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43. गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठा भगवान कृष्ण ने तोड़ा इंद्र देव का अभिमान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 02:42 AM IST
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Lord Krishna broke the pride of Indra Dev by lifting the Govardhan mountain on his finger
करनाल। चौड़ा बाजार में श्री जी राधा रानी ग्रुप और श्री श्याम सलोना कीर्तन मंडल की ओर से श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन बड़ी संख्या में पहुंचे। आचार्य शिव कृष्ण ने बताय कि एक बार इंद्रदेव को अभिमान हो गया, तब लीलाधारी श्री कृष्ण ने एक लीला रची और गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर इंद्रदेव का अभिमान तोड़ा।
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श्री कृष्ण ने देखा कि सभी ब्रजवासी तरह-तरह के पकवान बना रहे हैं पूजा का मंडप सजाया जा रहा है और सभी लोग सुबह से ही पूजन की सामग्री एकत्रित करने में व्यस्त हैं। तब श्रीकृष्ण ने यशोदा जी से पूछा, मईया ये आज सभी लोग किसके पूजन की तैयारी कर रहे हैं, इस पर मईया यशोदा ने कहा कि पुत्र सभी ब्रजवासी इंद्र देव के पूजन की तैयारी कर रहे हैं। तब कन्हैया ने कहा कि सभी लोग इंद्रदेव की पूजा क्यों कर रहे हैं, तो माता यशोदा कहती हैं कि इंद्रदेव वर्षा करते हैं और जिससे अन्न की पैदावार अच्छी होती है और हमारी गायों को चारा प्राप्त होता है।
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तब श्रीकृष्ण ने कहा कि वर्षा करना तो इंद्रदेव का कर्तव्य है। यदि पूजा करनी है तो हमें गोवर्धन पर्वत की करनी चाहिए, क्योंकि हमारी गायें तो वहीं चरती हैं और हमें फल फूल, सब्जियां आदि भी गोवर्धन पर्वत से प्राप्त होती हैं।
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इसके बाद सभी ब्रजवासी इंद्र देव की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे। इस बात को देवराज इंद्र ने अपना अपमान समझा और क्रोध में आकर मूसलाधार बारिश शुरू कर दी, जिससे हर ओर त्राहि-त्राहि होने लगी। सभी अपने परिवार और पशुओं को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। तब ब्रजवासी कहने लगे कि यह सब श्रीकृष्ण की बात मानने के कारण हुआ है अब हमें इंद्र देव का कोप सहना पड़ेगा। इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव का अहंकार दूर करने और सभी ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया। तब सभी ब्रजवासियों ने गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण ली। इसके बाद इंद्रदेव को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण से क्षमा याचना की।

नग्न अवस्था में स्नान से लगता पाप
आचार्य शिव कृष्ण ने बताया कि स्त्री हो या पुरुष, कभी भी नग्न अवस्था में स्नान नहीं करना चाहिए, इससे पाप लगता है। वहीं शिव कृष्ण के भजन तेरी मुरली की धुन सुनकर मैं बरसाने में आई हूं पर श्रद्धालु झूम उठे। इस अवसर पर पंकिल, धनश्याम, अमूल गुप्ता, अनिल गुप्ता, लक्ष्य गुप्ता, पूजा, नंदनी, दर्शना, मोनिका, बबीता, गगन मौजूद रहे।
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