थी। एसपी ने जांच करवा दिसंबर 2019 में डीसी को रिपोर्ट भेजी थी। पुलिस ने इस जांच में स्वपनिल संजय पाटिल को पश्चिम बंगाल का मूल निवासी बताया, जबकि पासपोर्ट दस्तावेज के अनुसार वह कोल्हापुर (महाराष्ट्र) का मूल निवासी है। जांच रिपोर्ट में बताया कि खिलाड़ी 2018 में सिर्फ 9-10 महीने तक सुभाष नगर करनाल में किराये पर रहा।
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