फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Lost lakhs in the trap of fraudsters

Karnal News: ठगों के जाल में फंस गंवाए लाखों

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 11 Oct 2024 05:47 AM IST
विज्ञापन
Lost lakhs in the trap of fraudsters
- पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद नहीं रुक रहीं वारदात
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बावजूद लोग ठगों के जाल में फंसकर लाखों रुपये गंवा रहे हैं। वहीं पुलिस आरोपियों को पकड़ने में लाचार साबित हो रही है। वीरवार को ऐसे ही सात मामले साइबर क्राइम थाने में आए हैं। जिसमें ठगों ने लोगों के बैंक खातों से एक करोड़ चार लाख 69 हजार रुपये निकाल लिए हैं। इन सभी लोगों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं।

केस-1
जानकार बनकर की धोखाधड़ी
इंद्रगढ़ गांव निवासी रामधन ने बताया कि उसका पीएनबी में उसकी बेटी के साथ ज्वाइंट खाता है। खाते को उसका बेटा अपने मोबाइल नंबर से यूपीआई चलाता है। 28 अगस्त की शाम तीन बजे उसके बेटे के पास एक कॉल आई। जिसमें मनोज नाम के व्यक्ति ने बात की। उसने कहा कि आपके पिता रामधन को वह जानता है। आरोपी मनोज ने बताया कि वह आईटीआई करनाल में स्टाफ मेंबर है। अभी उसका ट्रांसफर हुआ है। उसने कहा कि आपके पिता को मैंने तीन हजार रुपये देने थे। मैंने गलती से 30 हजार रुपये भेज दिए हैं। जिसकी रसीद मोबाइल पर भेज दी है। उसके बेटे ने कहा कि अभी रुपये से संबंधित कोई मैसेज नहीं आया है। इसके बाद उसने कहा कि वह स्क्रीन शॉट भेज रहा है। उस पर गिफ्ट वाउचर लिख देना और अपना यूपीआई डाल देना। इससे रुपये आ जाएंगे। लेकिन उल्टा 19891 रुपये कट गए।
विज्ञापन


केस-2
मुनाफा कमाने का दिया लालच
बसताड़ा गांव निवासी मेघराज ने बताया कि उसके पास एक इशानी मेहता के नाम से कॉल आया। जिसमें उसने बताया कि उसकी कंपनी स्टॉक मार्केट कंपनी में निवेश करवाती है। उसके बाद उन्होंने उसके व्हटसएप पर लिंक भेजा और अपनी कंपनी की एप डाउनलोड कराई। उसके बाद उन्होंने अपने अलग-अलग बैंक खाते में रुपये डलवाए। उसने कुल 3 लाख 58 हजार 400 रुपये डाले। इसके बाद उस कंपनी के व्यक्ति ने उसके रुपये वापस नहीं दिए और न ही मुनाफा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन



केस-3
बैंक खाते से ट्रांसफर कर ली नकदी
पटहेडा गांव निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि उसका बैंक खाता पीएनबी इंद्री शाखा में है। उसके एक खाते से उसकी जानकारी के बिना 91 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए और दूसरे अकाउंट की 18 लाख रुपये की एफडी पर बिना किसी कागजी कार्रवाई के नौ लाख रुपये का लोन लेकर दूसरे के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसकी भी जानकारी उसे नहीं है। यह जानकारी उसे बैंक से प्राप्त हुई है। साइबर ठग ने उसके 9 लाख 91 हजार रुपये उसके बैंक खाते से ट्रांसफर कर लिए हैं।

केस-4
शेयर बाजार में निवेश के बहाने लगाई चपत
चौरा गांव निवासी रिंकू ने बताया कि उसके भाई प्रिंस के पास उसकी इंस्टाग्राम आईडी से कलर ट्रेडिंग नाम की आईडी से मैसेज आया कि आप प्लेनेक्स विड्रॉ एप को डाउनलोड कर लो। इससे आपका फायदा होगा। इस कारण उसके भाई ने यह एप डाउलोड कर ली। इस एप से कोड और ओटीपी आया। उसने वह ओटीपी उस एप में भर दिया। पांच सितंबर को उसके पिता के अकाउंट से पहले 100 फिर 200 रुपये कटने लगे। 16 सितंबर से उसके पिता के खाते से एक लाख रुपये कटने लगे। आरोपियों ने उसके भाई व उसके पिता के खाते से कुल 10 लाख 93 हजार 180 रुपये काट लिए हैं। यह रुपये शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगे गए हैं।

केस-5
रकम दोगनी करने का दिया झांसा
पृथ्वी विहार निवासी गुरमीत सिंह ने बताया कि 28 जुलाई को ब्लैक रॉक नाम से एक मैसेज आया। उन्होंने उसे एक ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा और इसी नाम से एक एप पर उसका अकाउंट बनवाया। जिसमें रुपये डाल सकें। उन्होंने बताया कि उनकी भारत में गुरुग्राम, मुंबई आदि जगहों पर शाखाएं हैं। उसने सात अगस्त को 50 हजार रुपये से शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने उसे इंडियन फास्फेट नामक आईपीओ दिया। जिसमें उसके रुपये लगवाए थे। उसके बेचने के बाद उन्होंने उसे वह रुपये वापस देने के लिए प्लेट फार्म फीस भरने के लिए कहा तो वह भी भर दी। उसके बाद 15 प्रतिशत आयकर के रूप में व पांच प्रतिशत लोकल टैक्स भरने के लिए कहा ताकि वह रुपये उसके खाते में आ सकें। इसके बाद भी उन्होंने उसके रुपये वापस नहीं किए और उसकी एप को बैन कर दिया और ग्रुप में भी उसे ब्लॉक कर दिया। ठगों ने उसके साथ 56 लाख 47 हजार 791 रुपये की धोखाधड़ी की है।

केस-6
दस्तावेजों को दुरुपयोग कर लिया लोन
सेक्टर-7 निवासी आशीष गुप्ता ने बताया कि 26 सितंबर को आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से मोहित शर्मा उसके घर आए। कहा कि आपके लोन की बकाया किस्त है। उसका भुगतान कर दें। यह जानकर उसे आश्चर्य हुआ क्योंकि इस बैंक से उसने कोई लोन ही नहीं लिया है। इसके बाद उसने बैंक के लोन डिपार्टमेंट में जाकर जानकारी ली तो बैंक की ओर से उसे लोन में प्रयोग किए गए दस्तावेज दिखाए। जिसमें उसके दस्तावेजों को किसी ने गलत प्रयोग किया है क्योंकि उसने लोन लिया ही नहीं है और न ही उसके पास कोई मेल आई और न ही कोई अन्य जानकारी। आरोपी ने उसके दस्तावेजों को गलत प्रयोग कर 4 लाख 98 हजार 771 का लोन लिया है।


केस-7
ऑनलाइन व्यापार के नाम पर 18.60 लाख हड़पे
शिकायत में आर्यपुरम निवासी नीलम ने बताया कि उसके पास आईआईएफएल के प्रतिनिधि के रूप में व्हाट्सएप पर संदेश मिला कि आईआईएफएल एप डाउनलोड करें और उस एपीपी के माध्यम से विश्व प्रतियोगिता और ट्रेडिंग में भाग लें। उन्हें अंकुर केडिया के पक्ष में मतदान करना था। उन्होंने उसके एप से उस ट्रेडिंग में भाग लिया और अलग-अलग खातों में रुपये जमा कराए जो 18 लाख 60 हजार रुपये थे। आरोपी अब उसकी यह रकम वापस नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed