फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   light cut in government school

सीएम आवास के समीप सरकारी स्कूल में अंधेरे में पढ़ते हैं बच्चे, बिजली बिल न भरने से कटा हुआ है कैनेक्शन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Dec 2019 02:30 AM IST
विज्ञापन
light cut in government school
प्रेम नगर सरकारी स्कूल में बच्चे अंधेरे में पढ़ने को मजबूर हैं। कारण बिजली का बिल नहीं भरने के कारण यहां का बिजली कनेक्शन निगम ने काटा हुआ है। स्कूल में बिजली न होने के कारण कंप्यूटर लैब भी बंद है तो वहीं स्कूल के अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। गर्मियों में तो बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ा लिया जाता था, लेकिन अब बढ़ती ठंड के कारण बच्चों को अध्यापक बाहर नहीं बैठा सकते। वहीं, क्लास रूम में बिजली न होने के कारण अंधेरा रहता है। बच्चों को न अपनी किताबों में कुछ दिखाई देता है तो वहीं न ही अध्यापक द्वारा ब्लैक बोर्ड पर लिखा हुआ। ऐसे में करीब 550 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस ओर न जिला प्रशासन का ध्यान है और न ही शिक्षा विभाग का।
विज्ञापन

दो साल से पेंडिंग है करीब 3.25 लाख रुपये बिल
प्रेम नगर के सरकारी स्कूल का बिजली बिल करीब दो साल से पेंडिंग है जो करीब 3.25 लाख है। बिजली का बिल न भरने के कारण बच्चों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। स्कूल की तरफ से बकाया बिल को लेकर कई बार आला अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकाला गया।
विज्ञापन

सीएम वोट डालने आये थे तो चालू कर दिया था कनेक्शन
बिजली निगम ने कई महीने पहले ही बिजली का कनेक्शन काट दिया था, लेकिन चुनाव के दौरान उन्होंने 15 दिन के लिये बिजली का कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया था क्योंकि सीएम मनोहर लाल का वोटिंग बूथ इसी स्कूल में है। वह इस स्कूल में वोट डालने आये थे। इस कारण बिजली निगम ने स्कूल का बिजली कनेक्शन 15 दिन के लिये जोड़ दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनरेटर से तेल डालकर चलाते हैं कुछ समय के लिये
अध्यापकों का कहना है कि वह खुद रुपये एकत्रित कर जनरेटर में तेल डालकर कुछ समय के लिये चलाते हैं। जिससे स्कूल में कंप्यूटर चलाकर पेंडिंग बिल सहित अन्य कार्य कर लेते हैं। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी को भी पता है लेकिन जब बजट आयेगा तभी बिल भरा जायेगा।

यह स्कूल स्तर का मामला है। बजट आने के बाद ही बिजली का बिल भरा जा सकेगा। इस बारे में वह प्रिंसिपल से दोबारा बात करेंगे। साथ ही कोशिश करेंगे कि जल्द ही विद्यार्थियों की समस्या का समाधान हो सके।-चंद्रेश विज, बीईओ करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed