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हर बार की तरह घटना के बाद जागता है प्रशासन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 02:12 AM IST
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Like every time, the administration wakes up after the incident.
संवाद न्यूज एजेंसी
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घरौंडा। जब तक कुट्टू का आटा, मिलावटी खाद्य सामग्री खाने से लोगों की तबीयत नहीं बिगड़ती, तब तक खाद्य एवं सुरक्षा विभाग या स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सक्रिय नहीं होता। हालांकि होली के समय विभाग ने पहले ही एक-दो स्थानों पर छापामारी की, लेकिन नवरात्र पर विभाग निष्क्रिय रहा। परिणाम यह हुआ कि कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन समय रहते कुट्टू के आटे के सैंपल लेता तो लोग बीमार नहीं होते। इस घटना से दुकानदारों में भी हड़कंप मचा है।
जांच करानी चाहिए
ग्रामीण सतपाल राणा ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल चल रहा है, प्रशासन को त्योहारों से पहले ही खाद्य सामग्री की जांच करानी चाहिए। ग्रामीण जितेंद्र ने कहा कि दुकानों पर दुकानदार पुरानी खाद्य सामग्री का स्टोर कर लेते हैं, जोकि लोगों के लिए घातक साबित होता है।
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हलका खाना लेना चाहिए
व्रत रखने वालों को दिन में हल्का आहार लेना चाहिए। जैसे ताजे फ्रूट, जूस, नारियल का पानी जिससे कोई बीमार न हो।
- डॉ जितेंद्र सिंह
ऐसे करें कुट्टू के आटे की पहचान
एक दुकानदार ने बताया कि कुट्टू का आटा कुट्टू के बीज को पीसकर बनाया जाता है। एक किलोग्राम बीज से 700 ग्राम के करीब ही आटा बनता है। ऐसे में कई बार दुकानदार इस आटे में शामक का आटा मिला देते हैं। यह आटा महाराष्ट्र से आता है। वहीं, असम में कुट्टी के बीज का भी आटा बनाया जाता है। यह बीज अरहर की दाल के नीचे अपने आप उग जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होते। सस्ता मिलने के कारण दुकानदार कई बार कुट्टी के बीजों का आटा कुट्टू के आटे में मिला देते हैं। असली कुट्टू के आटे का रंग भूरा होता है और कुट्टी के बीज का आटा काले रंग का होता है। कुट्टी के बीज के आटे में हलका कड़वापन भी होता है। खरीदने से पहले यह जांच लें।
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मरीज ये करें उपाय
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर अजय ने बताया कि उल्टी आने पर मरीज को तुरंत ओआरएस नहीं देना चाहिए। पहले उल्टी को कंट्रोल करना चाहिए। इसके बाद दिन में ज्यादा भारी खाद्य सामग्री नहीं खानी चाहिए और फास्ट फूड से बचना चाहिए।

विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की गहनता से जांच की जाए। अगर किसी भी दुकानदार की दुकान पर खामी पाई जाए तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अजय सिंह, एसडीएम घरौंडा
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