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महाराणा प्रताप सांस्कृतिक चेतना की पहचान : कुलपति
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में वीरवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनकी जयंती न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कहा कि हमारे विश्वविद्यालय का नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के नाम पर रखा गया है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास के साथ जोड़ना है।
छात्र कल्याण निदेशक प्रो. रंजन गुप्ता ने महाराणा प्रताप के विचारों और आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए छात्रों को प्रेरित किया। डीन, पीजीएस और निदेशक अनुसंधान डॉ. धर्मपाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार सुरेश सैनी सहित वैज्ञानिक व स्टाफ मौजूद रहा।
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करनाल। महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय में वीरवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। उनकी जयंती न केवल एक उत्सव है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही कहा कि हमारे विश्वविद्यालय का नाम वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के नाम पर रखा गया है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास के साथ जोड़ना है।
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छात्र कल्याण निदेशक प्रो. रंजन गुप्ता ने महाराणा प्रताप के विचारों और आदर्शों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए छात्रों को प्रेरित किया। डीन, पीजीएस और निदेशक अनुसंधान डॉ. धर्मपाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार सुरेश सैनी सहित वैज्ञानिक व स्टाफ मौजूद रहा।
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